{"_id":"4b9e358bd15e938dff0f1af60697eac2","slug":"licchavis-express-robbery-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिच्छवी एक्सप्रेस में डकैती","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लिच्छवी एक्सप्रेस में डकैती
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sat, 25 Apr 2015 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। दिल्ली के आनंद बिहार स्टेशन से बिहार के सीतामढ़ी जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस में शुक्रवार भोर में डकैतों ने धावा बोल दिया। दस से अधिक की संख्या में चढ़े हथियारबंद डकैतों ने महिलाओं और विकलांगों के कोच को निशाना बनाया और 40 से अधिक यात्रियों को जख्मी कर रुपये, जेवरात, पर्स, मोबाइल फोन लूट लिया। लूटपाट के बाद डकैत सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन पर उतर गए। सुबह 3: 30 बजे जब ट्रेन इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर आठ पर पहुंची तो यात्री हंगामा करने लगे। आरपीएफ और जीआरपी में शिकायत की गई। सुबह ही डकैती की एफआईआर दर्ज कर ली गई।
यात्रियों के मुताबिक बदमाश इंजन के बाद की जनरल कोच की पहली बोगी के महिलाओं और विकलांगों के लिए बने अलग-अलग हिस्सों में चढ़ गए थे। ट्रेन जब मनौरी स्टेशन के पहले आउटर पर रुकी तो महिला कोच में बैठे डकैतों ने शराब पीनी शुरू कर दी। इस पर बिहार की ममता नाम की महिला ने एतराज जताया तो डकैतों ने चाकू और तमंचा निकाल लिया तथा कोच के दरवाजों को बंद कर दिया।
डकैतों ने ममता के गले पर चाकू से वार कर दिया। खून बहने लगा तो यात्री बदमाशों के इशारे पर काम करने लगे। डकैताें ने महिला कोच में लूटपाट शुरू की तो उनके साथियों ने विकलांग कोच के दरवाजों को भी बंद कर दिया। विकलांग कोच में कानपुर से चढ़े प्रतापगढ़ मान्धाता के दीपक सिंह ने बताया कि जो भी डकैतों का विरोध करता, उसे लात-घूसों और तमंचे की बट से बुरी तरह पीटा जाता। यात्री निशांत सिंह, प्रिंस यादव, महिम तिवारी, संदीप तिवारी, रोहन सिंह के पर्स, मोबाइल छीन लिए गए। महिलाओं से सोने की चेन, बालियां, पायल, बिछिया, अंगूठी तक उतरवा ली गई। डकैतों ने करीब आधे घंटे तक ट्रेन में उत्पात मचाया। जैसे ही ट्रेन सूबेदारगंज स्टेशन पर उतरी डकैत कूदकर भाग निकले।
विज्ञापन
जनरल कोच में डकैत कानपुर रेलवे स्टेशन से चढ़े थे। यात्रियों के मुताबिक बाद के स्टेशनों पर ट्रेन में कोई नहीं चढ़ा था। आश्चर्यजनक यह रहा कि ट्रेन के एक कोच में आधे घंटे तक डकैतों का तांडव चलता रहा लेकिन जीआरपी और आरपीएफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि लूट के बाद एक यात्री ने कंट्रोल रूम को खबर दी थी।
जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि मनौरी और सूबेदारगंज के बीच तीन स्थानों पर ट्रेन रुकी लेकिन जीआरपी की मदद नहीं पहुंची। दीपक ही अकेले इलाहाबाद में उतरे। एफआईआर उन्होंने ही दर्ज करवाई है। एफआईआर डकैती और लूट की नीयत से लोगों को जख्मी करने की धाराओं में दर्ज की गई है।
बिहार की ममता महिलाओं के कोच में अपनी बच्ची के साथ सवार थीं। यात्रियों के मुताबिक जब डकैतों ने उनके गले पर चाकू रखा तो बच्ची बुरी तरह बिलखने लगी। डकैतों ने बच्ची को भी पीटा।
सीओ जीआरपी ओपी सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना के लिए अलग टीम बना दी गई है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
यात्रियों के मुताबिक बदमाश इंजन के बाद की जनरल कोच की पहली बोगी के महिलाओं और विकलांगों के लिए बने अलग-अलग हिस्सों में चढ़ गए थे। ट्रेन जब मनौरी स्टेशन के पहले आउटर पर रुकी तो महिला कोच में बैठे डकैतों ने शराब पीनी शुरू कर दी। इस पर बिहार की ममता नाम की महिला ने एतराज जताया तो डकैतों ने चाकू और तमंचा निकाल लिया तथा कोच के दरवाजों को बंद कर दिया।
विज्ञापन
डकैतों ने ममता के गले पर चाकू से वार कर दिया। खून बहने लगा तो यात्री बदमाशों के इशारे पर काम करने लगे। डकैताें ने महिला कोच में लूटपाट शुरू की तो उनके साथियों ने विकलांग कोच के दरवाजों को भी बंद कर दिया। विकलांग कोच में कानपुर से चढ़े प्रतापगढ़ मान्धाता के दीपक सिंह ने बताया कि जो भी डकैतों का विरोध करता, उसे लात-घूसों और तमंचे की बट से बुरी तरह पीटा जाता। यात्री निशांत सिंह, प्रिंस यादव, महिम तिवारी, संदीप तिवारी, रोहन सिंह के पर्स, मोबाइल छीन लिए गए। महिलाओं से सोने की चेन, बालियां, पायल, बिछिया, अंगूठी तक उतरवा ली गई। डकैतों ने करीब आधे घंटे तक ट्रेन में उत्पात मचाया। जैसे ही ट्रेन सूबेदारगंज स्टेशन पर उतरी डकैत कूदकर भाग निकले।
विज्ञापन
जनरल कोच में डकैत कानपुर रेलवे स्टेशन से चढ़े थे। यात्रियों के मुताबिक बाद के स्टेशनों पर ट्रेन में कोई नहीं चढ़ा था। आश्चर्यजनक यह रहा कि ट्रेन के एक कोच में आधे घंटे तक डकैतों का तांडव चलता रहा लेकिन जीआरपी और आरपीएफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि लूट के बाद एक यात्री ने कंट्रोल रूम को खबर दी थी।
जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि मनौरी और सूबेदारगंज के बीच तीन स्थानों पर ट्रेन रुकी लेकिन जीआरपी की मदद नहीं पहुंची। दीपक ही अकेले इलाहाबाद में उतरे। एफआईआर उन्होंने ही दर्ज करवाई है। एफआईआर डकैती और लूट की नीयत से लोगों को जख्मी करने की धाराओं में दर्ज की गई है।
बिहार की ममता महिलाओं के कोच में अपनी बच्ची के साथ सवार थीं। यात्रियों के मुताबिक जब डकैतों ने उनके गले पर चाकू रखा तो बच्ची बुरी तरह बिलखने लगी। डकैतों ने बच्ची को भी पीटा।
सीओ जीआरपी ओपी सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना के लिए अलग टीम बना दी गई है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।