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छुट्टियां बिता दस दिन पहले ही कॉलेज लौटा था हर्षित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:40 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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गाजियाबाद के एबीईएस कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र हर्षित 17 जुलाई को छुट्टियां बिताकर कॉलेज लौटा था। तब घरवालों ने उसे हंसी-खुशी रवाना किया था। उन्हें इस बात का एहसास तक नहीं था जिगर के टुकड़े को दोबारा खिलखिलाते हुए नहीं देख पाएंगे। बुधवार सुबह घरवालों को हर्षित की मौत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए।
मालवीय नगर के रहने वाले हाईकोर्ट वकील विजय कुमार श्रीवास्तव के हर्षित के अलावा एक बेटी रूपम, छोटा बेटा झलक हैं। बड़ा बेटा हर्षित गाजियाबाद के एबीईएस कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था। सेकेंड सेमेस्टर के एग्जाम के बाद कॉलेज में छुट्टी होने पर घर आया था। 17 जुलाई को वह लौटा। बुधवार सुबह जब उसकी मौत की खबर घरवालों को मिली तो उन्हें सहसा यकीन ही नहीं हुआ। वे हर्षित के दोस्तों को फोनकर असलियत जानने की कोशिश करने लगे लेकिन उन्हें हर तरफ से आहत करने वाली खबर ही मिली। बड़े बेटे की मौत ने पिता विजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी शिक्षिका रेखा को तोड़ कर रख दिया है।
हर्षित बीएचएस से पढ़ा था। वह बॉस्केट बाल का अच्छा खिलाड़ी था। अपनी टीम का कैप्टन रहा। हर्षित की मौत की खबर शहर में उसके दोस्तों को हुई तो वे सदमे में आ गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि उनका साथी अब उनके बीच नहीं रहा।
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मालवीय नगर के रहने वाले हाईकोर्ट वकील विजय कुमार श्रीवास्तव के हर्षित के अलावा एक बेटी रूपम, छोटा बेटा झलक हैं। बड़ा बेटा हर्षित गाजियाबाद के एबीईएस कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था। सेकेंड सेमेस्टर के एग्जाम के बाद कॉलेज में छुट्टी होने पर घर आया था। 17 जुलाई को वह लौटा। बुधवार सुबह जब उसकी मौत की खबर घरवालों को मिली तो उन्हें सहसा यकीन ही नहीं हुआ। वे हर्षित के दोस्तों को फोनकर असलियत जानने की कोशिश करने लगे लेकिन उन्हें हर तरफ से आहत करने वाली खबर ही मिली। बड़े बेटे की मौत ने पिता विजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी शिक्षिका रेखा को तोड़ कर रख दिया है।
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हर्षित बीएचएस से पढ़ा था। वह बॉस्केट बाल का अच्छा खिलाड़ी था। अपनी टीम का कैप्टन रहा। हर्षित की मौत की खबर शहर में उसके दोस्तों को हुई तो वे सदमे में आ गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि उनका साथी अब उनके बीच नहीं रहा।
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