{"_id":"5b60c76d4f1c1bb8538b65fc","slug":"diseased-family-condition-woman-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिगड़ी परिवार की हालत, महिला की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिगड़ी परिवार की हालत, महिला की मौत
allahabad, amar ujala
Updated Wed, 01 Aug 2018 02:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतरसुइया के मीरापुर में रहने वाले परिवार की हालत मंगलवार सुबह अचानक बिगड़ गई। इसमें महिला की मौत हो गई जबकि, उसके पति व बेटे-बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें एसआरएन अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कराया गया है। रिश्तेदार इसे फूड प्वाइजनिंग का मामला बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। अभय मालवीय उर्फ अज्जू मीरापुर में बर्फखाना के पास रहते हैं। परिवार में बेटे माधवन व बेटी सिमसिम के साथ ही पत्नी रूबी(45) थीं। पुलिस के मुताबिक, रात में खाना खाने के बाद मां, बेटे व बेटी की तबियत बिगड़ गई। रूबी को उल्टियां भी हो रही थीं।
सुबह बाथरूम जाते वक्त गिरने के कारण उनके सिर में चोट लग गई, जिससे वह बेसुध हो गईं। इसके बाद अभय के फोन से सूचना देने पर कुछ दूर पर रहने वाली उनकी बहन सेवानिवृत्त डॉक्टर शशिप्रभा मालवीय पहुंची तो रूबी की हालत बेहद गंभीर थी। वह रूबी को लेकर कॉल्विन पहुंचीं जहां, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसका शव लेकर शशि व उनका ड्राइवर अनिल वापस पहुंचे तो घर का मेन गेट भीतर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो अनिल बगल की छत से होकर आंगन में उतरा और फिर दरवाजा खोला। वह और शशि भीतर पहुंचे तो वहां माधवन, सिमसिम के साथ ही अभय भी बेसुध पड़े मिले। आननफानन में तीनों को एसआरएन अस्पताल भेजा गया हालत गंभीर देख उन्हें मेडिसिन आईसीयू में भेज दिया गया। अतरसुइया इंस्पेक्टर बृजेश यादव का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह फूड प्वाइजनिंग का मामला लग रहा है। जांच की जा रही है।
इधर, रूबी की मौत के बाद उनका शव घर लाया गया लेकिन, नियति का खेल कुछ ऐसा रहा कि घरवाले उन्हें देखने की हालत में नहीं थे। अस्पताल में मौजूद रिश्तेदार घटना को लेकर स्तब्ध थे। अभय की बहन शशि ने नम आंखों से कहा कि घर में शव पड़ा है और पूरा परिवार यहां अस्पताल में है।
विज्ञापन
सत्तू का पराठा खाया था रात को
अस्पताल पहुंची बहन शशि का कहना था कि अभय ने उन्हें बताया था कि रात में सत्तू का पराठा खाया गया था। हालांकि शशि के ड्राइवर अनिल ने बताया कि अभय को छोड़कर बाकी तीनों लोगों ने सत्तू का पराठा खाया था। अब सवाल यह है कि मामला फूड प्वाइजनिंग का है तो अभय की हालत कैसे बिगड़ी। उधर, कुछ लोगों का कहना है कि परिवार कहीं घूमने गया था और लौटते वक्त खाना बाहर से पैक कराकर लाया गया था।
विज्ञापन
सुबह बाथरूम जाते वक्त गिरने के कारण उनके सिर में चोट लग गई, जिससे वह बेसुध हो गईं। इसके बाद अभय के फोन से सूचना देने पर कुछ दूर पर रहने वाली उनकी बहन सेवानिवृत्त डॉक्टर शशिप्रभा मालवीय पहुंची तो रूबी की हालत बेहद गंभीर थी। वह रूबी को लेकर कॉल्विन पहुंचीं जहां, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसका शव लेकर शशि व उनका ड्राइवर अनिल वापस पहुंचे तो घर का मेन गेट भीतर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो अनिल बगल की छत से होकर आंगन में उतरा और फिर दरवाजा खोला। वह और शशि भीतर पहुंचे तो वहां माधवन, सिमसिम के साथ ही अभय भी बेसुध पड़े मिले। आननफानन में तीनों को एसआरएन अस्पताल भेजा गया हालत गंभीर देख उन्हें मेडिसिन आईसीयू में भेज दिया गया। अतरसुइया इंस्पेक्टर बृजेश यादव का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह फूड प्वाइजनिंग का मामला लग रहा है। जांच की जा रही है।
विज्ञापन
इधर, रूबी की मौत के बाद उनका शव घर लाया गया लेकिन, नियति का खेल कुछ ऐसा रहा कि घरवाले उन्हें देखने की हालत में नहीं थे। अस्पताल में मौजूद रिश्तेदार घटना को लेकर स्तब्ध थे। अभय की बहन शशि ने नम आंखों से कहा कि घर में शव पड़ा है और पूरा परिवार यहां अस्पताल में है।
विज्ञापन
सत्तू का पराठा खाया था रात को
अस्पताल पहुंची बहन शशि का कहना था कि अभय ने उन्हें बताया था कि रात में सत्तू का पराठा खाया गया था। हालांकि शशि के ड्राइवर अनिल ने बताया कि अभय को छोड़कर बाकी तीनों लोगों ने सत्तू का पराठा खाया था। अब सवाल यह है कि मामला फूड प्वाइजनिंग का है तो अभय की हालत कैसे बिगड़ी। उधर, कुछ लोगों का कहना है कि परिवार कहीं घूमने गया था और लौटते वक्त खाना बाहर से पैक कराकर लाया गया था।