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कचहरी रोड पर तोड़फोड़, आगजनी, सिटी बस फूंकी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 11 May 2018 01:26 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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साथी की हत्या से आक्रोशित वकीलों ने चार घंटे तक जमकर बवाल किया। जैसे ही उन्हें खबर मिली, कामकाज ठप कर वह सड़क पर उतर गए। जानकारी पर कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स कचहरी रोड पर पहुंची, लेकिन वकीलों का आक्रोश देख वह आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। तब तक कुछ लोगों ने एसपी ऑफिस के सामने सिटी बस में आग लगा दी। उधर, एसआरएन मोड़ पर शव रखकर चक्काजाम के दौरान भी जमकर हंगामा हुआ।
सुबह कटरा के मनमोहन पार्क के पास जिस वक्त यह वारदात हुई, उस वक्त बहुत से वकील कचहरी की ओर जा रहे थे। अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव को गोली मारे जाने के 10 मिनट बाद ही उदिशा बाइक एजेंसी के सामने वकील जुटने लगे थे। खबर मिली तो मौके पर कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी सिद्धार्थशंकर मीणा समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए। घटना को लेकर वकीलों में जबरदस्त आक्रोश था और वह मौके पर ही प्रदर्शन की तैयारी करने लगे। राहगीरों को भी रोका जाने लगा। इस दौरान कुछ राहगीरों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो उनसे नोकझोंक हुई। भारी फोर्स और वकीलों का जमघट देख राहगीर भी सशंकित हो उठे। बवाल की आशंका के चलते मनमोहन पार्क के आसपास के दुकानदार भी शटर गिराकर भीतर ही छिप गए।
11 बजे के करीब एसआरएन तिराहे मोड़ पर चक्काजाम शुरू होेने की सूचना मिली तो कुछ वकील वहां पहुंच गए। उधर, बहुत से वकील कचहरी के पास पहुंच गए। वहां पहले से बड़ी संख्या में वकील जुटे हुए थे। वकीलों ने एसपी ऑफिस से टेंपो स्टैंड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। उधर वकीलों के बवाल की सूचना पर कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसपी सिटी भी पहुंचे लेकिन फोर्स पुलिस क्लब के पास ही ठिठकी खड़ी रही। एसपी ऑफिस के सामने सिटी बस में आग लगाई गई तो जवानों के साथ ही अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद आरएएफ की दो टुकड़ियां भी बुलाई गईं। हालांकि पुलिस और आरएएफ के जवान पुलिस क्लब से आगे नहीं बढ़े।
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साथी की हत्या से वकीलों में जबरदस्त उबाल था। उनका कहना था कि जिले में आए दिन हत्याएं हो रही हैं लेकिन पुलिस प्रशासन मौन होकर बैठा है। उधर सिटी बस धू-धूकर जल रही थी कि तभी कचहरी रोड पर लगी होर्डिंग में तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की होर्डिंग पर गुस्सा उतारा गया। इसके बाद कुछ दूर पर लगी सीएम योगी आदित्यनाथ की होर्डिंग में तोड़फोड़ की गई। तोड़फोड़ करने वाले होर्डिंग को आग लगाने की तैयारी में भी थे। हालांकि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
अभी कचहरी रोड पर हंगामा चल ही रहा था कि वकीलों का एक गुट डाकघर की ओर मुड़ गया। उनके हाथों में डंडे भी थे जिसे देखकर कचहरी व कलेक्ट्रेट की ओर आ रहे मुवक्किल, फरियादी दहशत में आकर भागने लगे। उधर बवाल की आशंका में दुकानदार भी दहशतजदा हो गए। दुकानदार खुद ही अपनी दुकानें बंद करने लगे। धड़ाधड़ शटर गिरते देख खरीदारी करने पहुंचे ग्राहकों में भी भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने डाकघर का गेट भी बंद कर लिया। इससे भीतर फंसे ग्राहकों की भी सांस अटकी रही। हालांकि कुछ वकीलों के हस्तक्षेप के बाद वकील वापस कचहरी रोड पर चले गए। हालांकि इस दौरान बेंच रखकर डाकघर से कचहरी रोड जाने वाले रास्ते पर आवागमन बंद कर दिया गया। इस दौरान इधर से कोई भी नहीं गुजर सका।
कचहरी रोड पर जैसे ही बवाल शुरू हुआ, कलेक्ट्रेट और विकास भवन कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। सूचना अफसरों को मिली तो उन्होंने एहतियातन कार्यालय परिसर के गेट बंद करवा दिए। उधर कर्मचारी भी कार्यालय के भीतर दुबक गए। कलेक्ट्रेट और विकास भवन के गेट तब तक नहीं खोले गए जब तक कि बवाल पूरी तरह शांत नहीं हुआ। पूरी तसल्ली करने के बाद ही अफसर भी कार्यालय से बाहर निकले।
कचहरी रोड पर बवाल के दौरान पुलिस अफसरों की सांसें पूरे समय तक अटकी रहीं। वह मौके पर मौजूद थानेदारों से फोन कर पल-पल की खबर लेते रहे। जार्जटाउन और मुट्ठीगंज एसओ मयफोर्स पुलिस क्लब के पास जुटे रहे। फोर्स को सख्त हिदायत थी कि किसी तरह की सख्ती न की जाए। यही वजह थी कि मातहत पुलिस क्लब से एक कदम भी आगे नहीं बढ़े। इसी दौरान अफवाह फैली कि आरएएफ ने वकीलों पर लाठीचार्ज कर दिया है। इस पर एसएसपी ने खुद फोन कर एक थानेदार से पूछताछ की। थानेदार ने उन्हें बताया कि यह कोरी अफवाह है। साथ ही वहां मौजूद वकीलों से भी बात कराकर इसकी पुष्टि कराई, तब जाकर एसएसपी ने राहत की सांस ली।
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सुबह कटरा के मनमोहन पार्क के पास जिस वक्त यह वारदात हुई, उस वक्त बहुत से वकील कचहरी की ओर जा रहे थे। अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव को गोली मारे जाने के 10 मिनट बाद ही उदिशा बाइक एजेंसी के सामने वकील जुटने लगे थे। खबर मिली तो मौके पर कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी सिद्धार्थशंकर मीणा समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए। घटना को लेकर वकीलों में जबरदस्त आक्रोश था और वह मौके पर ही प्रदर्शन की तैयारी करने लगे। राहगीरों को भी रोका जाने लगा। इस दौरान कुछ राहगीरों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो उनसे नोकझोंक हुई। भारी फोर्स और वकीलों का जमघट देख राहगीर भी सशंकित हो उठे। बवाल की आशंका के चलते मनमोहन पार्क के आसपास के दुकानदार भी शटर गिराकर भीतर ही छिप गए।
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11 बजे के करीब एसआरएन तिराहे मोड़ पर चक्काजाम शुरू होेने की सूचना मिली तो कुछ वकील वहां पहुंच गए। उधर, बहुत से वकील कचहरी के पास पहुंच गए। वहां पहले से बड़ी संख्या में वकील जुटे हुए थे। वकीलों ने एसपी ऑफिस से टेंपो स्टैंड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। उधर वकीलों के बवाल की सूचना पर कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसपी सिटी भी पहुंचे लेकिन फोर्स पुलिस क्लब के पास ही ठिठकी खड़ी रही। एसपी ऑफिस के सामने सिटी बस में आग लगाई गई तो जवानों के साथ ही अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद आरएएफ की दो टुकड़ियां भी बुलाई गईं। हालांकि पुलिस और आरएएफ के जवान पुलिस क्लब से आगे नहीं बढ़े।
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साथी की हत्या से वकीलों में जबरदस्त उबाल था। उनका कहना था कि जिले में आए दिन हत्याएं हो रही हैं लेकिन पुलिस प्रशासन मौन होकर बैठा है। उधर सिटी बस धू-धूकर जल रही थी कि तभी कचहरी रोड पर लगी होर्डिंग में तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की होर्डिंग पर गुस्सा उतारा गया। इसके बाद कुछ दूर पर लगी सीएम योगी आदित्यनाथ की होर्डिंग में तोड़फोड़ की गई। तोड़फोड़ करने वाले होर्डिंग को आग लगाने की तैयारी में भी थे। हालांकि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
अभी कचहरी रोड पर हंगामा चल ही रहा था कि वकीलों का एक गुट डाकघर की ओर मुड़ गया। उनके हाथों में डंडे भी थे जिसे देखकर कचहरी व कलेक्ट्रेट की ओर आ रहे मुवक्किल, फरियादी दहशत में आकर भागने लगे। उधर बवाल की आशंका में दुकानदार भी दहशतजदा हो गए। दुकानदार खुद ही अपनी दुकानें बंद करने लगे। धड़ाधड़ शटर गिरते देख खरीदारी करने पहुंचे ग्राहकों में भी भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने डाकघर का गेट भी बंद कर लिया। इससे भीतर फंसे ग्राहकों की भी सांस अटकी रही। हालांकि कुछ वकीलों के हस्तक्षेप के बाद वकील वापस कचहरी रोड पर चले गए। हालांकि इस दौरान बेंच रखकर डाकघर से कचहरी रोड जाने वाले रास्ते पर आवागमन बंद कर दिया गया। इस दौरान इधर से कोई भी नहीं गुजर सका।
कचहरी रोड पर जैसे ही बवाल शुरू हुआ, कलेक्ट्रेट और विकास भवन कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। सूचना अफसरों को मिली तो उन्होंने एहतियातन कार्यालय परिसर के गेट बंद करवा दिए। उधर कर्मचारी भी कार्यालय के भीतर दुबक गए। कलेक्ट्रेट और विकास भवन के गेट तब तक नहीं खोले गए जब तक कि बवाल पूरी तरह शांत नहीं हुआ। पूरी तसल्ली करने के बाद ही अफसर भी कार्यालय से बाहर निकले।
कचहरी रोड पर बवाल के दौरान पुलिस अफसरों की सांसें पूरे समय तक अटकी रहीं। वह मौके पर मौजूद थानेदारों से फोन कर पल-पल की खबर लेते रहे। जार्जटाउन और मुट्ठीगंज एसओ मयफोर्स पुलिस क्लब के पास जुटे रहे। फोर्स को सख्त हिदायत थी कि किसी तरह की सख्ती न की जाए। यही वजह थी कि मातहत पुलिस क्लब से एक कदम भी आगे नहीं बढ़े। इसी दौरान अफवाह फैली कि आरएएफ ने वकीलों पर लाठीचार्ज कर दिया है। इस पर एसएसपी ने खुद फोन कर एक थानेदार से पूछताछ की। थानेदार ने उन्हें बताया कि यह कोरी अफवाह है। साथ ही वहां मौजूद वकीलों से भी बात कराकर इसकी पुष्टि कराई, तब जाकर एसएसपी ने राहत की सांस ली।