{"_id":"d1b7b2e4f5acd3ec56fe17731d647ddb","slug":"the-bike-took-third-grade-student-life-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरी कक्षा की छात्रा की बाइक ने ली जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीसरी कक्षा की छात्रा की बाइक ने ली जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 21 Oct 2015 01:41 AM IST
विज्ञापन
सहसों (इलाहाबाद)। सरायइनायत इलाके में सहसों बाइपास पर मंगलवार सुबह स्कूल जा रही कक्षा तीन की छात्रा की तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से मौत हो गई। त्योहारों के बीच इस दुखद घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सहसों के पास मजरा इनायतपुर की रहने वाले रमाशंकर भारतीय की बेटी सपना स्थानीय स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। वह मंगलवार सुबह दस बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह कुछ ही दूर गई थी तभी तेज रफ्तार से गुजरी बाइक ने उसे जबरदस्त टक्कर मार दी। आसपास के लोग वहां भागकर आए लेकिन सिर में तेज टक्कर की वजह से सपना की सांस थम चुकी थी। बाइक सवार व्यक्ति भी भाग गया।
पता चला तो सपना के परिवार के लोग भी रोते-कलपते आ गए। वह तीन बहनों में छोटी होने की वजह से मां-बाप की दुलारी थी। पिता रमाशंकर मजदूरी कर परिवार का गुजारा करने के साथ ही बेटियों को पढ़ाता है। नवरात्र के दौरान सपना की मृत्यु ने सबको गमगीन कर दिया है। मां कुलवासी देवी तो बेटी का शव देख रोने-चीखने लगी। उसे किसी तरह काबू में कर घर ले जाया गया। घरवालों ने बेटी का शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजने की मांग की लेकिन पुलिस ने कहा कि ये जरूरी है। आखिर में परिजनों ने भी हामी भर दी तो पुलिस ने शव सील किया। बाइक से टक्कर मारने वाले का पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहसों के पास मजरा इनायतपुर की रहने वाले रमाशंकर भारतीय की बेटी सपना स्थानीय स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। वह मंगलवार सुबह दस बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह कुछ ही दूर गई थी तभी तेज रफ्तार से गुजरी बाइक ने उसे जबरदस्त टक्कर मार दी। आसपास के लोग वहां भागकर आए लेकिन सिर में तेज टक्कर की वजह से सपना की सांस थम चुकी थी। बाइक सवार व्यक्ति भी भाग गया।
विज्ञापन
पता चला तो सपना के परिवार के लोग भी रोते-कलपते आ गए। वह तीन बहनों में छोटी होने की वजह से मां-बाप की दुलारी थी। पिता रमाशंकर मजदूरी कर परिवार का गुजारा करने के साथ ही बेटियों को पढ़ाता है। नवरात्र के दौरान सपना की मृत्यु ने सबको गमगीन कर दिया है। मां कुलवासी देवी तो बेटी का शव देख रोने-चीखने लगी। उसे किसी तरह काबू में कर घर ले जाया गया। घरवालों ने बेटी का शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजने की मांग की लेकिन पुलिस ने कहा कि ये जरूरी है। आखिर में परिजनों ने भी हामी भर दी तो पुलिस ने शव सील किया। बाइक से टक्कर मारने वाले का पता नहीं चल सका।
विज्ञापन