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एक्सिस बैंक में 23. 92 करो़ड़ के गबन मेें शुआट्स ने दिए साक्ष्य

Sun, 13 Aug 2017 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 13 Aug 2017 02:29 AM IST
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Shuyuts has given evidence in 23. 92 crores of embezzlement in Axis Bank
axis bank and max newyork life insurance logo - फोटो : file photo
एक्सिस बैंक में 23.92 करोड़ के गबन के मामले में शुआट्स प्रबंधन ने क्राइम ब्रांच के सामने साक्ष्य पेश किए। जिनमें कहा गया है कि इस राशि के अधिकांश चेक विवि के पास मूल रूप से मौजूद हैं। बैंक प्रबंधन को इस गोलमाल का नवंबर 2016 में पता चल गया था लेकिन शुआट्स को तीन महीने बाद फरवरी 2017 में बताया गया। उसके बाद 22 मार्च से लगातार लिखित और मौखिक गबन के बारे में बैंक से स्पष्टीक रण मांगा गया लेकिन बैंक की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा।
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शुआट्स के रजिस्ट्रार डा. रॉबिन एल प्रसाद ने क्राइम ब्रांच में दिए साक्ष्य में कहा है कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एसएस कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में इस गबन की जांच बैठाई गई थी। जिसमें इस गबन के लिए बैंक अफसरों तथा शिक्षण संस्था के कुछ कर्मचारियों को दोषी पाया गया था। शिक्षण संस्थान ने अपने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। जबकि बैंक ने गबन की समय से सूचना नहीं दी और आनन फानन में थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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वास्तविकता तो यह है कि पांच मई को सुबह साढ़े दस बजे शुआट्स के प्रोफेसर रंजन जॉन ने बैंक के वाइस प्रेसिडेंट डी मलप्पा से फोन पर कहा था कि आपकी बैंक हमारी ओर से की जा रही गबन की इस जांच में सहयोग नहीं कर रही है। ऐसे में हम रिपोर्ट दर्ज कराने को विवश हैं। शुआट्स की ओर से पांच मई को प्रो. रंजन ए जॉन की ओर से थाना सिविल लाइंस में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी थी। जिसे थाने में दर्ज नहीं किया गया। बाद में सीजेएम ने शुआट्स के इस आवेदन को विवेचना में शामिल कराने के आदेश किए थे।  इसी के साथ शुआट्स के खातों से गबन की गई राशि का विस्तृत ब्योरा पेश किया गया है। दूसरी ओर क्राइम ब्रांच ने  23.92 करोड़ रुपये जमा करने वाले 250 खातेदारों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। यह सभी सोमवार से अपना-अपना बयान लिखित और मौखिक दर्ज कराएंगे।
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