{"_id":"58fbc0eb4f1c1b972e8b495a","slug":"cyber-crime-allahabad-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर ठगी के शिकार हो गए पिता-पुत्र दरोगा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साइबर ठगी के शिकार हो गए पिता-पुत्र दरोगा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:24 AM IST
विज्ञापन
क्राइम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर क्राइम से बचने को जागरुक करने वाली पुलिस मेंपिता पुत्र दो दरोगा खुद 60 हजार रुपये की ठगी केशिकार हो गए। ठग ने अपने को बैंक कर्मी बताकर ट्रेनी सब इंस्पेक्टर रत्नेश के खाते की तो पूरी जानकारी ले ली, उसके अलावा रत्नेश के पिता आत्मा राम दुबे के खाते का भी पूरा ब्योरा लेकर 60 हजार रुपये निकाल लिए।
झूसी के न्याय नगर में रहने वाले आत्म राम दुबे कौशांबी में सब इंस्पेक्टर हैं। उनकेबेटे रत्नेश दुबे ने पिछले साल दरोगा में चयन होने के बाद ट्रेनिंग की है। स्टेट बैंक ने पिछले महीने आधार और पेन कार्ड नंबर न देने पर रत्नेश का खाता ब्लाक कर दिया था। यह जानकारी किसी तरह साइबर ठग को हो गई थी। शुक्रवार को साइबर ठग ने रत्नेश को फोन किया और उससे अपने को स्टेट बैंक हेल्प केयर सेंटर से बताते हुए बातों ही बातों में एटीएम और नि नंबर पूछ लिया। साथ में उनकेबैंक खाते में गारंटर बने पिता आत्मा राम दुबे के खाते की पूरी जानकारी कर ली।
साइबर ठग ने रत्नेश के मोबाइल पर आए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी ) तथा पिन कोड की भी जानकारी करके10 हजार और उनकेपिता के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। आत्म राम पांडे शाम को बाजार से सामान लाने के लिए एटीएम पहुंचे तो पता चला कि उनकेखाते से वेतन की पूरी राशि किसी ने निकाल ली और बेलेंस में कुछ ही रुपये दिख रहे हैं। एटीएम की स्लिप देखकर उनकेपैरो तले जमीन खिसक गई। उन्होने यह जानकारी अपने बेटे रत्नेश को बताई, तब रत्नेश को पता चला कि मोबाइल पर दोनों खातों की जानकारी करने वाला बैंक हेल्प लाइन से बोलने वाला बैंक कर्मी नहीं बल्कि साइबर ठग था।
विज्ञापन
आत्मा राम ने शुक्रवार देर शाम यह जानकारी एसी क्राइम को दी। उन्होंने साइबर सेल में मामला दर्ज कराया। इस बारे में एसबीआई को भी यह जानकारी दे दी गई है। जिसमें साइबर ठग का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।
ठगों ने ई वोलिट में ट्रांसफर कर दी रक म
साइबर ठगी के शिकार दरोगा का मामला होने के कारण पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने तेजी दिखाकर शनिवार दोपहर तक यह पता कर लिया है कि दोनों दरोगा के खातों से 20-20 हजार रुपये वोडाफोन, एयरटेल और आला कैप केई: वोलिट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। साइबर सेल के अधिकारी इस कोशिश में है कि इन वोलिट में जमा रकम निकलने नहीं पाए। इसलिए एसपी क्राइम की ओर से इन तीनों कंपनियों को नोटिस जारी कर किया जा रहा है। साइबर सेल की इनमें से आला कैप कंपनी से अफसरों से इस बारे में बात हो गई है। ठगी करने वाला व्यक्ति बिहार का है और वहां के मोबाइल नंबर से काल आई थी।
‘हम लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि वह अपने एटीएम कार्ड की डिटेल किसी को न बताएं। दरोगा के मामले में साइबर ठग का पता लगा लिया है। वह बिहार का है। ठग के खिलाफ कार्रवाई के लिए वहां की पुलिस को लिखेंगे।’ पीएस पांडे, एसपी क्राइम
विज्ञापन
झूसी के न्याय नगर में रहने वाले आत्म राम दुबे कौशांबी में सब इंस्पेक्टर हैं। उनकेबेटे रत्नेश दुबे ने पिछले साल दरोगा में चयन होने के बाद ट्रेनिंग की है। स्टेट बैंक ने पिछले महीने आधार और पेन कार्ड नंबर न देने पर रत्नेश का खाता ब्लाक कर दिया था। यह जानकारी किसी तरह साइबर ठग को हो गई थी। शुक्रवार को साइबर ठग ने रत्नेश को फोन किया और उससे अपने को स्टेट बैंक हेल्प केयर सेंटर से बताते हुए बातों ही बातों में एटीएम और नि नंबर पूछ लिया। साथ में उनकेबैंक खाते में गारंटर बने पिता आत्मा राम दुबे के खाते की पूरी जानकारी कर ली।
विज्ञापन
साइबर ठग ने रत्नेश के मोबाइल पर आए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी ) तथा पिन कोड की भी जानकारी करके10 हजार और उनकेपिता के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। आत्म राम पांडे शाम को बाजार से सामान लाने के लिए एटीएम पहुंचे तो पता चला कि उनकेखाते से वेतन की पूरी राशि किसी ने निकाल ली और बेलेंस में कुछ ही रुपये दिख रहे हैं। एटीएम की स्लिप देखकर उनकेपैरो तले जमीन खिसक गई। उन्होने यह जानकारी अपने बेटे रत्नेश को बताई, तब रत्नेश को पता चला कि मोबाइल पर दोनों खातों की जानकारी करने वाला बैंक हेल्प लाइन से बोलने वाला बैंक कर्मी नहीं बल्कि साइबर ठग था।
विज्ञापन
आत्मा राम ने शुक्रवार देर शाम यह जानकारी एसी क्राइम को दी। उन्होंने साइबर सेल में मामला दर्ज कराया। इस बारे में एसबीआई को भी यह जानकारी दे दी गई है। जिसमें साइबर ठग का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।
ठगों ने ई वोलिट में ट्रांसफर कर दी रक म
साइबर ठगी के शिकार दरोगा का मामला होने के कारण पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने तेजी दिखाकर शनिवार दोपहर तक यह पता कर लिया है कि दोनों दरोगा के खातों से 20-20 हजार रुपये वोडाफोन, एयरटेल और आला कैप केई: वोलिट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। साइबर सेल के अधिकारी इस कोशिश में है कि इन वोलिट में जमा रकम निकलने नहीं पाए। इसलिए एसपी क्राइम की ओर से इन तीनों कंपनियों को नोटिस जारी कर किया जा रहा है। साइबर सेल की इनमें से आला कैप कंपनी से अफसरों से इस बारे में बात हो गई है। ठगी करने वाला व्यक्ति बिहार का है और वहां के मोबाइल नंबर से काल आई थी।
‘हम लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि वह अपने एटीएम कार्ड की डिटेल किसी को न बताएं। दरोगा के मामले में साइबर ठग का पता लगा लिया है। वह बिहार का है। ठग के खिलाफ कार्रवाई के लिए वहां की पुलिस को लिखेंगे।’ पीएस पांडे, एसपी क्राइम