घर के भीतर महिला को गला घोंटकर मार डाला
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यमुनापार के मेजा इलाके में रविवार रात घर के भीतर महिला का कत्ल कर दिया गया। उसे गला घोंटकर मारा गया। उसके पति का बरसों पहले निधन गया था। वह तीन बच्चों के साथ गुजारा करती थी। रात में बच्चे अगले कमरे में थे जबकि वह पिछले कमरे में अकेली थी। कोई व्यक्ति रात में महिला के पास आया था। उसने ही हत्या की और भाग गया। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो कई लोगों के नाम शक के दायरे में आए।
मनू का पूरा गांव निवासी नवाबी सेठ दो भाइयों में छोटा था। उसका ब्याह 13 साल पहले शक्तिनगर में रहने वाली अनीता के साथ हुआ था। उनके तीन बच्चे हुए। दो बेटे हैं। 12 साल का संतोष, दस साल का मंतोष तथा सात साल की बेटी गुनगुन। वे तीनों गांव के ही स्कूल में पढ़ने जाते हैं। नवाबी सेठ का करीब छह साल पहले निधन हो गया था। तब से अनीता तीनों बच्चों केसाथ सिलाई-बुनाई कर किसी तरह जीवन यापन कर रही थी। ससुर का भी देहांत हो चुका है। सास अनारकली मकान के एक हिस्से में अलग रहने लगी थी। वह कुछ दिन पहले गाजियाबाद में अपने बड़े बेटे डॉ.बाजी सेठ के पास चली गई थी।
यूं मकान में अनीता तीन बच्चों के साथ थी। रात में करीब दस बजे भोजन के बाद अनीता पिछले कमरे में चली गई जबकि बच्चे अगले कमरे में सोए थे। रात करीब ग्यारह बजे बड़े बेटे संतोष को लगा कि मां अनीता के कमरे में खिड़की के पास कोई खड़ा है। उसने आवाज दी तो मां अनीता ने कहा कि तुम सो जाओ। फिर रात करीब बारह बजे बेटी गुनगुन की नींद खुली तो वह मां के कमरे में गई। मगर काफी बोलने और झकझोरने पर भी मां कुछ नहीं बोली तो उसने भाई संतोष को बुलाया। संतोष ने आकर देखा तो मां अनीता का शरीर निर्जीव था। दरअसल उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी मगर बच्चे यह नहीं समझ सके। अनीता के गले में उसका अंतवस्त्र फंसा था। उसी से अनीता का गला दबाया गया था।
आधी रात होने की वजह से बच्चे घर में ही रोते रहे। भोर में संतोष ने बाहर निकलकर शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। खबर पाकर सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे भी थाना प्रभारी पीएन मिश्रा के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव का मुआयना कर कहा कि अनीता को गला घोंटकर मारा गया था। मगर घर के अंदर घुसकर किसने यह वारदात अंजाम दी और क्यों, यह रहस्य बना है।
पुलिस ने जांच के लिए दो मोबाइल फोन कब्जे में लिए हैं। उनके कॉल डिटेल के सहारे पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अनीता को आखिरी बार किसने फोन किया था। गांव वालों ने पुलिस को बताया कि पति के देहांत के बाद अनीता का कई लोगों से मिलना-जुलना चल रहा था। उसने दो माह पहले बीडीसी सदस्य का चुनाव भी लड़ा था लेकिन उसे हार झेलनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि अवैध रिश्ते के पहलू पर जांच की जा रही है। फिलहाल दो लोगों को संदिग्ध माना गया है।
अनीता की हत्या से उसके तीन बच्चे संतोष, मंतोष और गुनगुन के सामने भारी मुसीबत आ गई है। पिता नवाबी सेठ का निधन होने के बाद अनीता किसी तरह बच्चों के साथ गुजारा कर रही थी लेकिन अब उसके कत्ल ने तीन मासूमों की दुनिया में अंधेरा कर दिया है। अनीता की सास और जेठ का भी उससे कोई वास्ता नहीं रह गया था। मायके से भी कम संपर्क रह गया था। ऐसे में अब बच्चों को कौन सहारा देगा, यह सवाल बना है।