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कर्मचारी का शव रखकर आयोग में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Wed, 24 Oct 2018 01:03 AM IST
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प्रयागराज
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के एक कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत के बाद मंगलवार को परिजनों और साथियों ने कर्मचारी का शव आयोग परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। परिजन मांग कर रहे थे कि दोषी होमगार्ड और वाहन चालक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और वाहनों से वसूली में लगे पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। आयोग में दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में परिजन कर्मचारी के शव को वहां से ले गए और फिर अंतिम संस्कार किया।
आयोग के विविध अनुभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुनील कुमार की सोमवार देर रात फाफामऊ में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मंगलवार को एसआरएन में उसका पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर फाफामऊ के लिए निकले लेकिन अचानक एंबुलेंस को आयोग की तरफ मोड़ दिया गया। परिजन और कर्मचारी के कुछ साथ शव लेकर सीधे आयोग पहुंच गए और मांग करने लगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आयोग में दो घंटे तक हंगामा होता रहा। इस दौरान हालात बिगड़ने पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। आयोग के अफसरों ने परिजनों से मुलाकात की और बताया कि उन्होंने कार्रवाई के लिए पुलिस अफसरों से बात की है। परिजनों को यह भी बताया गया कि वाहन चालक गिरफ्तार हो गया है और होमगार्ड के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। काफी समझाने पर दो घंटे के बाद परिजन शव वहां से हटाने के लिए तैयार हुए। इस दौरान आयोग के तमाम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर अपनी साथी को श्रद्धांजलि दी। कर्मचारियों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी गुस्सा था।
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आयोग के विविध अनुभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुनील कुमार की सोमवार देर रात फाफामऊ में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मंगलवार को एसआरएन में उसका पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर फाफामऊ के लिए निकले लेकिन अचानक एंबुलेंस को आयोग की तरफ मोड़ दिया गया। परिजन और कर्मचारी के कुछ साथ शव लेकर सीधे आयोग पहुंच गए और मांग करने लगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आयोग में दो घंटे तक हंगामा होता रहा। इस दौरान हालात बिगड़ने पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। आयोग के अफसरों ने परिजनों से मुलाकात की और बताया कि उन्होंने कार्रवाई के लिए पुलिस अफसरों से बात की है। परिजनों को यह भी बताया गया कि वाहन चालक गिरफ्तार हो गया है और होमगार्ड के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। काफी समझाने पर दो घंटे के बाद परिजन शव वहां से हटाने के लिए तैयार हुए। इस दौरान आयोग के तमाम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर अपनी साथी को श्रद्धांजलि दी। कर्मचारियों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी गुस्सा था।
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