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28 दिन में भी ठीक नहीं हुए डा. मुकुल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:41 AM IST
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राजेश यादव
- फोटो : file photo
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बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में नामजद आरोपी डा. मुकुल सिंह चार अक्तूबर अक्तूबर से एसआरएन अस्पताल में यूरिन इन्फेक्शन का इलाज करा रहे हैं। उनका इलाज सर्जन डा. दिलीप चौरसिया कर रहे हैं। तब से अब तक 28 दिन हो गए लेकिन इन्फे क्शन ठीक नहीं हुआ। डा. मुकुल के इलाज पर मृतक राजेश यादव की पत्नी मोनिका ने सवाल उठाते हुए आईजी जोन और अदालत में अर्जी लगाई है। मोनिका का कहना है कि इलाज के नाम पर डा. मुकुल को बचाने की कोशिश की जा रही है।
दो अक्तूबर को देर रात करीब सवा दो बजे बसपा नेता राजेश यादव की ताराचंद होस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त छात्रसंघ चुनाव का माहौल था। राजेश अपनी गाड़ी से एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर मुकुल सिंह के साथ ताराचंद हॉस्टल गए थे। दोनों के बीच लंबे कई साल से दोस्ती थी। घटना की रात मोनिका ने राजेश को जल्दी घर भेजने के लिए मुकुल से बात भी की थी। राजेश की हत्या के बाद अगले दिन शहर में बवाल हो गया था। इस मामले में मोनिका ने डा. मुकुल को नामजद करते हए थाना कर्नलगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस घटना के दो दिन तक तो डा. मुकुल फरार रहे। पुलिस ने उनके भाई को थाने में बैठा लिया तो चार अक्तूबर को वह अचानक एसआरएन अस्पताल में भर्ती हो गए। यह खबर पुलिस को हुई तो पूछताछ में कई मामलों पर वह ठीक से जानकारी नहीं दे पाए। मृतक की पत्नी के आरोप और पुलिस को ठीक से जवाब न मिलने पर वह संदेह के घेरे में आ गए। पुलिस ने इस प्रकरण में डा. मुकुल का नारको टेस्ट कराने के लिए अदालत में आवेदन किया। अभी नारको टेस्ट के लिए लेबोरेटरी से तारीख मिलने का इंतजार है।
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इसी बीच मृतक की पत्नी ने आईजी से मिलकर राजेश की हत्या के बारे में कुछ अहम जानकारियां दी थीं। यह भी कहा कि नारको टेस्ट लखनऊ के स्थान पर बंगलूरू में कराया जाए। अदालत में दो दिन पहले ही मोनिका की ओर से आवेदन किया गया है। जिसमें आरोप लगाया है कि वह खुद इसी अस्पताल में डॉक्टर हैं और वहां के डॉक्टरों से मिलकर भर्ती हो गए हैं। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
हत्याआरोपी कुंडा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गुलशन यादव यरिन इन्फेक्शन के इलाज के लिए 13 महीने तक अस्पताल में आराम करते रहे थे। इनके अलावा सपा के पूर्व विधायक सईद भी अस्पताल में उपचार के लिए 21 दिन तक भर्ती रहे थे। इन दोनों का खुलासा अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया तो दोनों चार दिन बाद ही जेल भेज दिए गए थे।
सीनियर सर्जन डा. दिलीप चौरसिया ने मोबाइल पर बताया कि डा. मुकुल को यूरिन इन्फेक्शन होने पर उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था। इनको ब्लीडिंग है।
उधर, बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में नामजद डॉ. मुकुल सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने निस्तारित कर दी है। याची की ओर से याचिका पर बल नहीं देने के कारण कोर्ट ने यह आदेश पारित किया। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची इस याचिका पर बल नहीं देना चाहता है और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद उचित प्रक्रिया अपनाने की छूट चाहता है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए जांच एजेंसी को छूट दी है कि वह नियमानुसार जांच जारी रख सकती है। डॉ. मुकुल सिंह ने याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ कर्नलगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। मुकुल के खिलाफ राजेश यादव की पत्नी ने हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। राजेश यादव की तीन अक्तूबर की रात ताराचंद छात्रावास के पास विवाद के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उस वक्त वह मुकुल के साथ एक ही गाड़ी में था।
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दो अक्तूबर को देर रात करीब सवा दो बजे बसपा नेता राजेश यादव की ताराचंद होस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त छात्रसंघ चुनाव का माहौल था। राजेश अपनी गाड़ी से एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर मुकुल सिंह के साथ ताराचंद हॉस्टल गए थे। दोनों के बीच लंबे कई साल से दोस्ती थी। घटना की रात मोनिका ने राजेश को जल्दी घर भेजने के लिए मुकुल से बात भी की थी। राजेश की हत्या के बाद अगले दिन शहर में बवाल हो गया था। इस मामले में मोनिका ने डा. मुकुल को नामजद करते हए थाना कर्नलगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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इस घटना के दो दिन तक तो डा. मुकुल फरार रहे। पुलिस ने उनके भाई को थाने में बैठा लिया तो चार अक्तूबर को वह अचानक एसआरएन अस्पताल में भर्ती हो गए। यह खबर पुलिस को हुई तो पूछताछ में कई मामलों पर वह ठीक से जानकारी नहीं दे पाए। मृतक की पत्नी के आरोप और पुलिस को ठीक से जवाब न मिलने पर वह संदेह के घेरे में आ गए। पुलिस ने इस प्रकरण में डा. मुकुल का नारको टेस्ट कराने के लिए अदालत में आवेदन किया। अभी नारको टेस्ट के लिए लेबोरेटरी से तारीख मिलने का इंतजार है।
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इसी बीच मृतक की पत्नी ने आईजी से मिलकर राजेश की हत्या के बारे में कुछ अहम जानकारियां दी थीं। यह भी कहा कि नारको टेस्ट लखनऊ के स्थान पर बंगलूरू में कराया जाए। अदालत में दो दिन पहले ही मोनिका की ओर से आवेदन किया गया है। जिसमें आरोप लगाया है कि वह खुद इसी अस्पताल में डॉक्टर हैं और वहां के डॉक्टरों से मिलकर भर्ती हो गए हैं। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
हत्याआरोपी कुंडा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गुलशन यादव यरिन इन्फेक्शन के इलाज के लिए 13 महीने तक अस्पताल में आराम करते रहे थे। इनके अलावा सपा के पूर्व विधायक सईद भी अस्पताल में उपचार के लिए 21 दिन तक भर्ती रहे थे। इन दोनों का खुलासा अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया तो दोनों चार दिन बाद ही जेल भेज दिए गए थे।
सीनियर सर्जन डा. दिलीप चौरसिया ने मोबाइल पर बताया कि डा. मुकुल को यूरिन इन्फेक्शन होने पर उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था। इनको ब्लीडिंग है।
उधर, बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में नामजद डॉ. मुकुल सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने निस्तारित कर दी है। याची की ओर से याचिका पर बल नहीं देने के कारण कोर्ट ने यह आदेश पारित किया। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची इस याचिका पर बल नहीं देना चाहता है और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद उचित प्रक्रिया अपनाने की छूट चाहता है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए जांच एजेंसी को छूट दी है कि वह नियमानुसार जांच जारी रख सकती है। डॉ. मुकुल सिंह ने याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ कर्नलगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। मुकुल के खिलाफ राजेश यादव की पत्नी ने हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। राजेश यादव की तीन अक्तूबर की रात ताराचंद छात्रावास के पास विवाद के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उस वक्त वह मुकुल के साथ एक ही गाड़ी में था।