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गैंगरेप पीड़िता को फिर लौटा दिया डफरिन से
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 23 Feb 2017 02:04 AM IST
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rape
- फोटो : Demo
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अतरसुइया इलाके में आठ रोज पहले गैंगरेप की शिकार दिव्यांग बालिका को एसआरएन अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के बाद पिछले दो रोज से परिजन मेडिकल टेस्ट के लिए डफरिन ले जा रहे हैं लेकिन उन्हें लौटा दिया जा रहा है। बुधवार को भी यह कहकर वापस कर दिया गया कि अब मतदान के बाद आना। परिजनों का कहना है कि बेरहमी करने वाली महिला डॉक्टर की शिकायत की वजह से उनके साथ डफरिन में ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
करेली इलाके में रहने वाली 13 साल की दिव्यांग बालिका को पिछले मंगलवार को कब्रिस्तान में ले जाकर दो लोगों ने बलात्कार किया था। उनमें एक आरोपी 45 साल का था। रेप से बालिका की हालत खराब हो गई। वह खून से लथपथ हो गई। डफरिन में महिला डॉक्टर ने इलाज की बजाय आनाकानी करते हुए बालिका को बाहर फेंकने की धमकी दी थी। एसपी सिटी विपिन टाडा ने उसके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट दी जिस पर मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है। अमर उजाला ने इस प्रकरण को लगातार प्रकाशित किया है। डफरिन की जांच टीम ने भी बेरहम महिला डॉक्टर को बचाने की खातिर जांच में लीपापोती कर दी।
एडी हेल्थ ने इस प्रकरण की नए सिरे से जांच शुरू करा दी है। मंगलवार को एसआरएन अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने पर बालिका को परिजन मेडिकल टेस्ट के लिए डफरिन ले गए तो उन्हें कहा गया कि बुधवार को आना। बुधवार दोपहर बालिका को लेकर मां डफरिन पहुंची तो उन्हें फिर वापस कर दिया गया। मां ने अमर उजाला को बताया कि अस्पताल में उनसे कहा गया कि सब मतदान ड्यूटी में लगे हैं। दो दिन बाद आना तब जांच होगी। अस्पताल में हुए इस बर्ताव से बालिका की मां बेहद दुखी हैं। उन्हें दिव्यांग बेटी को लेकर जलालत झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि महिला डॉक्टर की शिकायत की वजह से डफरिन में सभी डॉक्टर और कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं।
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करेली इलाके में रहने वाली 13 साल की दिव्यांग बालिका को पिछले मंगलवार को कब्रिस्तान में ले जाकर दो लोगों ने बलात्कार किया था। उनमें एक आरोपी 45 साल का था। रेप से बालिका की हालत खराब हो गई। वह खून से लथपथ हो गई। डफरिन में महिला डॉक्टर ने इलाज की बजाय आनाकानी करते हुए बालिका को बाहर फेंकने की धमकी दी थी। एसपी सिटी विपिन टाडा ने उसके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट दी जिस पर मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है। अमर उजाला ने इस प्रकरण को लगातार प्रकाशित किया है। डफरिन की जांच टीम ने भी बेरहम महिला डॉक्टर को बचाने की खातिर जांच में लीपापोती कर दी।
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एडी हेल्थ ने इस प्रकरण की नए सिरे से जांच शुरू करा दी है। मंगलवार को एसआरएन अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने पर बालिका को परिजन मेडिकल टेस्ट के लिए डफरिन ले गए तो उन्हें कहा गया कि बुधवार को आना। बुधवार दोपहर बालिका को लेकर मां डफरिन पहुंची तो उन्हें फिर वापस कर दिया गया। मां ने अमर उजाला को बताया कि अस्पताल में उनसे कहा गया कि सब मतदान ड्यूटी में लगे हैं। दो दिन बाद आना तब जांच होगी। अस्पताल में हुए इस बर्ताव से बालिका की मां बेहद दुखी हैं। उन्हें दिव्यांग बेटी को लेकर जलालत झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि महिला डॉक्टर की शिकायत की वजह से डफरिन में सभी डॉक्टर और कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं।
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