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मांडा में डूबे चार भाई-बहन, तीन को बचाया गया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 19 May 2018 01:07 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मांडा थाना क्षेत्र के जेरा गंगा घाट पर शुक्रवार सुबह पिता की आंखों के सामने ही उसके चार बच्चे डूबने लगे। तीन बच्चों को तो बचा लिया गया लेकिन, बच्ची नदी में समा गई। काफी देर बाद उसका शव मिला। बच्ची की मौत से घाट पर हाहाकार मचा रहा। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
सरायकला के राजकुमार पटेल शिक्षा प्रेरक है। राजकुमार पटेल शुक्रवार की सुबह आठ बजे अपने चारों बच्चों आंचल (12), शिवांश (9), देवांश (6), आयुष (3) को साइकिल पर बैठाकर पड़ोस के गांव स्थित जेरा गंगा घाट पर स्नान करने गए थे। चारों बच्चे पिता के साथ गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। नदी में खेलते खेलते शिवांश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगे। यह देख राजकुमार घबरा गया और शिवांश को बचाने के लिए गहरे पानी की ओर भागा। पिता को देखकर आंचल, देवांश और आयुष भी उसके पीछे गहरे पानी की ओर चले गए। राजकुमार ने किसी तरह शिवांश को निकाल लिया लेकिन इस बीच गहरे पानी में पहुंचे देवांश, आयुष और आंचल भी डूबने लगे। गंगा घाट मौजूद कई लोग बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। उन्होंने देवांश और आयुष को बचा लिए लेकिन आंचल गहरे पानी में समा गई। काफी प्रयास के बाद भी आंचल को नहीं बचाया जा सका। गोताखोरों ने काफी देर प्रयास के बाद उसका शव खोजा। तब तक राजकुमार की पत्नी अनीता समेत परिवार और गांव के अन्य लोग भी घाट पर पहुंच गए थे। बेटी की लाश देखते ही अनीता बेहोश हो गई। घाट पर हाहाकार मचा रहा।
राजकुमार पटेल की बेटी आंचल गांव के ही बाल विकास विद्या मंदिर में कक्षा सात में पढ़ती थी। वह पढ़ने लिखने में अपने भाई बहनों में सबसे तेज थी। उसकी मौत से गांव में देर शाम तक कोहराम मचा रहा। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाह रही थी लेकिन घर वालों को मंजूर नहीं था। उन्होंने लिखित में पोस्टमार्टम न कराने की गुजारिश जिसे पुलिस ने मान लिया। देर शाम आंचल का अंतिम संस्कार कर दिय
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सरायकला के राजकुमार पटेल शिक्षा प्रेरक है। राजकुमार पटेल शुक्रवार की सुबह आठ बजे अपने चारों बच्चों आंचल (12), शिवांश (9), देवांश (6), आयुष (3) को साइकिल पर बैठाकर पड़ोस के गांव स्थित जेरा गंगा घाट पर स्नान करने गए थे। चारों बच्चे पिता के साथ गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। नदी में खेलते खेलते शिवांश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगे। यह देख राजकुमार घबरा गया और शिवांश को बचाने के लिए गहरे पानी की ओर भागा। पिता को देखकर आंचल, देवांश और आयुष भी उसके पीछे गहरे पानी की ओर चले गए। राजकुमार ने किसी तरह शिवांश को निकाल लिया लेकिन इस बीच गहरे पानी में पहुंचे देवांश, आयुष और आंचल भी डूबने लगे। गंगा घाट मौजूद कई लोग बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। उन्होंने देवांश और आयुष को बचा लिए लेकिन आंचल गहरे पानी में समा गई। काफी प्रयास के बाद भी आंचल को नहीं बचाया जा सका। गोताखोरों ने काफी देर प्रयास के बाद उसका शव खोजा। तब तक राजकुमार की पत्नी अनीता समेत परिवार और गांव के अन्य लोग भी घाट पर पहुंच गए थे। बेटी की लाश देखते ही अनीता बेहोश हो गई। घाट पर हाहाकार मचा रहा।
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राजकुमार पटेल की बेटी आंचल गांव के ही बाल विकास विद्या मंदिर में कक्षा सात में पढ़ती थी। वह पढ़ने लिखने में अपने भाई बहनों में सबसे तेज थी। उसकी मौत से गांव में देर शाम तक कोहराम मचा रहा। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाह रही थी लेकिन घर वालों को मंजूर नहीं था। उन्होंने लिखित में पोस्टमार्टम न कराने की गुजारिश जिसे पुलिस ने मान लिया। देर शाम आंचल का अंतिम संस्कार कर दिय
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