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अतीक के शूटर तोता को पुलिस ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:17 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के खास शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दबोचा लिया है। उसे बुधवार रात कसारी-मसारी स्थित घर में छापा मारकर पुलिस ने घेरा तो वह फायरिंग करते भागने लगा। हालांकि उसे पकड़ लिया गया। उसके पास पिस्टल मिलने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अधिकारी बृहस्पतिवार को तोता के बारे में बताने से कतराते रहे। उस पर घोषित पुरस्कार बढ़ाने की कवायद भी होती रही। तोता को पुलिस मुठभेड़ में मारा दिया जाए इसलिए उसके परिवार के लोगों और महिलाओं ने धूमनगंज थाने जाकर पुलिस पर दबाव बनाया कि उनकी मुलाकात कराई जाए।
तोता का पिता अंसार बाबा भी अतीक अहमद के सबसे करीबी लोगों में था। कुछ साल पहले शबेरात की रात कब्रिस्तान से घर लौटते वक्त दुश्मनों ने उसे कसारी-मसारी की गली में गोलियों से छलनी कर दिया था। तब से तोता अपने पिता के कातिलों को ठिकाने लगाने की ताक में लगा रहता था। बेली गांव में चार साल पहले क्रास फायिरंग में उसने एक दुश्मन जैद को गोली से उड़ा दिया था। उसने मुंबई में टिके जैद को जाल में फंसाने के लिए अपनी प्रेमिका कोमल को मोहरा बनाया था। कोमल ने जैद से फोन पर दोस्ती की और उसे मिलने के लिए बेली गांव बुलाया जहां उसे गोली मार दी गई।
तोता का भी एक साथी मारा गया था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तर कर जेल भेजा था। पुलिस का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह अतीक अहमद के लिए गुंडागर्दी करने लगा। दो साल पहले बेनीगंज में घर में घुसकर गोली मारने की घटना में उसे जेल भेजा गया था। जेल रिहा होने पर उसने पिछले साल फिर गोलीबारी की तो उसे धूमनगंज पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया था। इधर तीन महीने से पहले उसे मरियाडीह के दोहरे कत्ल में खोज रही थी। उस पर 12 हजार रुपये का पुरस्कार रखा गया था।
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बुधवार रात करीब साढ़े तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली कि तोता कसारी-मसारी में घर आया है तो धूमनगंज थाने और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने छापा मारा। उसने गोली चलाकर भागने की कोशिश लेकिन दबोचा गया। उसके ही परिवार के लोगों ने मीडिया में गिरफ्तारी की खबर फैला दी ताकि एनकाउंटर की आशंका नहीं रहे। दोपहर में पत्नी समेत कई महिलाओं ने धूमनगंज थाने जाकर तोता से मिलाने की मांग की लेकिन पुलिस ने लौटा दिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि तोता के दूसरे साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पकडे जाने के बाद तोता पर घोषित इनाम 50 हजार रुपये करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई इसलिए पुलिस अफसर उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करने से बचते रहे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि तोता को दबोचने के बाद पुलिस असमंजस में थी कि वह तोता ही है या फिर उसका साथी दुर्रानी। दरअसल, पुलिस और क्राइम ब्रांच में तोता को पहचानने वाले कम ही लोग हैं। तोता ने ढाढ़ी ली थी जबकि सिर से बाल हटा दिए थे। ऐसे में करीब घंटे भर तक पुलिसवाले गफलत में रहे। बाद में मुखबिरी करने वाले परिवार ने ही आकर उसकी पहचान की तो पुलिस उसे अपने साथ ले गई। पता चला है कि वह बेली गांव के डबल मर्डर में सरेंडर के लिए घर आया था।
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तोता का पिता अंसार बाबा भी अतीक अहमद के सबसे करीबी लोगों में था। कुछ साल पहले शबेरात की रात कब्रिस्तान से घर लौटते वक्त दुश्मनों ने उसे कसारी-मसारी की गली में गोलियों से छलनी कर दिया था। तब से तोता अपने पिता के कातिलों को ठिकाने लगाने की ताक में लगा रहता था। बेली गांव में चार साल पहले क्रास फायिरंग में उसने एक दुश्मन जैद को गोली से उड़ा दिया था। उसने मुंबई में टिके जैद को जाल में फंसाने के लिए अपनी प्रेमिका कोमल को मोहरा बनाया था। कोमल ने जैद से फोन पर दोस्ती की और उसे मिलने के लिए बेली गांव बुलाया जहां उसे गोली मार दी गई।
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तोता का भी एक साथी मारा गया था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तर कर जेल भेजा था। पुलिस का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह अतीक अहमद के लिए गुंडागर्दी करने लगा। दो साल पहले बेनीगंज में घर में घुसकर गोली मारने की घटना में उसे जेल भेजा गया था। जेल रिहा होने पर उसने पिछले साल फिर गोलीबारी की तो उसे धूमनगंज पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया था। इधर तीन महीने से पहले उसे मरियाडीह के दोहरे कत्ल में खोज रही थी। उस पर 12 हजार रुपये का पुरस्कार रखा गया था।
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बुधवार रात करीब साढ़े तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली कि तोता कसारी-मसारी में घर आया है तो धूमनगंज थाने और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने छापा मारा। उसने गोली चलाकर भागने की कोशिश लेकिन दबोचा गया। उसके ही परिवार के लोगों ने मीडिया में गिरफ्तारी की खबर फैला दी ताकि एनकाउंटर की आशंका नहीं रहे। दोपहर में पत्नी समेत कई महिलाओं ने धूमनगंज थाने जाकर तोता से मिलाने की मांग की लेकिन पुलिस ने लौटा दिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि तोता के दूसरे साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पकडे जाने के बाद तोता पर घोषित इनाम 50 हजार रुपये करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई इसलिए पुलिस अफसर उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करने से बचते रहे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि तोता को दबोचने के बाद पुलिस असमंजस में थी कि वह तोता ही है या फिर उसका साथी दुर्रानी। दरअसल, पुलिस और क्राइम ब्रांच में तोता को पहचानने वाले कम ही लोग हैं। तोता ने ढाढ़ी ली थी जबकि सिर से बाल हटा दिए थे। ऐसे में करीब घंटे भर तक पुलिसवाले गफलत में रहे। बाद में मुखबिरी करने वाले परिवार ने ही आकर उसकी पहचान की तो पुलिस उसे अपने साथ ले गई। पता चला है कि वह बेली गांव के डबल मर्डर में सरेंडर के लिए घर आया था।