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टेंपो में गैंगरेप के बाद हुई थी किशोरी की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 26 Dec 2014 01:49 AM IST
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इलाहाबाद। मीरापुर में एमएल कान्वेंट के बाहर मानसिक रूप से कमजोर दलित किशोरी की गैंगरेप के बाद हत्या की गुत्थी सुलझने लगी है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने यह पता लगा लिया है कि किशोरी की रेप के बाद हत्या टेंपो के भीतर ही की गई थी। किशोरी को टेंपो में ले जाने वाले युवक की पहचान भी कर ली गई है। घटना के बाद से संदिग्ध युवक मोबाइल फोन बंद करके फरार है। वह अतरसुइया थाना क्षेत्र का ही है। अतरसुइया पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी युवक की तलाश में लगा दिया गया है।
संदिग्ध युवक का नाम सूरज है और वह अतरसुइया क्षेत्र का ही रहने वाला है। बढ़ई का काम करने वाला सूरज पहले भी किशोरी के साथ देखा गया है। आधी रात के बाद वह किशोरी को टेंपो में ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। अभी यह नहीं पता चल सका है कि उसके साथ और कितने लोग शामिल थे। पुलिस ने फुटेज किशोरी के साथ अक्सर देखी जाने वाली दो युवतियों को भी दिखाई थी।
दोनों युवतियों से अतरसुइया थाने में कई घंटे पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक युवक तो टेंपो से निकलते दिखा है लेकिन किशोरी नहीं। उसकी मौत टेंपो में ही हुई थी। सुबह जब टेंपो के मालिक ने शव देखा तो डर गया। झमेले से बचने के लिए उसने शव को निकाला और दो टेंपो के बीच में रख दिया। सूरज तो फरार है लेकिन उसके कई करीबियों तक पुलिस पहुंच गई है। पूछताछ के लिए कई लोगों को थाने पर बैठाया गया है।
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‘मामले की जांच में क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया गया है। कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’ भगवान स्वरूप, डीआईजी
मीरापुर में दलित युवती की गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार को मीरापुर सब्जी मंडी के पास दूसरे दिन भी चक्का जाम किया और दुकानों को बंद करा दिया। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोहल्ले के लोगों ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है।
छात्रों के आंदोलन शुरू करने के बाद सियासी दल भी इसमें कूद पड़े हैं। बृहस्पतिवार को कांग्रेस के साथ ही भाजपा के नेता भी चक्काजाम और धरने में शामिल हुए तथा पुलिस प्रशासन को जमकर कोसा। राजनीतिक रोटियां सेंकने की भी जमकर कोशिश की गई। कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद हरीश त्रिपाठी ने जन प्रतिनिधियों पर इस मामले की अनदेखी का आरोप लगाया तो यह भी कहा कि पुलिस पीड़ित परिवार पर बयान बदलने का दबाव डाल रही है। ऐलान किया गया कि अगर 48 घंटे के भीतर सभी दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो बाजार बंद कर एसपी सिटी के दफ्तर के बाहर धरना दिया जाएगा।
इस मौके पर भाजपा नेता उदय प्रताप सिंह, पार्षद संजय गुप्ता, नफीस अनवर, राजेश गुप्ता, परवेज अख्तर अंसारी, निर्मल तिवारी, शिवशंकर निषाद, गुड्डू यादव, राजू खरे, अज्जू मालवीय, अमिताभ तिवारी, त्रिभुवन सिंह, विजय शर्मा, बब्लू पांडेय, भोला शुक्ला आदि मौजूद रहे।
आंदोलन में राजनीतिक दलों के कूद पड़ने से छात्र भड़के हुए हैं। छात्र नेता संदीप सिंह पटेल ने कहा है कि दल सियासी लाभ पाने के लिए धरने पर बैठे हैं। उनकी पीड़ित परिवार से कोई सहानुभूति नहीं।
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संदिग्ध युवक का नाम सूरज है और वह अतरसुइया क्षेत्र का ही रहने वाला है। बढ़ई का काम करने वाला सूरज पहले भी किशोरी के साथ देखा गया है। आधी रात के बाद वह किशोरी को टेंपो में ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। अभी यह नहीं पता चल सका है कि उसके साथ और कितने लोग शामिल थे। पुलिस ने फुटेज किशोरी के साथ अक्सर देखी जाने वाली दो युवतियों को भी दिखाई थी।
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दोनों युवतियों से अतरसुइया थाने में कई घंटे पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक युवक तो टेंपो से निकलते दिखा है लेकिन किशोरी नहीं। उसकी मौत टेंपो में ही हुई थी। सुबह जब टेंपो के मालिक ने शव देखा तो डर गया। झमेले से बचने के लिए उसने शव को निकाला और दो टेंपो के बीच में रख दिया। सूरज तो फरार है लेकिन उसके कई करीबियों तक पुलिस पहुंच गई है। पूछताछ के लिए कई लोगों को थाने पर बैठाया गया है।
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‘मामले की जांच में क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया गया है। कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’ भगवान स्वरूप, डीआईजी
मीरापुर में दलित युवती की गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार को मीरापुर सब्जी मंडी के पास दूसरे दिन भी चक्का जाम किया और दुकानों को बंद करा दिया। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोहल्ले के लोगों ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है।
छात्रों के आंदोलन शुरू करने के बाद सियासी दल भी इसमें कूद पड़े हैं। बृहस्पतिवार को कांग्रेस के साथ ही भाजपा के नेता भी चक्काजाम और धरने में शामिल हुए तथा पुलिस प्रशासन को जमकर कोसा। राजनीतिक रोटियां सेंकने की भी जमकर कोशिश की गई। कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद हरीश त्रिपाठी ने जन प्रतिनिधियों पर इस मामले की अनदेखी का आरोप लगाया तो यह भी कहा कि पुलिस पीड़ित परिवार पर बयान बदलने का दबाव डाल रही है। ऐलान किया गया कि अगर 48 घंटे के भीतर सभी दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो बाजार बंद कर एसपी सिटी के दफ्तर के बाहर धरना दिया जाएगा।
इस मौके पर भाजपा नेता उदय प्रताप सिंह, पार्षद संजय गुप्ता, नफीस अनवर, राजेश गुप्ता, परवेज अख्तर अंसारी, निर्मल तिवारी, शिवशंकर निषाद, गुड्डू यादव, राजू खरे, अज्जू मालवीय, अमिताभ तिवारी, त्रिभुवन सिंह, विजय शर्मा, बब्लू पांडेय, भोला शुक्ला आदि मौजूद रहे।
आंदोलन में राजनीतिक दलों के कूद पड़ने से छात्र भड़के हुए हैं। छात्र नेता संदीप सिंह पटेल ने कहा है कि दल सियासी लाभ पाने के लिए धरने पर बैठे हैं। उनकी पीड़ित परिवार से कोई सहानुभूति नहीं।