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एक बार देखा तक नहीं, घायल छात्र को भेज दिया चीरघर

Sat, 06 Aug 2016 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 06 Aug 2016 02:15 AM IST
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No one looked up , injured and sent to the student sawmill
क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एसआरएन अस्पताल में शुक्रवार शाम जो कुछ हुआ, उसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। खून से लथपथ घायल पड़े दसवीं के छात्र को डॉक्टरों ने देखा तक नहीं और उसे चीरघर ले जाने को कह दिया। छात्र को लेकर पहुंचे लोगों ने घायल को एक बार देख के लिए डॉक्टर से गुजारिश की लेकिन डॉक्टर नहीं माने। इसके बाद लोग आपे से बाहर हो गए। मौजूद लोगों का आक्रोश देख डॉक्टर और वार्ड ब्वाय धीरे से खिसक लिए। इसके बाद तो अस्पताल में बवाल शुरू हो गया। सूचना मिली तो पुलिस पहुंची और घायल छात्र को इमरजेंसी में ले जाया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। छात्र ने दम तोड़ दिया। 
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सरायममरेज के छतौना गांव के अरुण कुमार यादव की चूनी चोकर की दुकान है। उनका बेटा आशीष कुमार यादव (17) झूंसी स्थित यादव लॉज में रहकर पढ़ता था। आशीष सरोज विद्याशंकर इंटर कॉलेज में दसवीं का छात्र था। शुक्रवार शाम को वह कमरे से निकलकर आवास विकास कॉलोनी स्थित कोचिंग पढ़ने जा रहा था। जीटी रोड वन-वे होने के चलते डिवाइडर पर खड़ा होकर सड़क पार करने के लिए इंतजार कर रहा था। तभी फूलपुर की ओर से आ रही बेकाबू मिनी बस एक सांड़ को टक्क र मारने के बाद अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पर खड़े आशीष यादव को रौंद दिया। आगे जाकर चालक स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इधर आशीष खून से लथपथ तड़प रहा था। उसकी सांसें चल रही थीं। स्थानीय लोग टेंपो में लादकर उसे एसआरएन अस्पताल ले आए। 
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एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर का रवैया देखकर हर कोई हैरान था। लोगों की मनुहार और गुजारिश का डॉक्टर पर कोई फर्क नहीं पड़ा। आरोप है कि डॉक्टर लोगों के यह कहने पर कि छात्र अभी जिंदा है, भड़क उठे। उल्टे लोगों पर नेतागिरी करने का आरोप लगाने लगे। लोगों का कहना है कि अगर डॉक्टर ने छात्र का समय पर इलाज  शुरू किया होता तो उसकी जान बच सकती थी। इधर कुछ देर बाद सूचना पाकर छात्र के परिजन भी आ गए। मां वर्षा तो बेटे का शव देखकर अचेत हो गई। बेटे की मौत से पिता की आंखें पथरा सी गई थीं। वह गुमसुम थे। आशीष के दादा डॉक्टर निगम लाल यादव गांव के प्रधान बताए जा रहे हैं। 
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झूंसी में शुक्रवार शाम हादसे में मृत आशीष कुमार यादव इकलौता बेटा था। शुक्रवार शाम अनहोनी की खबर मिली तो मां-बाप को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं है। उसे पढ़ाने के लिए घरवालों ने झूंसी इलाके में किराए का कमरा दिलाकर रखा था। घायल छात्र की एसआरएन अस्पताल में मौत से नाराज लोगों ने हंगामा किया था। अभी तक किसी ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है। हंगामा करने वाले लोग बाहरी थे।---रूपेश सिंह सीओ कोतवाली। मुझे इस घटना की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ.केके द्विवेदी प्रमुख अधीक्षक एसआरएन अस्पताल
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