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कालिंदीपुरम में परिवार को बेहोश कर चोरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:23 AM IST
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बेखौफ हुए चोर
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धूमनगंज के कालिंदीपुरम में बदमाशों ने सोमवार रात सेना के किला स्थित आर्डिनेंस डिपो में तैनात सीनियर आडिटर नंदलाल के परिवार को बेहोश कर घर में चोरी कर ली। बदमाशों ने खिड़की से स्प्रे के जरिए परिजनों पर बेहोशी की दवा डाली थी। करीब तीन लाख रुपये कीमत के गहने, नगदी, मोबाइल फोन समेत कुछ और सामान तथा कागजात चोरी हुए हैं। सुबह होश में आने पर चोरी का पता चला तो राजरूपपुर पुलिस चौकी में जानकारी दी गई। बाद में अटैची घर से कुछ दूर पर खाली पड़ी मिली। अभी चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
किला स्थित आर्डिनेंस डिपो में तैनात सीनियर आडिटर नंदलाल परिवार सहित कालिंदीपुरम कॉलोनी में रहते हैं। सोमवार रात वह पत्नी और दो बेटियों के साथ भोजन के बाद सोए तो सुबह उनकी नींद देर से खुली। सभी को चक्कर आ रहा था। कमरे में रखी एक अटैची नदारद थी। उसमें तीन लाख रुपये से ज्यादा कीमत के जेवर, चार हजार रुपये नगद, मोबाइल फोन और कागजात रखे थे। पूरा घर देख लिया लेकिन अटैची नहीं मिली। छत का दरवाजा खुला था।
साफ हो गया कि घर में चोरी हो गई है। नंदलाल की पत्नी ने बताया कि रात में भोजन के बाद वह छत पर टहलने गई थीं। मगर नीचे आते वक्त वह दरवाजा बंद करना भूल गई थीं। ऐसे में अनुमान है कि रात में बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे। कमरे में सो रहे नंदलाल, उनकी पत्नी और बेटियों पर स्प्रे से बेहोशी की दवा डाल दी गई जिससे वे सुबह तक नींद में डूबे रहे। खबर पाकर पुलिस पहुंची तो खाली अटैची दूर पड़ी मिली। चोरों का पता तो नहीं चल सका है लेकिन परिजनों को शक है कि पड़ोस में रहने वाले अराजक तत्वों ने यह कारगुजारी अंजाम दी है।
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किला स्थित आर्डिनेंस डिपो में तैनात सीनियर आडिटर नंदलाल परिवार सहित कालिंदीपुरम कॉलोनी में रहते हैं। सोमवार रात वह पत्नी और दो बेटियों के साथ भोजन के बाद सोए तो सुबह उनकी नींद देर से खुली। सभी को चक्कर आ रहा था। कमरे में रखी एक अटैची नदारद थी। उसमें तीन लाख रुपये से ज्यादा कीमत के जेवर, चार हजार रुपये नगद, मोबाइल फोन और कागजात रखे थे। पूरा घर देख लिया लेकिन अटैची नहीं मिली। छत का दरवाजा खुला था।
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साफ हो गया कि घर में चोरी हो गई है। नंदलाल की पत्नी ने बताया कि रात में भोजन के बाद वह छत पर टहलने गई थीं। मगर नीचे आते वक्त वह दरवाजा बंद करना भूल गई थीं। ऐसे में अनुमान है कि रात में बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे। कमरे में सो रहे नंदलाल, उनकी पत्नी और बेटियों पर स्प्रे से बेहोशी की दवा डाल दी गई जिससे वे सुबह तक नींद में डूबे रहे। खबर पाकर पुलिस पहुंची तो खाली अटैची दूर पड़ी मिली। चोरों का पता तो नहीं चल सका है लेकिन परिजनों को शक है कि पड़ोस में रहने वाले अराजक तत्वों ने यह कारगुजारी अंजाम दी है।
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