{"_id":"59a7186f4f1c1be9278b489a","slug":"elderly-killed-in-fights-to-make-way","type":"story","status":"publish","title_hn":"रास्ता बनाने के झगड़े में बुजुर्ग को मार डाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रास्ता बनाने के झगड़े में बुजुर्ग को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उतरांव के सिठौली गांव में बुधवार सुबह रास्ते के विवाद में दो पक्षों में मारपीट और पथराव के दौरान पुलिस पहुंची और पांच लोगों को थाने ले गई। इसके बाद एक पक्ष के बुजुर्ग लोरिकचंद्र पटेल (65) की घर के भीतर मौत हो गई। आरोप है कि विरोधी परिवार की महिलाओं ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। एसडीएम ने पीड़ित पक्ष की मांग पर खड़ंजा बिछवाकर गुस्सा शांत कराया। इस मामले में प्रधान समेत छह लोगों को नामजद किया गया है।
सिठौली गांव में रहने वाले पंधारी पाल और पड़ोसी लोरिकचंद्र पटेल के बीच लंबे समय से विवाद बना था। आबादी की जमीन पर पंधारी पाल का परिवार बसा है और पटेल परिवार उसके बीच से रास्ता चाहता था। इसकी खातिर लोरिकचंद्र के बेटे संतोष ने कई बार थाने से लेकर तहसील तक प्रार्थनापत्र दिए, मगर मामला नहीं सुलझा।
मंगलवार शाम दोनों पक्षों के बीच झड़प के बाद संतोष ने एसडीएम के पास जाकर शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बुधवार सुबह फिर दोनों तरफ की महिलाओं के बीच झड़प के बाद पथराव होने लगा। पथराव में लोरिकचंद्र की पत्नी शिवपंती देवी और पुत्र संतोष जख्मी हुआ, जबकि दूसरे पक्ष से पंधारी पाल, उसके पुत्र रामदुलार तथा भतीजे धमेंद्र को गंभीर चोट पहुंची। खबर पाकर उतरांव पुलिस वहां पहुंची और सभी पांच घायलों को थाने ले गई। कुछ देर बाद हल्ला मचा कि घर के भीतर लेटे लकवा पीड़ित लोरिकचंद्र पटेल (65) को पंधारी पाल के परिवार की महिलाओं ने घर में घुसकर मार डाला। घर में मौजूद संतोष की पत्नी के मुताबिक, दरवाजे को धक्का देकर घुसी महिलाओं ने लोरिकचंद्र को बुरी तरह पीटा। वह जान बचाने के लिए तीनों बच्चों के साथ घर से दूर भाग गई थी।
विज्ञापन
लोरिकचंद्र की मौत की खबर पाकर जुटे रिश्तेदारों और परिजनों ने विरोधी पक्ष पर कत्ल का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। खबर पाकर एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह, एसडीएम और सीओ पहुंच गए। एसडीएम ने पीड़ित पक्ष से कहा कि वे अभी सड़क बना डालें। इसके बाद दो घंटे के भीतर लोरिकचंद्र के परिजनों और रिश्तेदारों ने विरोधियों की तरफ से ईंट उठाकर खड़ंजा बना डाला। मृतक लोरिकचंद्र के पुत्र संतोष की तहरीर पर घटना में पंधारी पाल, धमेंद्र पाल, उसकी पत्नी आशा पाल, मंजू पाल, उर्मिला देवी और ग्राम प्रधान रमेशचंद्र यादव के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर हत्या, धमकी की धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। उतरांव के थानाध्यक्ष गजानंद चौबे का कहना है कि मृतक लोरिकचंद्र पटेल लकवा पीड़ित था। पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी मौत बीमारी से हुई या पीटने से।
विज्ञापन
सिठौली गांव में रहने वाले पंधारी पाल और पड़ोसी लोरिकचंद्र पटेल के बीच लंबे समय से विवाद बना था। आबादी की जमीन पर पंधारी पाल का परिवार बसा है और पटेल परिवार उसके बीच से रास्ता चाहता था। इसकी खातिर लोरिकचंद्र के बेटे संतोष ने कई बार थाने से लेकर तहसील तक प्रार्थनापत्र दिए, मगर मामला नहीं सुलझा।
विज्ञापन
मंगलवार शाम दोनों पक्षों के बीच झड़प के बाद संतोष ने एसडीएम के पास जाकर शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बुधवार सुबह फिर दोनों तरफ की महिलाओं के बीच झड़प के बाद पथराव होने लगा। पथराव में लोरिकचंद्र की पत्नी शिवपंती देवी और पुत्र संतोष जख्मी हुआ, जबकि दूसरे पक्ष से पंधारी पाल, उसके पुत्र रामदुलार तथा भतीजे धमेंद्र को गंभीर चोट पहुंची। खबर पाकर उतरांव पुलिस वहां पहुंची और सभी पांच घायलों को थाने ले गई। कुछ देर बाद हल्ला मचा कि घर के भीतर लेटे लकवा पीड़ित लोरिकचंद्र पटेल (65) को पंधारी पाल के परिवार की महिलाओं ने घर में घुसकर मार डाला। घर में मौजूद संतोष की पत्नी के मुताबिक, दरवाजे को धक्का देकर घुसी महिलाओं ने लोरिकचंद्र को बुरी तरह पीटा। वह जान बचाने के लिए तीनों बच्चों के साथ घर से दूर भाग गई थी।
विज्ञापन
लोरिकचंद्र की मौत की खबर पाकर जुटे रिश्तेदारों और परिजनों ने विरोधी पक्ष पर कत्ल का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। खबर पाकर एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह, एसडीएम और सीओ पहुंच गए। एसडीएम ने पीड़ित पक्ष से कहा कि वे अभी सड़क बना डालें। इसके बाद दो घंटे के भीतर लोरिकचंद्र के परिजनों और रिश्तेदारों ने विरोधियों की तरफ से ईंट उठाकर खड़ंजा बना डाला। मृतक लोरिकचंद्र के पुत्र संतोष की तहरीर पर घटना में पंधारी पाल, धमेंद्र पाल, उसकी पत्नी आशा पाल, मंजू पाल, उर्मिला देवी और ग्राम प्रधान रमेशचंद्र यादव के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर हत्या, धमकी की धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। उतरांव के थानाध्यक्ष गजानंद चौबे का कहना है कि मृतक लोरिकचंद्र पटेल लकवा पीड़ित था। पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी मौत बीमारी से हुई या पीटने से।