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हिस्ट्रीशीटर दूल्हे की इलाज के दौरान मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:46 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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तिलकोत्सव समारोह में दो दिन पहले हमलावरों की गोली से घायल हिस्ट्रीशीटर दूल्हे की रविवार को मौत हो गई। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसकी सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं खुल्दाबाद पुलिस ने मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों पर दर्ज जानलेवा हमले की रिपोर्ट को हत्या में तब्दील कर दिया है।
लूकरगंज में बीती शुक्रवार रात 12 बजे के बाद तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग और डांस को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान पड़ोस के ही रहने वाले आरोपियों की दूल्हे राहुल के साथ तीखी बहस हो गई। इसी के बाद विक्रम सोनकर अपने पुत्र कालू सोनकर, बाबा सोनकर व अन्य 12-15 लोगों के साथ असलहे से लैस होकर आया और राहुल पर जानलेवा कर दिया। फावड़ा, चापड़ से लैस लोगों ने पहले उसकी जमकर पिटाई की, फिर उसे गोली मार दी। गोली कनपटी के पास लगी और वह तड़पता हुआ गिर पड़ा। पुलिस के मुताबिक राहुल खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर लूट, जानलेवा हमला, छिनैती समेत कुल 17 मामले दर्ज थे। वहीं पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार हमलावर कालू सोनकर, बाबा सोनकर पर दर्ज जानलेवा हमले की रिपोर्ट को हत्या में तब्दील कर दिया है।
जिस दिन राहुल की बारात जानी थी, उसी दिन उसकी अर्थी उठी। रविवार को होने वाली शादी के लिए रिश्तेदारों का जमावड़ा भी घर में लग चुका था। मंडप सजने से पहले ही तिलकोत्सव की रात उसे गोली मार दी गई। दो दिन अस्पताल में रहने के दौरान ज्यादा खून बहने से उसकी हालत बिगड़ती और उसने दम तोड़ दिया।
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लूकरगंज में बीती शुक्रवार रात 12 बजे के बाद तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग और डांस को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान पड़ोस के ही रहने वाले आरोपियों की दूल्हे राहुल के साथ तीखी बहस हो गई। इसी के बाद विक्रम सोनकर अपने पुत्र कालू सोनकर, बाबा सोनकर व अन्य 12-15 लोगों के साथ असलहे से लैस होकर आया और राहुल पर जानलेवा कर दिया। फावड़ा, चापड़ से लैस लोगों ने पहले उसकी जमकर पिटाई की, फिर उसे गोली मार दी। गोली कनपटी के पास लगी और वह तड़पता हुआ गिर पड़ा। पुलिस के मुताबिक राहुल खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर लूट, जानलेवा हमला, छिनैती समेत कुल 17 मामले दर्ज थे। वहीं पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार हमलावर कालू सोनकर, बाबा सोनकर पर दर्ज जानलेवा हमले की रिपोर्ट को हत्या में तब्दील कर दिया है।
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जिस दिन राहुल की बारात जानी थी, उसी दिन उसकी अर्थी उठी। रविवार को होने वाली शादी के लिए रिश्तेदारों का जमावड़ा भी घर में लग चुका था। मंडप सजने से पहले ही तिलकोत्सव की रात उसे गोली मार दी गई। दो दिन अस्पताल में रहने के दौरान ज्यादा खून बहने से उसकी हालत बिगड़ती और उसने दम तोड़ दिया।
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