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घर के भीतर दंपति का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 26 Aug 2015 01:45 AM IST
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फाफामऊ (इलाहाबाद)। सोरांव इलाके के मलाक हरहर में सोमवार रात घर के भीतर घुसकर पति-पत्नी की हत्या कर दी गई। छत के रास्ते घर में दाखिल हुए कातिलों ने पति के सिर में गोली मारी जबकि पत्नी को लाठी से पीटकर मार डाला। गनीमत रही कि बदमाशों ने तीन बेटों को बख्श दिया। दूसरे कमरे में रखी आलमारी और बक्से का ताला तोड़कर तलाशी भी ली गई। फिर बदमाश भाग निकले। सुबह बड़े बेटे ने घर के बाहर निकल लोगों को बताया तो खबर फैली और पुलिस पहुंची। मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाकर जांच की गई। फिलहाल कातिलों का कोई भी सुराग नहीं मिल सका है। दोहरे कत्ल से नाराज लोगों ने अनाथ बेटों को आर्थिक मदद की मांग करते हुए दंपति का शव काफी देर तक पुलिस को नहीं उठाने दिया।
मलाक हरहर के मजरा पचपेड़वा में नीलेश कुमार यादव उर्फ बच्चा (30) पत्नी मोनू (27) और तीन बेटों वंश (7), मयंक (5) और डेढ़ साल के सौरभ के साथ रहता था। गुजारे के लिए वह खेती के अलावा खोआ बनाकर बेचता था। सोमवार शाम तक उसे और उसकी पत्नी-बच्चों को लोगों ने सलामत देखा था। मंगलवार सुबह करीब साढे़ छह बजे बड़ा बेटा वंश रोते हुए घर से निकला और आसपास के लोगों से कहा कि मम्मी-पापा को मार डाला गया है। लोगों ने घर के भीतर जाकर देखा तो सन्न रह गए। नीलेश और मोनू के रक्तरंजित शव बिस्तर पर पड़े थे। खबर पाकर फाफामऊ चौकी और सोरांव थाने की पुलिस पहुंची। फिर एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद, एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा, सीओ सोरांव भी वहां आ गए।
नीलेश के सिर पर गोली मारी गई थी जबकि पत्नी मोनू को पीटकर मारा गया था। उसके कपडे भी अस्त-व्यस्त थे, जिसे देख पुलिस अधिकारी भी संशकित हुए। कक्षा दो में पढ़ने वाले बेटे वंश से बातचीत में पुलिस को पता चला कि रात में नीलेश बड़े बेटे वंश के साथ चारपायी पर सोया था जबकि मोनू दोनों छोटे पुत्रों के साथ तख्त पर लेटी थी। वे पक्के कमरे में सोए थे। उससे आगे वाले कच्चे कमरे का दरवाजा बंद था। ऐसे में माना गया है कि रात में बदमाश छत पर चढ़े फिर सीढ़ी से नीचे उतर आए। दरवाजा खुला था इसलिए वे कमरे में घुसे और नीलेश को गोली मारने के बाद मोनू पर हमला किया।
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बेटे वंश ने बताया कि घर में दो नकाबपोश बदमाश घुसे थे। उन्होंने मोनू को डंडे और रॉड से पीटा था। उसका सिर फट गया। पुलिस को निरीक्षण के दौरान बगल के कमरे में रखी आलमारी और बक्से का ताला टूटा मिला। सामान बिखरा था। नजारा तो लूटपाट का था मगर पुलिस को शक है कि कत्ल की घटना में पुलिस को भ्रमित करने के लिए ऐसा किया गया है। कातिल कौन हैं, क्यों कत्ल किया? यह रहस्य अभी बना है। थरवई में चकिया गांव निवासी नीलेश के फुफेरे भाई बांकेलाल यादव की तहरीर पर सोरांव थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस लिखा गया है।
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मलाक हरहर के मजरा पचपेड़वा में नीलेश कुमार यादव उर्फ बच्चा (30) पत्नी मोनू (27) और तीन बेटों वंश (7), मयंक (5) और डेढ़ साल के सौरभ के साथ रहता था। गुजारे के लिए वह खेती के अलावा खोआ बनाकर बेचता था। सोमवार शाम तक उसे और उसकी पत्नी-बच्चों को लोगों ने सलामत देखा था। मंगलवार सुबह करीब साढे़ छह बजे बड़ा बेटा वंश रोते हुए घर से निकला और आसपास के लोगों से कहा कि मम्मी-पापा को मार डाला गया है। लोगों ने घर के भीतर जाकर देखा तो सन्न रह गए। नीलेश और मोनू के रक्तरंजित शव बिस्तर पर पड़े थे। खबर पाकर फाफामऊ चौकी और सोरांव थाने की पुलिस पहुंची। फिर एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद, एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा, सीओ सोरांव भी वहां आ गए।
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नीलेश के सिर पर गोली मारी गई थी जबकि पत्नी मोनू को पीटकर मारा गया था। उसके कपडे भी अस्त-व्यस्त थे, जिसे देख पुलिस अधिकारी भी संशकित हुए। कक्षा दो में पढ़ने वाले बेटे वंश से बातचीत में पुलिस को पता चला कि रात में नीलेश बड़े बेटे वंश के साथ चारपायी पर सोया था जबकि मोनू दोनों छोटे पुत्रों के साथ तख्त पर लेटी थी। वे पक्के कमरे में सोए थे। उससे आगे वाले कच्चे कमरे का दरवाजा बंद था। ऐसे में माना गया है कि रात में बदमाश छत पर चढ़े फिर सीढ़ी से नीचे उतर आए। दरवाजा खुला था इसलिए वे कमरे में घुसे और नीलेश को गोली मारने के बाद मोनू पर हमला किया।
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बेटे वंश ने बताया कि घर में दो नकाबपोश बदमाश घुसे थे। उन्होंने मोनू को डंडे और रॉड से पीटा था। उसका सिर फट गया। पुलिस को निरीक्षण के दौरान बगल के कमरे में रखी आलमारी और बक्से का ताला टूटा मिला। सामान बिखरा था। नजारा तो लूटपाट का था मगर पुलिस को शक है कि कत्ल की घटना में पुलिस को भ्रमित करने के लिए ऐसा किया गया है। कातिल कौन हैं, क्यों कत्ल किया? यह रहस्य अभी बना है। थरवई में चकिया गांव निवासी नीलेश के फुफेरे भाई बांकेलाल यादव की तहरीर पर सोरांव थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस लिखा गया है।