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मसाला व्यवसायी से फ्लैट के नाम पर ठगे 22 लाख
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:53 AM IST
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रिप्पल फर्जावाड़ा
मुठ्ठीगंज निवासी मसाला व्यवसायी को लखनऊ में फ्लैट दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। चार साल तक व्यवसायी फ्लैट मिलने का इंतजार करता रहा लेकिन, उसके हाथ कुछ नहीं आया। परेशान होकर व्यवसायी ने मुठ्ठीगंज थाने में पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुट्ठीगंज के तिलक रोड, बलुआघाट निवासी मंजीस मसाले का कारोबार करते हैं। करीब चार वर्ष पहले उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी शरद केसरवानी से हुई। मंजीस ने पुलिस को बताया कि उनको फ्लैट की जरूरत थी। शरद ने उनको लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ में फ्लैट दिलाने का प्रलोभन दिया। इस बीच मनोज द्विवेदी, उमेश आजाद, ऋषि कुमार एवं आशीष श्रीवास्तव से भी उसकी मुलाकात कराई गई, जिन्होंने शरद को पैसा देने के लिए दबाव बनाया। मंजीस का कहना है इनकी बातों में आकर उसने शरद को नकद एवं चेक के माध्यम से 22.63 लाख रुपये दे दिए। पैसा लेने के कुछ समय बाद तक शरद मोबाइल पर बात करता रहा लेकिन, कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। वह उससे मिलने लखनऊ भी गए लेकिन उससे मुलाकात नहीं हुई। व्यवसायी ंने मनोज आदि से संपर्क की कोशिश की मगर उससे भी संपर्क नहीं हुआ। काफी कोशिश के बाद शरद से संपर्क हुआ तब उसने कुछ दिनों में कब्जा दिलाने का भरोसा दिलाया। करीब चार साल बीत जाने के बाद भी उसके हाथ फ्लैट नहीं आया। व्यवसायी ने धोखाधड़ी के आरोप में पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर निशिकांत राय के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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मुट्ठीगंज के तिलक रोड, बलुआघाट निवासी मंजीस मसाले का कारोबार करते हैं। करीब चार वर्ष पहले उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी शरद केसरवानी से हुई। मंजीस ने पुलिस को बताया कि उनको फ्लैट की जरूरत थी। शरद ने उनको लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ में फ्लैट दिलाने का प्रलोभन दिया। इस बीच मनोज द्विवेदी, उमेश आजाद, ऋषि कुमार एवं आशीष श्रीवास्तव से भी उसकी मुलाकात कराई गई, जिन्होंने शरद को पैसा देने के लिए दबाव बनाया। मंजीस का कहना है इनकी बातों में आकर उसने शरद को नकद एवं चेक के माध्यम से 22.63 लाख रुपये दे दिए। पैसा लेने के कुछ समय बाद तक शरद मोबाइल पर बात करता रहा लेकिन, कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। वह उससे मिलने लखनऊ भी गए लेकिन उससे मुलाकात नहीं हुई। व्यवसायी ंने मनोज आदि से संपर्क की कोशिश की मगर उससे भी संपर्क नहीं हुआ। काफी कोशिश के बाद शरद से संपर्क हुआ तब उसने कुछ दिनों में कब्जा दिलाने का भरोसा दिलाया। करीब चार साल बीत जाने के बाद भी उसके हाथ फ्लैट नहीं आया। व्यवसायी ने धोखाधड़ी के आरोप में पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर निशिकांत राय के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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