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बुजुर्ग कैसे भरेंगे ऑनलाइन फार्म, गांव में ही लगाओ कैंप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:28 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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ग्राम स्वराज अभियान कार्यक्रम के तहत बिजलीपुर पियरी गांव में लगी चौपाल में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ग्रामीणों से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों से जानकारी लेने के साथ उनकी समस्याएं पूछी। यहां तमाम लोगों ने वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने में लेखपाल द्वारा सहायता न किए जाने की बात कही। इस पर भड़के केशव ने विभागीय अफसरों को खरी-खरी सुनाई। कहा कि बुजुर्ग ऑन लाइन आवेदन कैसे करते हैं। उनके लिए गांव में ही जल्द से जल्द कैंप लगवाने को कहा।
चौपाल की शुरूआत में डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कितने लोगों को मिला उसकी सूची जिलाधिकारी से तलब की। यहां डीएम ने उन्हें 33 लाभार्थियों की सूची सौंपी। जब लाभार्थियों के नाम बारी-बारी से पुकारे गए तो मौके पर कुल आठ लोग ही मिले। यहां सीएम को बताया गया कि 298 और लोगों को आवास दिए जाने की सूची शासन को भेजी गई है। चौपाल में उज्ज्वला कनेक्शन के लाभार्थियों के नाम भी केशव ने मंच से बोले। महिलाओं से पूछा गया कि उन्हें कनेक्शन मिलने में कोई असुविधा तो नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह रात गांव में ही गुजार रहे हैं। इसके बाद सुबह के समय में भी वे गांव में ही रहेंगे। यदि किसी ग्रामीण को कोई समस्या तो वह सुबह तक अपना आवेदन लिख कर दें दे। डिप्टी सीएम ने अपने निजी सचिव को ग्रामीणों के बीच भेजकर उनके आवेदन इकट्ठे करवाएं। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने पेंशन मिलने की शिकायत डिप्टी सीएम से की। शिकायत सुनते ही केशव ने पेंशनरों की सूची तलब की। उसमें उन ग्रामीणों के नाम दर्ज पाए गए जिन्होंने पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। केशव ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उन्हें शीघ्र ही पेंशन योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। पेयजल समस्या की शिकायत पर केशव ने अफसरों को गांव में पानी की टंकी लगाने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम ने चौपाल कार्यक्रम में बिजली विभाग के अफसरों पर भड़क गए। यहां ग्रामीणों ने कहा कि उनके आगमन के पूर्व लो वोल्टेज की शिकायत थी। डिप्टी सीएम के आगमन की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अफसरों ने तमाम घरों में मीटर लगा दिए, लेकिन लाइन नहीं जोड़ी, जबकि लाइन जोड़ने के बाद ही मीटर लगाना चाहिए था। इस दौरान केशव ने पूछा कि गांव में कितने लोगों के यहां मीटर लगा है तो 42 लोगों ने बताया कि उनके यहां मीटर लगाए जा चुके हैं। नौ लोग उसमें ऐसे रहे जिन्होंने कहा कि मीटर लगाने के बावजूद विभाग की ओर से उन्हें विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है। केशव ने इस लापरवाही पर विद्युत विभाग के अफसरों को खूब फटकार लगाई। कहा कि रविवार को सभी के यहां कनेक्शन कर दिए जाए।
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चौपाल में डिप्टी सीएम ने बिजलीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के बारे में जानकारी ली। यहां उन्हें बताया गया कि प्राथमिक विद्यालय में 77 एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में 70 विद्यार्थी पंजीकृत है। उन्होंने पिछले वर्ष कुल पंजीकृत बच्चों के बारे में जानकारी ली तो मालूम पड़ा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बच्चों की संख्या में गिरावट आ गई है। उन्होंने बच्चों की कम संख्या होने के बारे में शिक्षा विभाग के अफसरों से पूछा तो उन्हें बताया गया कि अभी प्रवेश का दौर चल रहा है। इसलिए संख्या बढ़ जाएगी। केशव ने चौपाल में मौजूद स्कूली बच्चों से मिड डे मील के बारे में भी जानकारी ली। हालांकि बच्चों ने नियमित रूप से मिड डे मील मिलने की बात कही। उन्होंने स्कूली बच्चों से ड्रेस के बारे में भी पूछा।
शाम 6.30 बजे शुरू हुई केशव की चौपाल तकरीबन तीन घंटे तक चली। चौपाल की शुरूआत में ही अपने सामने बैठे दिव्यांगों को केशव ने अपने पास मंच पर बैठा लिया। इस दौरान उनकी समस्याओं नजदीक से सुनी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब किसी को विकलांग कहने के स्थान पर उसे दिव्यांग कहने की प्रेरणा दी है। इसकी पीछे इस मंतव्य को दर्शाया है कि मनुष्य में किसी अंग के निष्क्रिय होने से उसकी विशेषताएं कम नहीं होती है। बल्कि अगर संबंधित व्यक्ति को अवसर दिया जाए तो उनमें दिव्य प्रतिभा का विकास हो सकता है। चौपाल में नहर में लंबे समय से पानी न आने की शिकायत भी ग्रामीणों ने केशव से की।
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चौपाल की शुरूआत में डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कितने लोगों को मिला उसकी सूची जिलाधिकारी से तलब की। यहां डीएम ने उन्हें 33 लाभार्थियों की सूची सौंपी। जब लाभार्थियों के नाम बारी-बारी से पुकारे गए तो मौके पर कुल आठ लोग ही मिले। यहां सीएम को बताया गया कि 298 और लोगों को आवास दिए जाने की सूची शासन को भेजी गई है। चौपाल में उज्ज्वला कनेक्शन के लाभार्थियों के नाम भी केशव ने मंच से बोले। महिलाओं से पूछा गया कि उन्हें कनेक्शन मिलने में कोई असुविधा तो नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह रात गांव में ही गुजार रहे हैं। इसके बाद सुबह के समय में भी वे गांव में ही रहेंगे। यदि किसी ग्रामीण को कोई समस्या तो वह सुबह तक अपना आवेदन लिख कर दें दे। डिप्टी सीएम ने अपने निजी सचिव को ग्रामीणों के बीच भेजकर उनके आवेदन इकट्ठे करवाएं। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने पेंशन मिलने की शिकायत डिप्टी सीएम से की। शिकायत सुनते ही केशव ने पेंशनरों की सूची तलब की। उसमें उन ग्रामीणों के नाम दर्ज पाए गए जिन्होंने पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। केशव ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उन्हें शीघ्र ही पेंशन योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। पेयजल समस्या की शिकायत पर केशव ने अफसरों को गांव में पानी की टंकी लगाने का निर्देश दिया।
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डिप्टी सीएम ने चौपाल कार्यक्रम में बिजली विभाग के अफसरों पर भड़क गए। यहां ग्रामीणों ने कहा कि उनके आगमन के पूर्व लो वोल्टेज की शिकायत थी। डिप्टी सीएम के आगमन की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अफसरों ने तमाम घरों में मीटर लगा दिए, लेकिन लाइन नहीं जोड़ी, जबकि लाइन जोड़ने के बाद ही मीटर लगाना चाहिए था। इस दौरान केशव ने पूछा कि गांव में कितने लोगों के यहां मीटर लगा है तो 42 लोगों ने बताया कि उनके यहां मीटर लगाए जा चुके हैं। नौ लोग उसमें ऐसे रहे जिन्होंने कहा कि मीटर लगाने के बावजूद विभाग की ओर से उन्हें विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है। केशव ने इस लापरवाही पर विद्युत विभाग के अफसरों को खूब फटकार लगाई। कहा कि रविवार को सभी के यहां कनेक्शन कर दिए जाए।
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चौपाल में डिप्टी सीएम ने बिजलीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के बारे में जानकारी ली। यहां उन्हें बताया गया कि प्राथमिक विद्यालय में 77 एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में 70 विद्यार्थी पंजीकृत है। उन्होंने पिछले वर्ष कुल पंजीकृत बच्चों के बारे में जानकारी ली तो मालूम पड़ा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बच्चों की संख्या में गिरावट आ गई है। उन्होंने बच्चों की कम संख्या होने के बारे में शिक्षा विभाग के अफसरों से पूछा तो उन्हें बताया गया कि अभी प्रवेश का दौर चल रहा है। इसलिए संख्या बढ़ जाएगी। केशव ने चौपाल में मौजूद स्कूली बच्चों से मिड डे मील के बारे में भी जानकारी ली। हालांकि बच्चों ने नियमित रूप से मिड डे मील मिलने की बात कही। उन्होंने स्कूली बच्चों से ड्रेस के बारे में भी पूछा।
शाम 6.30 बजे शुरू हुई केशव की चौपाल तकरीबन तीन घंटे तक चली। चौपाल की शुरूआत में ही अपने सामने बैठे दिव्यांगों को केशव ने अपने पास मंच पर बैठा लिया। इस दौरान उनकी समस्याओं नजदीक से सुनी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब किसी को विकलांग कहने के स्थान पर उसे दिव्यांग कहने की प्रेरणा दी है। इसकी पीछे इस मंतव्य को दर्शाया है कि मनुष्य में किसी अंग के निष्क्रिय होने से उसकी विशेषताएं कम नहीं होती है। बल्कि अगर संबंधित व्यक्ति को अवसर दिया जाए तो उनमें दिव्य प्रतिभा का विकास हो सकता है। चौपाल में नहर में लंबे समय से पानी न आने की शिकायत भी ग्रामीणों ने केशव से की।