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हत्या के बाद वृद्धा के हाथों से उतार लिया था कंगन

Thu, 26 Jul 2018 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 26 Jul 2018 01:24 AM IST
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The bracelet was removed from the hands of the old man after the murder
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
थरवई के हरिरामपुर में हुए डबल मर्डर में दिन भर की जांच के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। कातिलों ने जिस तरह से हत्या के बाद वृद्धा के हाथों से चांदी के गहने और बहु के नाकों की कील निकाली है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे कितने क्रूर थे। पुलिस को शक है कि घटना में इलाके के नशेड़ियों का हाथ हो सकता है, इस कारण करीब आधा दर्जन स्मैकियों को उठाया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही स्टेशनों और आस पास के इलाकों को भी खंगाला गया है।
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हरिरामपुर निवासी चंद्रकेश पटेल दो भाइयों में छोटा है। बड़े भाई राम भजन उसके पुराने घर से तकरीबन डेढ़ सौ मीटर दूर रहते हैं। चंद्रकेश और सोना देवी के बच्चे माधुरी (17), फोटो (13), कुलदीप (11), कुट्टू (8) और गोरे (7) उन्हीं के घर पर सोते थे। सोना देवी और उसकी सास गोमती देवी पुराने घर में रहती थीं। चंद्रकेश फाफामऊ में बंसल चटनी मिल में काम करता था। दो साल पहले उसके साथ लूट हो गई थी। इसके बाद से वह रात में घर नहीं जाता था। तड़के घर पहुंचता था। मंगलवार की रात भी वह मिल में था। पुराने घर पर सोना देवी और गोमती देवी बरामद में सोई थीं। देर रात उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई। पुलिस की जांच में पता चला है कि बदमाशों ने गोमती देवी के हाथों से चांदी के कंगन और सोना देवी की नाक से सोने की कील निकाली थी। इसके अलावा दो कमरों का ताला तोड़कर उन्हें खंगाला गया था।
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पुलिस का कहना है कि एफआईआर में भले ही लाखों की लूट दर्शाई गई है लेकिन दोनों कमरों में बहुत कुछ नहीं था। जो भी था, बदमाश उठा ले गए हैं। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि दिन में परिवार वालों और गांव वालों से जितनी जानकारी मिली है, परिवार का किसी से जमीन या और कोई विवाद नहीं चल रहा था। परिवार के सदस्यों के मोबाइल कॉल डीटेल्स निकलवाई जा रही हैं। प्रथम दृष्टया में नशेड़ियों पर शक है। इलाके के करीब आधा दर्जन स्मैकियों को उठाया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा जितने भी एंगल हो सकते हैं, सबको खंगाला जा रहा है। बुधवार को परिवार वाले बात करने की स्थिति में नहीं थे। इस कारण अंतिम संस्कार के बाद गुरुवार को उनसे पूछताछ की जाएगी।
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उठने का मौका नहीं दिया, बिस्तर पर पड़ी थीं लाशें
इलाहाबाद। थरवई में सास-बहु के हत्यारों ने उन्हें उठने का मौका तक नहीं दिया था। घर में घुसते ही दोनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। दोनों के गले में धारदार हथियार के निशान हैं। इसके अलावा शरीर पर जगह जगह चोट के निशान हैं। सोना और गोमती देवी बिस्तर से उठ नहीं पाई थीं। उन्हें वहीं मार दिया गया था। इसके बाद लूट की गई।

घुमंतू गिरोह भी पुलिस के निशाने पर, रेलवे स्टेशनों पर तलाश
इलाहाबाद। बदमाशों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है, उससे घुमंतू गिरोहों पर भी शक जताया जा रहा है। जिस नृशंसता से दोनों को मारा गया, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घुमंतू गिरोह भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। कत्ल की मोडस ओपरेंडी बिल्कुल घुमंतू गिरोहों वाली लग रही है। घर के पास ही छोटा रेलवे स्टेशन है। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक घुमंतू गिरोह स्टेशनों के आस पास ही डेरा डालते हैं। घटना के बाद भाग निकलते हैं। बुधवार को थरवई के आस पास के स्टेशनों को खंगाला गया। वहां बाहर रहने वाले घुमंतुओं से भी पूछताछ की गई।

दुश्मनी का एंगल भी खंगाल रही पुलिस
इलाहाबाद। सोना देवी और गोमती देवी की हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया में हत्या के कारण को लूट माना जा रहा है लेकिन सूत्रों के मुताबिक मामला कुछ और भी हो सकता है। इस बात की भी संभावना है कि दोनों का मर्डर किया गया हो और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए गहने उतारकर कमरों के ताले तोड़े गए हों। पुलिस ने परिवार में जितने भी मोबाइल हैं, सबके नंबर ले लिए हैं। उनके कॉल डीटेल्स निकलवाए जा रहे हैं। हो सकता है कि काल डीटेल्स से हत्यारों का कोई सुराग मिल जाय।


मां-दादी की हत्या से बच्चे स्तब्ध, दिन भर रोते रहे
इलाहाबाद। मां-दादी की हत्या से चंद्रकेश पटेल के बच्चे स्तब्ध रह गए। वह सुबह उठते, उससे पहले सोना देवी उनके पास पहुंच जाती थी। बुधवार को जब सुबह छह बजने के बाद भी जब वह नहीं आई तो बच्चे पुराने घर पहुंच गए। वहां मां सोना देवी और दादी गोमती देवी की खून सनी लाशें पड़ी थीं। बच्चे स्तब्ध रह गए। वह ताऊ को बुलाने भागे। पूरा गांव इकट्ठा हो गया। माधुरी, फोटो, कुलदीप, कुट्टू और गोरे को परिवार वाले दिन भर सांत्वना देते रहे लेकिन उनके आंसू नहीं रुक रहे थे। बच्चे बुरी तरह से डरे हुए थे।
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