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हाईकोर्ट ग्रुप सी और डी परीक्षा के साल्वर गैंग का भंडाफोड़

Sun, 12 Nov 2017 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Nov 2017 02:07 AM IST
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High Court Group C and D Exam's Explosive Explanation
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
हाईकोर्ट की ग्रुप सी और डी परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस से पेपर साल्व कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसटीएफ ने शुक्रवार को चार जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से सवा सौ से ज्यादा इलेक्ट्रानिक और ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुए हैं। उनकी इलाहाबाद और वाराणसी के कई परीक्षा केंद्रों में सेटिंग कर बड़े पैमाने पर नकल कराने की साजिश थी। उनके पास से दो लाख 38 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। इस गिरोह में एमएनएनआईटी से बीटेक कर रहा छात्र और वहीं से एमटेक किया पूर्व छात्र भी शामिल है। हालांकि, ये दोनों भी फरार हैं।  
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हाईकोर्ट की ग्रुप सी और डी की 12 नवंबर को होने वाली परीक्षा लगभग 50 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। एसटीएफ को पता चला था कि एक गिरोह पैसे लेकर बड़े पैमाने पर नकल कराने की योजना बना रहा है। शुक्रवार शाम एसटीएफ ने कचहरी के पास से गिरोह के मास्टर माइंड मनीष मिश्रा निवासी औंता मेजा, सुनील उपाध्याय निवासी सुरियावां भदोही, कृष्णकांत दुबे निवासी औराई, भदोही और राजकुमार यादव निवासी कछवा मिर्जापुर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन प्रकार के 54 इलेक्ट्रानिक डिवाइस बरामद हुए। इसके अलावा 45 ब्लूटूथ डिवाइस, 30 डिवाइस स्टीकर, 11 मोबाइल, 10 नए सिमकार्ड, 18 बैंकों के साइन किए हुए चेक (दो लाख से पचास हजार तक की राशि दर्ज) और हाईकोर्ट परीक्षा के 22 प्रवेश पत्र बरामद हुए। उनके पास से दो लाख 38 हजार रुपये और दो बाइक भी मिली।
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एसटीएफ की टीम ने चारों से घंटों पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि मेजा का मनीष गिरोह का मास्टर माइंड है। वह कई सालों से पेपर आउट कराने से लेकर नकल कराने तक का ठेका लेता रहा है। उसके प्रदेश में तमाम नकल माफिया से संबंध हैं। 12 नवंबर को होने वाली हाईकोर्ट की परीक्षा में अभ्यर्थियों से दो से तीन लाख रुपये में नकल कराने की प्लानिंग थी। सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को एक बहुत ही छोटी इलेक्ट्रानिक डिवाइस दे दी जाती, जिसे कान में या कपड़ों के अंदर आसानी से छिपाया जा सकता था। बाहर बैठे साल्वर इसी डिवाइस के माध्यम से आधे घंटे में पूरा पेपर साल्व कर बता देते। उनके गिरोह से कई साल्वर जुड़े हैं। गिरोह में अमित मिश्रा और आदर्श नायर भी हैं। इनमें से अमित एमएनएनआईटी से एमटेक करा रहा है, जबकि आदर्श वहीं से एमटेक कर चुका है। पता चला है कि इन दोनों ने टीईटी के दौरान नकल कराने के लिए ओएमआर शीट बदलने का ठेका लिया था। दोनों अभी फरार हैं।
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