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बैंक गेट पर पेंशन लेने गए पेंशनर की मौत, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:10 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नगर निगम परिसर स्थित यूको बैंक शाखा के गेट पर बुधवार को पेंशन लेने गए पेंशनर विपत पाल की मौत हो गई। पेंशनर के पुत्र और पौत्र ने आरोप लगाया कि बैंककर्मी ने रकम बोलने को कहा। वह नहीं बोल पाए तो उसने भुगतान से इनकार कर दिया। पेंशन न मिलने से सदमे के कारण उनकी जान चली गई। खबर पाकर थोड़ी ही देर में वहां भीड़ जमा हो गई। घटनाक्रम पर नगर निगम सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने गुस्सा जताया है।
झूंसी के अंदावा निवासी विपत पाल करीब दस वर्ष पहले नगर निगम के जनकार्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। इधर दो महीने से वह बीमार चल रहे थे। खाते में पेंशन की रकम न पहुंचने से परेशान विपत अपने पुत्र रामदीन पाल और पौत्र संतोष कुमार के साथ दोपहर करीब एक बजे निगम परिसर स्थित यूको बैंक शाखा पहुंचे। पुत्र और पौत्र के मुताबिक बैंककर्मी ने औपचारिकताएं पूरी कराकर विपत को निकाली जा रही धनराशि के बारे में बोलने को कहा। गला सूखने के कारण वह बोल नहीं पाए। उन्हें पानी पिलाया गया और मुंह पर पानी की छींटे मारे गए, लेकिन रकम न मिलने के सदमे में उनकी जान चली गई। बैंक गेट पर पेंशनर विपत पाल की मौत होने की खबर लगते ही मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास, कर्मचारी नेताओं समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे। एक बेंच पर विपत का शव रखा गया। अपर नगर आयुक्त ने तुरंत एक एंबुलेंस मंगवाकर विपत के शव को उनके घर भेजा।
नगर निगम सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने पेंशनर विपत की मौत पर गुस्सा जताया है। समिति के अध्यक्ष छेदी लाल कन्नौजिया ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन पेंशनरों को भुगतान में लापरवाही बरत रहा है। समय से खाते में रकम न भेजे जाने से पेंशनरों को जरूरी खर्चों के साथ इलाज कराना मुुश्किल हो रहा है। तमाम मदों की बकाया राशि भुगतान के बारे में सुनवाई नहीं हो रही है। अध्यक्ष संग महामंत्री अशोक विमल ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी सीएम और नगर विकास मंत्री को ईमेल से भेजी गई है।
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घटना बैंक शाखा के बाहर की है। आज मैं अवकाश पर था। पता चला है कि पेंशनर निगम परिसर में बैंक शाखा के पास तो आए, लेकिन भीतर नहीं गए। भुगतान के बारे में पूछा गया, लेकिन कोई औपचारिकता पूरी नहीं की गईं। बैंककर्मी वृद्ध और असहाय पेंशनरों से बाहर भी औपचारिकताएं पूरी कराते हैं, ताकि उन्हें दिक्कत न हो। भुगतान रोकने के आरोप गलत हैं। रकम के बारे में पूछताछ करने का मकसद खातेदार से निकाली जा रही रकम को पुष्ट करना है।
सुमित पाल, शाखा प्रबंधक, यूको बैंक नगर निगम
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झूंसी के अंदावा निवासी विपत पाल करीब दस वर्ष पहले नगर निगम के जनकार्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। इधर दो महीने से वह बीमार चल रहे थे। खाते में पेंशन की रकम न पहुंचने से परेशान विपत अपने पुत्र रामदीन पाल और पौत्र संतोष कुमार के साथ दोपहर करीब एक बजे निगम परिसर स्थित यूको बैंक शाखा पहुंचे। पुत्र और पौत्र के मुताबिक बैंककर्मी ने औपचारिकताएं पूरी कराकर विपत को निकाली जा रही धनराशि के बारे में बोलने को कहा। गला सूखने के कारण वह बोल नहीं पाए। उन्हें पानी पिलाया गया और मुंह पर पानी की छींटे मारे गए, लेकिन रकम न मिलने के सदमे में उनकी जान चली गई। बैंक गेट पर पेंशनर विपत पाल की मौत होने की खबर लगते ही मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास, कर्मचारी नेताओं समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे। एक बेंच पर विपत का शव रखा गया। अपर नगर आयुक्त ने तुरंत एक एंबुलेंस मंगवाकर विपत के शव को उनके घर भेजा।
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नगर निगम सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने पेंशनर विपत की मौत पर गुस्सा जताया है। समिति के अध्यक्ष छेदी लाल कन्नौजिया ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन पेंशनरों को भुगतान में लापरवाही बरत रहा है। समय से खाते में रकम न भेजे जाने से पेंशनरों को जरूरी खर्चों के साथ इलाज कराना मुुश्किल हो रहा है। तमाम मदों की बकाया राशि भुगतान के बारे में सुनवाई नहीं हो रही है। अध्यक्ष संग महामंत्री अशोक विमल ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी सीएम और नगर विकास मंत्री को ईमेल से भेजी गई है।
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घटना बैंक शाखा के बाहर की है। आज मैं अवकाश पर था। पता चला है कि पेंशनर निगम परिसर में बैंक शाखा के पास तो आए, लेकिन भीतर नहीं गए। भुगतान के बारे में पूछा गया, लेकिन कोई औपचारिकता पूरी नहीं की गईं। बैंककर्मी वृद्ध और असहाय पेंशनरों से बाहर भी औपचारिकताएं पूरी कराते हैं, ताकि उन्हें दिक्कत न हो। भुगतान रोकने के आरोप गलत हैं। रकम के बारे में पूछताछ करने का मकसद खातेदार से निकाली जा रही रकम को पुष्ट करना है।
सुमित पाल, शाखा प्रबंधक, यूको बैंक नगर निगम