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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Even before the incident, the crooks had reached the ATM cabin

वारदात से पहले भी एटीएम केबिन में पहुंचे थे बदमाश

Fri, 30 Nov 2018 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Fri, 30 Nov 2018 01:50 AM IST
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मम्फोर्डगंज में एटीएम काटकर 16.61 लाख चुराने वाले बदमाश वारदात से कुछ घंटे पहले भी एटीएम में पहुंचे थे। क्योंकि केबिन व एटीएम मशीन में लगे कैमरे बंद होने के ठीक 48 मिनट बाद आखिरी बार मशीन से रुपये निकाले गए। इससे साफ है कि बदमाश पहले कैमरे बंद कर चले गए। फिर कुछ घंटों बाद पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया।
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स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के बाद पुलिस का मानना है कि घटना रात दो बजे के बाद अंजाम दी गई। दरअसल, लोगों ने बताया कि घटनास्थल से थोड़ी ही दूर पर एक पार्क स्थित है, जिसमें इन दिनों कुछ काम चल रहा है। इसके चलते इस रूट से मजदूरों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के जिस एटीएम को निशाना बनाया गया, इसके बगल में ही एक मिठाई की दुकान है। दुकानदार व उसके कर्मचारियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि रात एक बजे के करीब वह दुकान बंद करते हैं और बुधवार रात भी इसी वक्त पर घर गए। ऐसे में माना जा रहा है कि घटना रात दो बजे के करीब अंजाम दी गई।
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सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि केबिन में लगा कैमरा रात 22.11 मिनट पर बंद हुआ। यानी इस वक्त पर चोर एटीएम में पहुंच चुके थे। डीवीआर की जांच में आखिरी रिकॉर्डिंग इसी वक्त पर हुई। खास बात यह कि ठीक 48 मिनट यानी 22.59 मिनट पर एटीएम से 1000 रुपये निकाले गए। सूत्रों का कहना है कि इस बात की पूरी  आशंका है कि बदमाश वारदात से पहले भी एटीएम केबिन में पहुंचे थे। पहली बार वह सिर्फ कैमरे बंद करने के लिए गए और इसके बाद वापस चले आए। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने एटीएम से रुपये निकाले। उधर देर रात चोर फिर पहुंचे और एटीएम काटकर नगदी उड़ा दी।
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प्रयागराज। जिले में बदमाश आए दिन एटीएम को निशाना बना रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार हैं कि जागने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि मम्फोर्डगंज में एटीएम से 16.61 लाख रुपये चोरी होने के बाद भी न तो पुलिस जागी और न ही बैंक अफसर। बृहस्पतिवार रात अमर उजाला ने शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर लगे एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था जांची तो पता चला कि लोगों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा पहले भी भगवान भरोसे थी और अब भी ऐसा ही है।

मम्फोर्डगंज में जिस एटीएम को गैस कटर से काटकर लाखों रुपये उड़ाए गए, उसमें तीन दिन पहले ही नगदी भरी गई थी। नगदी भरने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि 27 नवंबर को एटीएम में 10 लाख रुपये डाले गए थे।  वारदात की जानकारी पर एटीएम में नगदी भरने वाली कंपनी सिक्योर वैल्यू के  कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। इनमें शामिल कोऑर्डिनेटर उत्कर्ष सिंह ने बताया कि एटीएम में आखिरी बार 27 नवंबर को नगदी भरी गई थी। शाम 4.45 बजे के करीब 10 लाख रुपये मशीन में भरे गए थे। 11 लाख रुपये इसमें पहले से पड़े थे। उसने बताया कि कैश भरने के दौरान उसके साथ गन मैन अजीत यादव व जय बाबू के अलावा एक अन्य कर्मचारी दयाशंकर शुक्ला भी था। उसने बताया कि पांच-छह दिनों में जरूरत के अनुसार एटीएम में नगदी भरी जाती है। इसके लिए संबंधित कंपनी के कर्मचारियों को मशीन का पासवर्ड भी कुछ देर पहले ही बैंक की ओर से बताया जाता है। पुलिस ने कर्मचारियों से काफी देर तक पूछताछ की। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनसे कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल कोई ऐसी जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे चोरों का कोई सुराग हासिल हो सके। जांच पड़ताल की जा रही है।

मम्फोर्डगंज में एटीएम से 16.61 लाख रुपये चोरी होने की घटना के बाद जिले में एटीएम की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वैसे यह पहला मौका नहीं जब ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले भी कई बार एटीएम को निशाना बनाया जा चुका है। अल्लापुर में तो बदमाश एटीएम ही उखाड़ ले गए थे जिसका आज तक पता नहीं चल सका।

एटीएम काटकर कैश उड़ाने की कोशिश जिले मेें कई जगहों पर हो चुकी हैं। इसके अलावा अल्लापुर में सात साल पहले हुई घटना में बदमाश यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम ही उठा ले गए थे। 18.17 लाख रुपये से भरे इस एटीएम के बारे में पुलिस आज तक कुछ पता नहीं लगा सकी। पांच र्मई 2011 को हुई इस घटना से जिले में सनसनी फैल गई थी। पुलिस चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर इस वारदात को अंजाम देकर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी थी। बदमाश एटीएम को ट्रक पर लादकर भाग निकले थे। सैकड़ों लोगों से पूछताछ के बाद भी इस मामले का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी।

इसी साल 30 सितंबर को नैनी में एटीएम से कैश लूटने की कोशिश की गई थी। तब बदमाशों ने एडीए कॉलोनी के पाठक मार्केट स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम को निशाना बनाया था। यहां पहले बदमाशों ने एटीएम तोड़ने की कोशिश की और जब वह इसमें नाकाम रहे तो उन्होंने मशीन में तोड़फोड़ की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर पता चला था कि आधी रात कुछ युवकों ने घंटों मशीन उखाड़ने की कोशिश की लेकिन वह इसमें नाकाम रहे।

नैनी में इसी साल 19 अप्रैल को चोरों ने जीतलाल चौराहे के पास स्थित वन इंडिया कंपनी का एटीएम गैस कटर से एटीएम काटने की कोशिश की थी। घंटों कोशिश के बाद भी नाकाम रहने पर बदमाश चले गए थे। अगले दिन सुबह कैश लोडिंग कंपनी के कर्मचारी पहुंचे तो जानकारी हुई। बड़ी बात यह कि तत्कालीन नैनी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार मिश्र ऐसी किसी घटना से ही इंकार करते रहे थे। जबकि उनके ही अफसरों ने घटना की शिकायत मिलने की बात कबूली थ्र्री।


खुल्दाबाद के चकिया में पांच साल पहले 28 दिसंबर को पुलिस ने तीन लोगों को रंगेहाथ गैस कटर से एटीएम काटते हुए गिरफ्तार किया था। चोर यूनियन बैंक का एटीएम काटने पहुंचे थे। इसी दौरान पड़ोसी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गैस कटर व एक पिस्तौल बरामद की थी। इस दौरान उनका एक साथी भागने में कामयाब हो गया था।
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