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सोए दंपति को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 24 Jul 2016 02:23 AM IST
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दंपति की हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सोरांव इलाके के लेहरा तिवारी गांव में शुक्रवार रात घर के भीतर सोते में ही दंपति की पटरा से पीटकर हत्या कर दी गई। वे दोनों अहाते में एक ही चारपाई पर सोए थे। उनके चार बच्चे कमरे के भीतर थे। सुबह बड़े बेटे ने मां-बाप का रक्तरंजित शव देखा तो शोर मचाया। आसपास के लोग पहुंचे तो खबर पाकर कई थानों की पुलिस समेत एसएसपी और कई पुलिस अधिकारी पहुंच गए। पटरे से पीटकर कत्ल के बाद बक्से-अटैचियों को खोलकर तलाशी ली गई थी। महिला के शरीर से गहने भी नदारद थे जिससे शक जताया गया कि डकैतों ने लूट और दोहरा कत्ल किया है मगर परिजनों ने इस बात को खारिज कर दिया। उनका आरोप है कि पड़ोस के ही कुछ लोगों ने जमीन के विवाद में कत्ल किया है।
लेहरा तिवारीपुर गांव निवासी विजय तिवारी (43) अपने ही गांव के पुनीत तिवारी का कार ड्राइवर था। इसके सहारे ही वह पत्नी पार्वती (38), बेटे विशाल (13) तीन बेटियों नीतू (12), निशू (10), प्रियंका (6) के साथ गुजारा करता था। मकान में दो कमरे हैं। एक कमरे को स्टोर रूम बना रखा है, जिसमें खाना भी बनाया जाता है और सामान भी रखे हैं। दो कमरों के बराबर ही खुली जगह है। फिर चहारदीवारी और गेट है। शुक्रवार रात विजय पत्नी पार्वती के साथ खुले में ही चारपाई पर सोया था। उसने हवा की खातिर चारपाई के पास दो पंखे लगाए थे। बच्चे कमरे में सोए थे जहां कूलर लगा है।
शनिवार सुबह बेटे विशाल की नींद खुली तो कमरे से निकलने पर उसे चारपाई पर मां-बाप लहूलुहान पड़े दिखे। उसने पास जाकर शरीर पकड़कर हिलाया मगर कोई हरकत नहीं हुई। घबराए विशाल ने शोर मचाया तो पड़ोसी भी जुट गए। लोगों ने नब्ज टटोली तो पता चला कि विजय और पार्वती की मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी पाकर सोरांव समेत कई थानों की पुलिस के साथ एसपी गंगापार राजेश कुमार तथा सीओ लालप्रताप सिंह पहुंच गए। कुछ देर में एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी एएसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद के साथ पहुंच गए। पार्वती का शव चारपाई पर था जबकि विजय का धड़ जमीन पर और पैर चारपाई पर थे। उनके सिर पर गहरे जख्म थे जिससे काफी खून चारपाई से दूर तक बहा था।
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दंपति के कत्ल के अलावा स्टोर रूम में तलाशी भी ली गई थी। बक्से-अटैचियां खुली थीं। कपड़े फैले थे। बेटे विशाल ने बताया कि अटैची में रखे पांच हजार रुपये गायब हैं। मारी गई पार्वती देवी के नाक-कान से टॉप्स, कील और पैरों से पायल नदारद थी। और कुछ गायब होने का पता नहीं चल सका है। चारपाई के पास ही खून सना लकड़ी का पटरा पड़ा मिला। पुलिस का कहना है कि इसी पटरा से पीटकर पति-पत्नी को मार डाला गया। हालांकि धारदार हथियार से भी हमले का शक है। इतनी बड़ी घटना हो गई मगर कमरे में सोए बच्चों को पता नहीं चल सका तो इसका कारण शायद कूलर का शोर था। बेटे विशाल ने बताया कि रात करीब एक बजे मां पार्वती ब्रश करने के बाद सोने गई थी। उसके बाद ही वह भी सो गया था।
विजय तिवारी पांच भाई और दो बहनों में छोटा था। दो भाई बरसों पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। एक बहन भी नहीं रही। दूसरी बहन गायत्री का ब्याह प्रतापगढ़ में हुआ है। गर्वनमेंट प्रेस से रिटायर होने के बाद उसका पिता लालजी तिवारी भी दो बेटों रामआधार और श्रीकृष्ण के साथ प्रतापगढ़ में बेटी के पास जाकर रहने लगा था। यहां विजय तिवारी ही पैतृक जमीन पर दो कमरे बनाकर रहता था।
उसे ग्राम प्रधान ने भी एक बिस्वा जमीन खेती के लिए पट्टा पर दी थी। घर में भले ही लूटपाट का नजारा दिखा हो लेकिन परिजन इसे जमीन के विवाद में कत्ल मान रहे हैं। प्रतापगढ़ से दोनों बेटों और बेटी के साथ आए पिता लालजी तिवारी ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले विश्वनाथ तिवारी के बेटों मुन्नू तिवारी तथा धुन्नू तिवारी, प्रहलाद तिवारी के बेटों पप्पू और अमीने, चंद्रमा प्रसाद तिवारी, कल्लू तिवारी ने जमीन के विवाद के चलते विजय का कत्ल किया है। उसकी किसी और से कोई दुश्मनी नहीं थी। यह लूटपाट नहीं बल्कि सीधे तौर पर कत्ल का मामला है। उधर, पुलिस का कहना है कि छानबीन हो रही है।
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लेहरा तिवारीपुर गांव निवासी विजय तिवारी (43) अपने ही गांव के पुनीत तिवारी का कार ड्राइवर था। इसके सहारे ही वह पत्नी पार्वती (38), बेटे विशाल (13) तीन बेटियों नीतू (12), निशू (10), प्रियंका (6) के साथ गुजारा करता था। मकान में दो कमरे हैं। एक कमरे को स्टोर रूम बना रखा है, जिसमें खाना भी बनाया जाता है और सामान भी रखे हैं। दो कमरों के बराबर ही खुली जगह है। फिर चहारदीवारी और गेट है। शुक्रवार रात विजय पत्नी पार्वती के साथ खुले में ही चारपाई पर सोया था। उसने हवा की खातिर चारपाई के पास दो पंखे लगाए थे। बच्चे कमरे में सोए थे जहां कूलर लगा है।
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शनिवार सुबह बेटे विशाल की नींद खुली तो कमरे से निकलने पर उसे चारपाई पर मां-बाप लहूलुहान पड़े दिखे। उसने पास जाकर शरीर पकड़कर हिलाया मगर कोई हरकत नहीं हुई। घबराए विशाल ने शोर मचाया तो पड़ोसी भी जुट गए। लोगों ने नब्ज टटोली तो पता चला कि विजय और पार्वती की मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी पाकर सोरांव समेत कई थानों की पुलिस के साथ एसपी गंगापार राजेश कुमार तथा सीओ लालप्रताप सिंह पहुंच गए। कुछ देर में एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी एएसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद के साथ पहुंच गए। पार्वती का शव चारपाई पर था जबकि विजय का धड़ जमीन पर और पैर चारपाई पर थे। उनके सिर पर गहरे जख्म थे जिससे काफी खून चारपाई से दूर तक बहा था।
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दंपति के कत्ल के अलावा स्टोर रूम में तलाशी भी ली गई थी। बक्से-अटैचियां खुली थीं। कपड़े फैले थे। बेटे विशाल ने बताया कि अटैची में रखे पांच हजार रुपये गायब हैं। मारी गई पार्वती देवी के नाक-कान से टॉप्स, कील और पैरों से पायल नदारद थी। और कुछ गायब होने का पता नहीं चल सका है। चारपाई के पास ही खून सना लकड़ी का पटरा पड़ा मिला। पुलिस का कहना है कि इसी पटरा से पीटकर पति-पत्नी को मार डाला गया। हालांकि धारदार हथियार से भी हमले का शक है। इतनी बड़ी घटना हो गई मगर कमरे में सोए बच्चों को पता नहीं चल सका तो इसका कारण शायद कूलर का शोर था। बेटे विशाल ने बताया कि रात करीब एक बजे मां पार्वती ब्रश करने के बाद सोने गई थी। उसके बाद ही वह भी सो गया था।
विजय तिवारी पांच भाई और दो बहनों में छोटा था। दो भाई बरसों पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। एक बहन भी नहीं रही। दूसरी बहन गायत्री का ब्याह प्रतापगढ़ में हुआ है। गर्वनमेंट प्रेस से रिटायर होने के बाद उसका पिता लालजी तिवारी भी दो बेटों रामआधार और श्रीकृष्ण के साथ प्रतापगढ़ में बेटी के पास जाकर रहने लगा था। यहां विजय तिवारी ही पैतृक जमीन पर दो कमरे बनाकर रहता था।
उसे ग्राम प्रधान ने भी एक बिस्वा जमीन खेती के लिए पट्टा पर दी थी। घर में भले ही लूटपाट का नजारा दिखा हो लेकिन परिजन इसे जमीन के विवाद में कत्ल मान रहे हैं। प्रतापगढ़ से दोनों बेटों और बेटी के साथ आए पिता लालजी तिवारी ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले विश्वनाथ तिवारी के बेटों मुन्नू तिवारी तथा धुन्नू तिवारी, प्रहलाद तिवारी के बेटों पप्पू और अमीने, चंद्रमा प्रसाद तिवारी, कल्लू तिवारी ने जमीन के विवाद के चलते विजय का कत्ल किया है। उसकी किसी और से कोई दुश्मनी नहीं थी। यह लूटपाट नहीं बल्कि सीधे तौर पर कत्ल का मामला है। उधर, पुलिस का कहना है कि छानबीन हो रही है।