{"_id":"5b2bfb694f1c1bf86e8b92bb","slug":"sonu-murdered-only-in-the-case-of-mukhbiri","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुखबिरी के शक में ही हुई सोनू की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुखबिरी के शक में ही हुई सोनू की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Jun 2018 01:37 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूमनगंज के मुंडेरा गांव में प्रापर्टी डीलर सोनू यादव हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया। पुलिस ने नामजद सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या की बात कुबूल करते हुए उन्होंने बताया कि सोनू, गदऊ पासी के लिए मुखबिरी करता था। उसी के कारण गदऊ ने पहली लकी यादव को पीटा था फिर मोनू पासी के घर गोली और बम चलाए थे। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और तीन तमंचे बरामद हो गए हैं।
मुंडेरा गांव सोनू यादव की 12 जून को बदमाशों ने बेहद दुस्साहसिक तरीके से खुलेआम मार डाला गया था। दस आरोपियों में सात मोनू पासी उर्फ अनिल, गोलू उर्फ नीरज, मनीष यादव उर्फ पप्पी, संदीप भारतीया उर्फ अशर्फी, राजा भईया उर्फ विशाल, गौतम भारतीया पुत्र रंजीत एवं बंटी पाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि उनके पास से हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल, 315 बोर का तीन तमंचा बरामद कर लिया गया। अभी तीन आरोपी सोनू पासी, लकी यादव एवं कुलदीप फरार हैं। सोनू की हत्यारोपियों ने बयान दिया कि गदऊ ने मुहल्ले में आतंक मचा रखा है।
सोनू के जरिए गदऊ लोगों को डराकर उगाही भी कराता था। इस कारण मुहल्ले में उसका काफी विरोध है। मुहल्ला वालों की पूरी सूचना सोनू उस तक पहुंचाता। गदऊ ने मोनू पासी के घर घटना से दो दिन पहले फायरिंग की थी। इसके बाद ही सोनू को रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया गया था। 12 जून सभी लड़के हथियारों से लैस होकर पहुंच गए। तयशुदा प्लान के अनुसार उसे बुलाया गया और फिर घेरकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद सभी आरोपी शहर छोड़कर भाग खड़े हुए। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी कौशांबी समेत आसपास के जिलों में भागे थे। इन सभी के फरार होने के बाद पुलिस ने इन सभी पर 15-15 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया। उसके बाद एसओ धूमनगंज सुरेश द्विवेदी की अगुवाई में गठित टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन सभी की गिरफ्तारी धूमनगंज के विष्णुपुरी कॉलोनी के पास गंगा प्रदूषण प्लांट के पास से दर्शायी है।
विज्ञापन
पुलिस के हत्थे चढे़ सभी सातों हत्यारोपियों की आयु 20-22 वर्ष के बीच है। इनमें सिर्फ संदीप भारतीय एवं गोलू के खिलाफ ही पहले के कुछ मामले दर्ज हैं जबकि मोनू पासी, मनीष यादव, राजा भइया, गौतम एवं बंटी पाल इसी मामले में पहली बार आरोपी बनाए गए हैं। इसके अलावा फरार चले लकी यादव की भी क्राइम हिस्ट्री थाने में दर्ज नहीं है हालांकि पुलिस इन सभी को पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बता रही है। पुलिस का कहना है अभी तक यह छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
वारदात स्थल पर क्राइम ब्रांच की मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों को एसएसपी ने खारिज करते हुए क्राइम ब्रांच को क्लीन चिट दी है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है क्राइम ब्रांच की टीम वहां 50 हजार के ईनामी बदमाश गदऊ की तलाश में गई थी। जब वह हत्थे नहीं चढ़ा तो टीम वहां से लौट आई थी। उसके करीब आधे घंटे बाद हत्यारोपी वहां पहुंचे और वारदात को अंजाम दे डाला। क्राइम ब्रांच टीम की घटनास्थल पर मौजूदगी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ सिपाही सरेआम तमंचा लिए दिखाई पड़ रहे थे। उनके साथ एक आईपीएस अफसर भी थे। एसएसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई गई थी। 50 हजार के ईनामी के होने की सूचना पर पुलिस टीम उसे पकड़ने जाएगी ही।
विज्ञापन
मुंडेरा गांव सोनू यादव की 12 जून को बदमाशों ने बेहद दुस्साहसिक तरीके से खुलेआम मार डाला गया था। दस आरोपियों में सात मोनू पासी उर्फ अनिल, गोलू उर्फ नीरज, मनीष यादव उर्फ पप्पी, संदीप भारतीया उर्फ अशर्फी, राजा भईया उर्फ विशाल, गौतम भारतीया पुत्र रंजीत एवं बंटी पाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि उनके पास से हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल, 315 बोर का तीन तमंचा बरामद कर लिया गया। अभी तीन आरोपी सोनू पासी, लकी यादव एवं कुलदीप फरार हैं। सोनू की हत्यारोपियों ने बयान दिया कि गदऊ ने मुहल्ले में आतंक मचा रखा है।
विज्ञापन
सोनू के जरिए गदऊ लोगों को डराकर उगाही भी कराता था। इस कारण मुहल्ले में उसका काफी विरोध है। मुहल्ला वालों की पूरी सूचना सोनू उस तक पहुंचाता। गदऊ ने मोनू पासी के घर घटना से दो दिन पहले फायरिंग की थी। इसके बाद ही सोनू को रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया गया था। 12 जून सभी लड़के हथियारों से लैस होकर पहुंच गए। तयशुदा प्लान के अनुसार उसे बुलाया गया और फिर घेरकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद सभी आरोपी शहर छोड़कर भाग खड़े हुए। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी कौशांबी समेत आसपास के जिलों में भागे थे। इन सभी के फरार होने के बाद पुलिस ने इन सभी पर 15-15 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया। उसके बाद एसओ धूमनगंज सुरेश द्विवेदी की अगुवाई में गठित टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन सभी की गिरफ्तारी धूमनगंज के विष्णुपुरी कॉलोनी के पास गंगा प्रदूषण प्लांट के पास से दर्शायी है।
विज्ञापन
पुलिस के हत्थे चढे़ सभी सातों हत्यारोपियों की आयु 20-22 वर्ष के बीच है। इनमें सिर्फ संदीप भारतीय एवं गोलू के खिलाफ ही पहले के कुछ मामले दर्ज हैं जबकि मोनू पासी, मनीष यादव, राजा भइया, गौतम एवं बंटी पाल इसी मामले में पहली बार आरोपी बनाए गए हैं। इसके अलावा फरार चले लकी यादव की भी क्राइम हिस्ट्री थाने में दर्ज नहीं है हालांकि पुलिस इन सभी को पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बता रही है। पुलिस का कहना है अभी तक यह छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
वारदात स्थल पर क्राइम ब्रांच की मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों को एसएसपी ने खारिज करते हुए क्राइम ब्रांच को क्लीन चिट दी है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है क्राइम ब्रांच की टीम वहां 50 हजार के ईनामी बदमाश गदऊ की तलाश में गई थी। जब वह हत्थे नहीं चढ़ा तो टीम वहां से लौट आई थी। उसके करीब आधे घंटे बाद हत्यारोपी वहां पहुंचे और वारदात को अंजाम दे डाला। क्राइम ब्रांच टीम की घटनास्थल पर मौजूदगी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ सिपाही सरेआम तमंचा लिए दिखाई पड़ रहे थे। उनके साथ एक आईपीएस अफसर भी थे। एसएसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई गई थी। 50 हजार के ईनामी के होने की सूचना पर पुलिस टीम उसे पकड़ने जाएगी ही।