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सड़क हादसे में दरोगा की पत्नी और बेटे की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Thu, 14 May 2015 02:38 AM IST
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हंडिया (इलाहाबाद)। शहर के कैंट थाने के नाका चौकी प्रभारी उदय शंकर कुशवाहा (32) की आल्टो कार बुधवार सुबह खड़े ट्रेलर में जा घुसी। वाराणसी से लौटते समय हंडिया हाइवे पर बगहा गांव के पास हुई दुर्घटना में दरोगा की पत्नी सरिता (29) और एक बेटे हर्षित (4) की मौत हो गई। जबकि उदय शंकर और दूसरे बेटे अर्पित (4) की हालत निजी अस्पताल में गंभीर बनी हुई है। दरोगा मूलरूप से गाजीपुर के कोतवाली थाने के अंधऊ गांव के रहने वाले हैं।
गाजीपुर के अंधऊ गांव के रहने वाले राम नारायण सिंह रिटायर लेखपाल हैं। उनके चार बेटों में सबसे छोटे उदय शंकर कुशवाहा पुलिस महकमे में दरोगा हैं। इन दिनों वे शहर के कैंट थाने की नाका चौकी के प्रभारी हैं। उदय शंकर अल्लापुर में परिवार समेत किराए पर रहते हैं। वाराणसी में ही उनके बड़े भाई काशी नाथ कुशवाहा पीएसी में दरोगा हैं। उदयशंकर की बहन को डिलेवरी हुई है। उसे देखने के लिए उदय की पत्नी बच्चों को लेकर वाराणसी गई हुई थी। ननद को देखने के बाद वह जेठ काशी नाथ के घर रुकी हुई थी। उदय शंकर मंगलवार को सरकारी काम से आल्टो कार से वाराणसी गए थे। काम निपटाने के बाद वह बहन को देखने गए।
भोर में पत्नी और बच्चों को बड़े भाई के घर से लेकर आल्टो कार से इलाहाबाद लौट रहे थे। इलाहाबाद-वाराणसी राजमार्ग पर हंडिया के बगहा क्रासिंग के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े ट्रेलर में जा घुसी। स्पीड में होने के चलते टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद आसपास के लोग भागकर पहुंचे। लोगों ने कार में फंसे दरोगा के परिवार को बाहर निकालना चाहा लेकिन सफल नहीं हुए। सूचना पर हंडिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद कार सवार लोगों की पहचान हुई। इसके बाद कार में फंसे चार लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजा गया।
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निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने दरोगा की पत्नी सरिता और बेटे हर्षित को मृत घोषित कर दिया। जबकि दरोगा की हालत गंभीर बताई है। बेटे अर्पित की हालत कुछ ठीक है। थोड़ा बहुत बोल रहा है। हादसे की खबर सुनकर दरोगा के घरवाले और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। सुबह लगभग दस बजे आईजी बृज भूषण शर्मा भी घायल दरोगा का हाल जानने पहुंचे। कैंट थाने के कई सिपाहियों ने अपने दरोगा को ब्लड दिया। तब जाकर उनका आपरेशन हुआ। साथी का हाल जानने के लिए दिन भर अस्पताल में थानेदार,दरोगा और सिपाहियों का जमावड़ा लगा रहा।
हादसे की खबर सुनकर दरोगा के घर और ससुराल पक्ष के लोग रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। उदय शंकर के पिता राम नारायण सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ बेटा और एक पोता अस्पताल में है तो दूसरी बहू और एक पोते का शव पड़ा हुआ है।
रिटायर लेखपाल रामनारायण के चार बेटों उदय शंकर सबसे छोटे हैं। उदय के एक भाई राजेंद्र सिंह मिर्जापुर में सिपाही हैं और एक भाई काशी नाथ पीएसी वाराणसी में दरोगा हैं। दरोगा उदय शंकर की शादी 2008 में महाराजगंज के आर्मी के रिटायर कैप्टन रामशरन की बेटी सरिता से हुई थी। सरिता दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। उसकी मौत से पिता रामशरन और भाइयों का रोकर बुरा हाल है। रामनारायण रोते हुए बार-बार एक ही बात कर रहे थे, उनके बेटे का हंसता खेलता परिवार बिखर गया।
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गाजीपुर के अंधऊ गांव के रहने वाले राम नारायण सिंह रिटायर लेखपाल हैं। उनके चार बेटों में सबसे छोटे उदय शंकर कुशवाहा पुलिस महकमे में दरोगा हैं। इन दिनों वे शहर के कैंट थाने की नाका चौकी के प्रभारी हैं। उदय शंकर अल्लापुर में परिवार समेत किराए पर रहते हैं। वाराणसी में ही उनके बड़े भाई काशी नाथ कुशवाहा पीएसी में दरोगा हैं। उदयशंकर की बहन को डिलेवरी हुई है। उसे देखने के लिए उदय की पत्नी बच्चों को लेकर वाराणसी गई हुई थी। ननद को देखने के बाद वह जेठ काशी नाथ के घर रुकी हुई थी। उदय शंकर मंगलवार को सरकारी काम से आल्टो कार से वाराणसी गए थे। काम निपटाने के बाद वह बहन को देखने गए।
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भोर में पत्नी और बच्चों को बड़े भाई के घर से लेकर आल्टो कार से इलाहाबाद लौट रहे थे। इलाहाबाद-वाराणसी राजमार्ग पर हंडिया के बगहा क्रासिंग के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े ट्रेलर में जा घुसी। स्पीड में होने के चलते टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद आसपास के लोग भागकर पहुंचे। लोगों ने कार में फंसे दरोगा के परिवार को बाहर निकालना चाहा लेकिन सफल नहीं हुए। सूचना पर हंडिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद कार सवार लोगों की पहचान हुई। इसके बाद कार में फंसे चार लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजा गया।
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निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने दरोगा की पत्नी सरिता और बेटे हर्षित को मृत घोषित कर दिया। जबकि दरोगा की हालत गंभीर बताई है। बेटे अर्पित की हालत कुछ ठीक है। थोड़ा बहुत बोल रहा है। हादसे की खबर सुनकर दरोगा के घरवाले और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। सुबह लगभग दस बजे आईजी बृज भूषण शर्मा भी घायल दरोगा का हाल जानने पहुंचे। कैंट थाने के कई सिपाहियों ने अपने दरोगा को ब्लड दिया। तब जाकर उनका आपरेशन हुआ। साथी का हाल जानने के लिए दिन भर अस्पताल में थानेदार,दरोगा और सिपाहियों का जमावड़ा लगा रहा।
हादसे की खबर सुनकर दरोगा के घर और ससुराल पक्ष के लोग रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। उदय शंकर के पिता राम नारायण सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ बेटा और एक पोता अस्पताल में है तो दूसरी बहू और एक पोते का शव पड़ा हुआ है।
रिटायर लेखपाल रामनारायण के चार बेटों उदय शंकर सबसे छोटे हैं। उदय के एक भाई राजेंद्र सिंह मिर्जापुर में सिपाही हैं और एक भाई काशी नाथ पीएसी वाराणसी में दरोगा हैं। दरोगा उदय शंकर की शादी 2008 में महाराजगंज के आर्मी के रिटायर कैप्टन रामशरन की बेटी सरिता से हुई थी। सरिता दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। उसकी मौत से पिता रामशरन और भाइयों का रोकर बुरा हाल है। रामनारायण रोते हुए बार-बार एक ही बात कर रहे थे, उनके बेटे का हंसता खेलता परिवार बिखर गया।