{"_id":"6a9ae396a6c1702ab10f8f71","slug":"plan-to-kidnap-child-hatched-after-watching-crime-shows-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-153512-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: क्राइम शो देखकर बनाया बच्चे के अपहरण का प्लान, मां से मांगी 80 लाख की फिरौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: क्राइम शो देखकर बनाया बच्चे के अपहरण का प्लान, मां से मांगी 80 लाख की फिरौती
विज्ञापन
-भलस्वा डेयरी इलाके की घटना, आरोपियों ने बच्चे की मां से मांगी 80 लाख की फिरौती, बाद में 40 लाख पर किया सौदा तय
-मां के शिकायत के बाद पुलिस का रातभर चला ऑपरेशन, तड़के पुलिस ने बच्चे को कराया मुक्त
आठ साल के बच्चे को किया अगवा, चार नाबालिग समेत छह को पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भलस्वा डेयरी इलाके में टीवी के क्राइम शो से प्रभावित होकर जल्द पैसा कमाने के लिए दो युवकों ने नाबालिगों के साथ मिलकर आठ साल के बच्चे को अगवा कर लिया। आरोपियों ने बच्चे की मां से 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी और व्हाट्सएप कॉल के जरिये रकम घटाकर 40 लाख कर दी। मां की शिकायत पर पुलिस ने रात भर ऑपरेशन चलाया और तड़के चार नाबालिगों समेत छह आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद किया। आरोपी करने के बाद रात भर बच्चे को लेकर इधर उधर घूमते रहे। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त लोकेश्वरन ने बताया कि दो सितंबर को मुकुंदपुर निवासी रेशमा ने भलस्वा डेयरी थाने में अपने आठ वर्षीय बेटा अपहरण होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं की ओर से कॉल कर 80 लाख की फिरौती की मांगी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया।
सीडीआर और व्हाट्सएप नंबर से शुरू हुई तलाश : बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए थाना प्रभारी राकेश राणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी शुरू की। सीडीआर, सीएएफ और संदिग्ध व्हाट्सएप नंबरों की जांच कर पुलिस ने मुकुंदपुर, बुराड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने राहुल (18) और शुभम (18) को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही वारदात में शामिल चार नाबालिगों को पकड़ लिया।
टॉफी-चॉकलेट देकर बच्चे का जीता भरोसा : गिरोह में शामिल एक नाबालिग बच्चे को कई दिनों से बच्चे को टॉफी, चॉकलेट और कोल्डड्रिंक देकर उससे दोस्ती बढ़ा रहा था। एक अन्य नाबालिग पीड़ित बच्चे की बड़ी बहन के साथ एक ही कक्षा में पढ़ता था। नाबालिग आरोपी अपहरण के बाद परिवार के साथ रहकर उन्हें सांत्वना देने का दिखावा किया। इस दौरान वह पुलिस की गतिविधियों और जांच की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
-मां के शिकायत के बाद पुलिस का रातभर चला ऑपरेशन, तड़के पुलिस ने बच्चे को कराया मुक्त
आठ साल के बच्चे को किया अगवा, चार नाबालिग समेत छह को पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भलस्वा डेयरी इलाके में टीवी के क्राइम शो से प्रभावित होकर जल्द पैसा कमाने के लिए दो युवकों ने नाबालिगों के साथ मिलकर आठ साल के बच्चे को अगवा कर लिया। आरोपियों ने बच्चे की मां से 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी और व्हाट्सएप कॉल के जरिये रकम घटाकर 40 लाख कर दी। मां की शिकायत पर पुलिस ने रात भर ऑपरेशन चलाया और तड़के चार नाबालिगों समेत छह आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद किया। आरोपी करने के बाद रात भर बच्चे को लेकर इधर उधर घूमते रहे। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त लोकेश्वरन ने बताया कि दो सितंबर को मुकुंदपुर निवासी रेशमा ने भलस्वा डेयरी थाने में अपने आठ वर्षीय बेटा अपहरण होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं की ओर से कॉल कर 80 लाख की फिरौती की मांगी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया।
सीडीआर और व्हाट्सएप नंबर से शुरू हुई तलाश : बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए थाना प्रभारी राकेश राणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी शुरू की। सीडीआर, सीएएफ और संदिग्ध व्हाट्सएप नंबरों की जांच कर पुलिस ने मुकुंदपुर, बुराड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने राहुल (18) और शुभम (18) को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही वारदात में शामिल चार नाबालिगों को पकड़ लिया।
विज्ञापन
टॉफी-चॉकलेट देकर बच्चे का जीता भरोसा : गिरोह में शामिल एक नाबालिग बच्चे को कई दिनों से बच्चे को टॉफी, चॉकलेट और कोल्डड्रिंक देकर उससे दोस्ती बढ़ा रहा था। एक अन्य नाबालिग पीड़ित बच्चे की बड़ी बहन के साथ एक ही कक्षा में पढ़ता था। नाबालिग आरोपी अपहरण के बाद परिवार के साथ रहकर उन्हें सांत्वना देने का दिखावा किया। इस दौरान वह पुलिस की गतिविधियों और जांच की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाता था।
विज्ञापन