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नारको टेस्ट के बाद भी नहीं मिल पाया किशोरी का सुराग
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:15 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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खुल्दाबाद से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हुई धूमनगंज की रहने वाली किशोरी के बारे में आरोपियों के नारको टेस्ट के बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। हाल ही में सात आरोपियों को टेस्ट के लिए लखनऊ भेजा गया था, जिसमें स्वस्थ पाए गए चार लोगों का ही नारको टेस्ट हो सका। हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो इस टेस्ट में भी आरोपियों से किशोरी के बारे में कुछ जानकारी नहीं मिल पाई है। उधर पुलिस का कहना है कि किशोरी की तलाश जारी है।
धूमनगंज निवासी किशोरी करीब डेढ़ साल पहले खुल्दाबाद थाना क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई थी। परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था लेकिन वह नहीं मिली। चार महीने पहले किशोरी की मां ने धूमनगंज थाने में तहरीर देकर दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई। किशोरी के नहीं मिलने के बाद मां ने न्यायालय में याचिका दायर कर गुहार लगाई। कोर्ट ने किशोरी की बरामदगी जल्द करने के लिए निर्देशित किया। हालांकि पुलिस नाकाम रही। मामले की सुनवाई अब भी कोर्ट में चल रही है।
मामले में कुल 13 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जो जेल में हैं। चार आरोपियों का नारको टेस्ट पहले ही कराया जा चुका है। दो को छोड़ बाकी आरोपियों के नारको टेस्ट के लिए करीब एक महीने पहले पुलिस को कोर्ट से अनुमति मिली। इनमें मरियाडीह निवासी आबिद के साथ ही फरहान, पप्पू, गफूर, एजाज, जावेद और मो. शमशेर उर्फ शानू शामिल थे। हालांकि सात में से चार ही आरोपियों को नारको टेस्ट के लिए फिट पाया गया। एजाज, जावेद और मो. शमशेर उर्फ शानू फिट न पाए जाने के कारण टेस्ट से बाहर हो गए।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो चार आरोपियों का लखनऊ में 17 फरवरी को नारको टेस्ट कराया गया। 28 फरवरी को इसकी रिपोर्ट आई। हालांकि नारको टेस्ट के बाद भी आरोपियों से अपह्त किशोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने जताई थी सख्त नाराजगी
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी। आईजी कानून व्यवस्था को थाने में कैंप कर सुनवाई करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद आईजी कानून व्यवस्था ने धूमनगंज थाने में बैठकर शिकायतें सुनीं थीं। बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आईजी रेंज रमित शर्मा ने खुल्दाबाद के साथ ही एक अन्य थाने में कैंप किया था।
17 फरवरी को आरोपियों का नारको टेस्ट हुआ। हालांकि इसमें किशोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं हासिल हो सकी। पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। किशोरी की तलाश की जा रही है।
श्रीश्चन्द्र, सीओ सिविल लाइंस
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धूमनगंज निवासी किशोरी करीब डेढ़ साल पहले खुल्दाबाद थाना क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई थी। परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था लेकिन वह नहीं मिली। चार महीने पहले किशोरी की मां ने धूमनगंज थाने में तहरीर देकर दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई। किशोरी के नहीं मिलने के बाद मां ने न्यायालय में याचिका दायर कर गुहार लगाई। कोर्ट ने किशोरी की बरामदगी जल्द करने के लिए निर्देशित किया। हालांकि पुलिस नाकाम रही। मामले की सुनवाई अब भी कोर्ट में चल रही है।
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मामले में कुल 13 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जो जेल में हैं। चार आरोपियों का नारको टेस्ट पहले ही कराया जा चुका है। दो को छोड़ बाकी आरोपियों के नारको टेस्ट के लिए करीब एक महीने पहले पुलिस को कोर्ट से अनुमति मिली। इनमें मरियाडीह निवासी आबिद के साथ ही फरहान, पप्पू, गफूर, एजाज, जावेद और मो. शमशेर उर्फ शानू शामिल थे। हालांकि सात में से चार ही आरोपियों को नारको टेस्ट के लिए फिट पाया गया। एजाज, जावेद और मो. शमशेर उर्फ शानू फिट न पाए जाने के कारण टेस्ट से बाहर हो गए।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो चार आरोपियों का लखनऊ में 17 फरवरी को नारको टेस्ट कराया गया। 28 फरवरी को इसकी रिपोर्ट आई। हालांकि नारको टेस्ट के बाद भी आरोपियों से अपह्त किशोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने जताई थी सख्त नाराजगी
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी। आईजी कानून व्यवस्था को थाने में कैंप कर सुनवाई करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद आईजी कानून व्यवस्था ने धूमनगंज थाने में बैठकर शिकायतें सुनीं थीं। बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आईजी रेंज रमित शर्मा ने खुल्दाबाद के साथ ही एक अन्य थाने में कैंप किया था।
17 फरवरी को आरोपियों का नारको टेस्ट हुआ। हालांकि इसमें किशोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं हासिल हो सकी। पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। किशोरी की तलाश की जा रही है।
श्रीश्चन्द्र, सीओ सिविल लाइंस