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दिवाली पर मातम, गंगा में समा गई तीन लड़कियां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 30 Oct 2016 07:36 PM IST
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गंगा
- फोटो : file photo
मेजा-मांडा सीमा पर रविवार दोपहर नरवर चौकठा घाट पर गंगा में नहा रही पांच लड़कियां डूबने लगीं। दो लड़कियां तो किसी तरह बाहर आ गई मगर तीन सहेलियां गंगा में समा गईं। दुखद घटना की खबर पाकर उनके परिवार के लोगों के साथ ही पुलिस भी पहुंच गई। गोताखोरों ने दो लड़कियों के शव निकाल लिए लेकिन तीसरी लड़की का पता नहीं चला। ऐन दिवाली पर इस अनहोनी से लडकियों के घर में मातम छा गया।
नौगवां लालगंज निवासी राजेश उर्फ डब्बू की बेटी अनीता (15) कक्षा नौ की छात्रा थी। वह दो माह से मांडा के दिघिया गांव में अपने मामा सुनील सोनकर के यहां थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे अनीता ममेरी बहन प्रीति (10), पड़ोसी छंगई की पुत्री पिंकी (12), हरिश्याम की बेटी अंजली (15) और नान्हू सोनकर की पुत्री गुड़िया (15) के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर नरवर चौकठा घाट पर गंगा में गई थी। नहाते समय गहरे पानी में जाने की वजह से गुड़िया डूबने लगी। उसे बचाने के लिए अंजली आगे बढ़ी तो वह भी डूबने लगी। उन दोनो को डूबता-उतराता देख अनीता, प्रीति और पिंकी भी बचाने के लिए आगे बढ़ी मगर वे भी डूबने लगीं। गुड़िया और अंजली तो किसी तरह हाथ-पैर मारकर बाहर आ गईं लेकिन बाकी तीन लड़कियां गंगा में समा गईं। हल्ला मचा तो लड़कियों के परिजन रोते-कलपते पहुंच गए।
कुछ तैराक डूबी लड़कियों प्रीति, पिंकी, ्अनीता की तलाश में गंगा में उतर गए। इसी बीच सीओ मेजा जितेंद्र दूबे और एसओ मांडा चंद्रभान सिंह सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। गोताखोरों ने लगभग घंटे भर बाद अनीता और पिंकी का लाश निकाल ली लेकिन प्रीति का शव शाम तक नहीं मिल सका था। नरवर चौकठा के प्रधान प्रतिनिधि राकेश तिवारी और दिघिया के प्रधान प्रतिनिधि राम मिश्र गंगा घाट पर गोताखोरंों के साथ शव की तलाश और परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। दीवाली के रोज इस दुखद घटना से गांव और मृत लड़कियों के परिवार में गम का साया पसर गया। दूर-दूर से रिश्तेदार भी शोक जताने के लिए आ गए।
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नौगवां लालगंज निवासी राजेश उर्फ डब्बू की बेटी अनीता (15) कक्षा नौ की छात्रा थी। वह दो माह से मांडा के दिघिया गांव में अपने मामा सुनील सोनकर के यहां थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे अनीता ममेरी बहन प्रीति (10), पड़ोसी छंगई की पुत्री पिंकी (12), हरिश्याम की बेटी अंजली (15) और नान्हू सोनकर की पुत्री गुड़िया (15) के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर नरवर चौकठा घाट पर गंगा में गई थी। नहाते समय गहरे पानी में जाने की वजह से गुड़िया डूबने लगी। उसे बचाने के लिए अंजली आगे बढ़ी तो वह भी डूबने लगी। उन दोनो को डूबता-उतराता देख अनीता, प्रीति और पिंकी भी बचाने के लिए आगे बढ़ी मगर वे भी डूबने लगीं। गुड़िया और अंजली तो किसी तरह हाथ-पैर मारकर बाहर आ गईं लेकिन बाकी तीन लड़कियां गंगा में समा गईं। हल्ला मचा तो लड़कियों के परिजन रोते-कलपते पहुंच गए।
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कुछ तैराक डूबी लड़कियों प्रीति, पिंकी, ्अनीता की तलाश में गंगा में उतर गए। इसी बीच सीओ मेजा जितेंद्र दूबे और एसओ मांडा चंद्रभान सिंह सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। गोताखोरों ने लगभग घंटे भर बाद अनीता और पिंकी का लाश निकाल ली लेकिन प्रीति का शव शाम तक नहीं मिल सका था। नरवर चौकठा के प्रधान प्रतिनिधि राकेश तिवारी और दिघिया के प्रधान प्रतिनिधि राम मिश्र गंगा घाट पर गोताखोरंों के साथ शव की तलाश और परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। दीवाली के रोज इस दुखद घटना से गांव और मृत लड़कियों के परिवार में गम का साया पसर गया। दूर-दूर से रिश्तेदार भी शोक जताने के लिए आ गए।
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