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कौशांबी में मिला अपहृत बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:51 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके से अपहृत हुआ चार साल का मासूम प्रियांशु उर्फ बाबू कौशांबी के चरवा इलाके में मिल गया है। अखबारों में खबर छपने के बाद अपहर्ता के गांव वालों ने ही पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने आरोपी राजगीर के घर में दबिश देकर बच्चे को बरामद कर लिया। मौके से आरोपी की पत्नी पकड़ ली गई। देर रात राजगीर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसने फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण किया था। आरोपी के भी चार बच्चे हैं।
लूकरगंज का दिनेश पाल ईरिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालता है। 22 जून को उनके चार साल के बेटे प्रियांशु उर्फ बाबू को एक शख्स बिस्कुट खिलाने के बहाने उठा ले गया था। वह अपनी आठ साल की बहन रिया के साथ पड़ोस में गया था, तभी घटना हुी थी। पास में ही लगे सीसीटीवी फुटेज में अपहर्ता की सारी कारगुजारी कैद हो गई थी। घरवाले उसे नहीं पहचान पाए थे। पुलिस भी उन्हें चारों ओर खोज रही थी। इसी बीच बच्चे की खबरें अखबारों में छपने लगी। कौशांबी जिले के चरवा रामपुर गांव में कुछ लोगों ने अखबार पढ़ने के बाद पुलिस को सूचना दी कि गांव के सुरेश रैदास के घर में पिछले तीन दिनों से एक बच्चा दिख रहा है। वह प्रियांशु हो सकता है। सूचना पर खुल्दाबाद पुलिस ने बुधवार को सुबह रामपुर गांव पहुंची और सुरेश रैदास के घर दबिश देकर प्रियांशु को बरामद कर लिया। सुरेश रैदास की पत्नी बबुली को भी पकड़ लिया गया।
बबुली ने बताया कि सुरेश इलाहाबाद में ही राजगीर का काम करता है। वही इस बच्चे को लाया था। पहले तो उसने कहा कि वह अपहरण के बारे में कुछ नहीं जानती फिर सख्ती पर उसने बताया कि सुरेश फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण करके लाया था। पुलिस बच्चे को लेकर शहर आ गई। मां-बाप को बच्चा सौंपने के बाद सुरेश की खोजबीन शुरू हुई। सीओ प्रथम शिवराज ने बताया कि सुरेश मम्फोर्डगंज के रहने वाले राजेंद्र ठेकेदार के लिए राजगीर का काम करता है। पिछले कुछ समय से वह दिनेश पाल के घर के पास किन्हीं शर्मा जी के घर में काम कर रहा था। उसने बच्चा देखा तो फिरौती के लिए उसका अपहरण कर लिया। सीओ ने बताया कि आरोपी सुरेश रैदास को भी देर रात दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरेश रैदास और उसकी पत्नी बबुली के चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं। बबुली भी पूरे षड्यंत्र में शामिल थी। जब गांव में चर्चा होने लगी तो वह बच्चे को लेकर दूसरे गांव चली गई थी। पुलिस ने उसे दूसरे गांव के घर से पकड़ा।
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चार साल के बच्चे की मासूमियत देखकर पुलिस वाले भी पिघल गए। प्रियांशु का जिस व्यक्ति ने अपहरण किया था, उसकी पत्नी को भी वह अम्मा कह रहा था। आरोपी सुरेश रैदास की पत्नी बबुली ने बताया कि पहले दिन पहले दिन रोते रोते प्रियांशु बीमार पड़ गया तो वह अगले दिन उसे लेकर डॉक्टर के पास गई थी। उसे रास्ते में बिस्कुट-चाकलेट दिलाया तो वह उसे अम्मा कहने लगा। तब से वह उसे अम्मा ही कह रहा था।
प्रियांशु बुधवार को कई दिनों के बाद अपनी मां रीता से मिला तो सिसकने लगा। मां की गोद में उसकी हिचकियां नहीं बंद हो रही थी। वह काफी देर तक मां से चिपटा रहा। रीता ने उसे प्यार किया तो वह सामान्य हुआ। उस मासूम को कुछ भी नहीं मालूम था। सिर्फ यही बोला कि अंकल के घर गया था।
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लूकरगंज का दिनेश पाल ईरिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालता है। 22 जून को उनके चार साल के बेटे प्रियांशु उर्फ बाबू को एक शख्स बिस्कुट खिलाने के बहाने उठा ले गया था। वह अपनी आठ साल की बहन रिया के साथ पड़ोस में गया था, तभी घटना हुी थी। पास में ही लगे सीसीटीवी फुटेज में अपहर्ता की सारी कारगुजारी कैद हो गई थी। घरवाले उसे नहीं पहचान पाए थे। पुलिस भी उन्हें चारों ओर खोज रही थी। इसी बीच बच्चे की खबरें अखबारों में छपने लगी। कौशांबी जिले के चरवा रामपुर गांव में कुछ लोगों ने अखबार पढ़ने के बाद पुलिस को सूचना दी कि गांव के सुरेश रैदास के घर में पिछले तीन दिनों से एक बच्चा दिख रहा है। वह प्रियांशु हो सकता है। सूचना पर खुल्दाबाद पुलिस ने बुधवार को सुबह रामपुर गांव पहुंची और सुरेश रैदास के घर दबिश देकर प्रियांशु को बरामद कर लिया। सुरेश रैदास की पत्नी बबुली को भी पकड़ लिया गया।
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बबुली ने बताया कि सुरेश इलाहाबाद में ही राजगीर का काम करता है। वही इस बच्चे को लाया था। पहले तो उसने कहा कि वह अपहरण के बारे में कुछ नहीं जानती फिर सख्ती पर उसने बताया कि सुरेश फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण करके लाया था। पुलिस बच्चे को लेकर शहर आ गई। मां-बाप को बच्चा सौंपने के बाद सुरेश की खोजबीन शुरू हुई। सीओ प्रथम शिवराज ने बताया कि सुरेश मम्फोर्डगंज के रहने वाले राजेंद्र ठेकेदार के लिए राजगीर का काम करता है। पिछले कुछ समय से वह दिनेश पाल के घर के पास किन्हीं शर्मा जी के घर में काम कर रहा था। उसने बच्चा देखा तो फिरौती के लिए उसका अपहरण कर लिया। सीओ ने बताया कि आरोपी सुरेश रैदास को भी देर रात दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरेश रैदास और उसकी पत्नी बबुली के चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं। बबुली भी पूरे षड्यंत्र में शामिल थी। जब गांव में चर्चा होने लगी तो वह बच्चे को लेकर दूसरे गांव चली गई थी। पुलिस ने उसे दूसरे गांव के घर से पकड़ा।
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चार साल के बच्चे की मासूमियत देखकर पुलिस वाले भी पिघल गए। प्रियांशु का जिस व्यक्ति ने अपहरण किया था, उसकी पत्नी को भी वह अम्मा कह रहा था। आरोपी सुरेश रैदास की पत्नी बबुली ने बताया कि पहले दिन पहले दिन रोते रोते प्रियांशु बीमार पड़ गया तो वह अगले दिन उसे लेकर डॉक्टर के पास गई थी। उसे रास्ते में बिस्कुट-चाकलेट दिलाया तो वह उसे अम्मा कहने लगा। तब से वह उसे अम्मा ही कह रहा था।
प्रियांशु बुधवार को कई दिनों के बाद अपनी मां रीता से मिला तो सिसकने लगा। मां की गोद में उसकी हिचकियां नहीं बंद हो रही थी। वह काफी देर तक मां से चिपटा रहा। रीता ने उसे प्यार किया तो वह सामान्य हुआ। उस मासूम को कुछ भी नहीं मालूम था। सिर्फ यही बोला कि अंकल के घर गया था।