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किसानों के साथ हर सरकार ने छलावा किया

Mon, 01 Jan 2018 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 01 Jan 2018 12:59 AM IST
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Every government manipulated with the farmers
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सरदारवादी आंदोलन की ओर से पटेल संस्थान में युवाओं और किसानों के लिए आयोजित सम्मेलन में हार्दिक के नहीं पहुंचने पर आयोजकों ने फेसबुक लाइव के जरिए उनका संबोधन करवाया। दिनभर कड़ाके की ठंड के बीच जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया कि किसानों को हर सरकार ने छला है। 1990 के बाद से देश एवं प्रदेशों में बनी सरकारों ने उनके साथ लगातार अन्याय होने दिया। कम होती सब्सिडी, खाद और बिजली के बढ़ते दाम के चलते किसान आत्महत्या को मजबूर है।
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देश के सभी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों का किसान आत्महत्या कर रहा है। यहां सरकारें उनके लिए कुछ नहीं कर रही हैं। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने के चलते किसान अपनी उपज की सही कीमत नहीं पा रहे हैं। किसानों की बदतर हालत के लिए सभी दल जिम्मेदार हैं, इसके लिए उन्होंने सरदार के सपनों का भारत बनाने के लिए समाज के लोगों से एकजुट होने की अपील की। हार्दिक के सहयोगी रत्नेश पटेल ने सम्मेलन में कहा कि हार्दिक भाई ने कहा है कि वह किसानों और युवाओं के मुद्दे को लेकर अपने लोगों को एकजुट कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि गुजरात से बाहर जाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, अनुमति मिलते ही वह उन्हें लेकर इलाहाबाद आएंगे।
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रत्नेश पटेल ने आयोजन में जुटे लोगों से कहा कि यहां से निकलकर एक-एक व्यक्ति अपने समाज के 10-10 लोगों को बताएगा कि उनकी एकता से ही हम अपना हक पाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में भाजपा की सरकारों ने किसानों और युवाओं के साथ अन्याय किया। रत्नेश पटेल ने फूलपुर लोक सभा चुनाव के बारे में सवाल करने पर कहा कि उनका आंदोलन गैर राजनैतिक है। सम्मेलन में आए अतिथियों का स्वागत संयोजक डॉ. आरएस पटेल ने किया। इस मौके पर सम्मेलन को संबोधित करने वालों में नरेश भाई पटेल, ईश्वर प्रसाद पटेल, सुरेंद्र सिंह, बृजलाल, अभिषेक पटेल, वीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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सरदारवादी आंदोलन की ओर से किसानों एवं युवाओं की समस्याओं पर मंथन करने केलिए सरदार पटेल की पुण्य तिथि पर आयोजित सम्मेलन में गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल नहीं पहुंचे। हार्दिक को सुनने के लिए कड़ाके की ठंड में जिले के दूर-दराज के गांवों से पहुंचे समर्थकों को निराश होकर लौटना पड़ा। हार्दिक के नहीं आने की बात आयोजकों की ओर से अंत तक छिपाए रखने के कारण समर्थकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। शाम चार बजे समर्थकों के बीच हार्दिक के सहयोगी रत्नेश पटेल पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुजरात से बाहर जाने पर रोक के चलते उनका कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा। आयोजकों के दावे के विपरीत सम्मेलन में भाजपा से त्यागपत्र देने वाले सांसद नाना भाई पटोले भी नहीं पहुंचे। हार्दिक के नहीं आने से नाराज समर्थकों ने सवाल उठाया कि आखिर में जब आयोजकों को यह बात पहले से पता थी तो उन्होंने सम्मेलन में जुटे कार्यकर्ताओं को गुमराह क्यों किया।


हार्दिक के नहीं पहुंचने और कार्यकर्ताओं के सवालों से परेशान आयोजक डॉ. अरएस पटेल ने आरोप लगाया कि अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनके आयोजन से ध्यान भटकाने के लिए जान बूझकर अपने काफिले की गाड़ियों को आपस में लड़ाकर कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे समाज के लोगों को गुमराह किया। इस बारे में अपना दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह आयोजकों की हताश मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े लोगों ने समाज के लोगों को गुमराह किया, उन्हें पहले से पता था कि हार्दिक नहीं आएंगे और उनके संबोधन को दिखाने के लिए पहले से वीडियो स्क्रीन की व्यवस्था कर रखी थी। ऐसे में कार्यक्रम की सफलता पहले से संदेह के घेरे में थी।
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