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अब नहीं खुलेगा बीटेक छात्र की मौत का राज
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 05 May 2015 11:44 PM IST
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आईईआरटी के बीटेक तृतीय वर्ष मैकेनिकल के छात्र सिद्धांत मिश्रा (20) की मौत की गुत्थी अब कभी सुलझ नहीं सकेगी। उसके पिता राजेंद्र मिश्रा और चाचा बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर अयोध्या चले गए। पुलिस के मुताबिक परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं थे और उनकी तरफ से यह बताया गया कि सिद्धांत साइनस से पीड़ित था।
सिद्धांत की मौत आईईआरटी के अयोध्या हॉस्टल में सोमवार को हो गई थी। कटरा में किराए का कमरा लेकर रहने वाला सिद्धांत कुछ दिन से परीक्षा की तैयारी को लेकर हॉस्टल में रह रहा था। वह कमरा नंबर 239 में अपने दोस्त वैभव, प्रशांत द्विवेदी और शुभम पांडेय के साथ ठहरा हुआ था। छात्रों के मुताबिक सोमवार दोपहर कॉमन हॉल में टीवी के रिमोट को लेकर कुछ छात्रों का सिद्धांत से झगड़ा हुआ था। इसी के बाद सिद्धांत कैंटीन में चला गया था और दोस्तों से तबीयत ठीक न होने की बात कही थी।
सिद्धांत चाय पीने के बाद कमरे में चला गया था। जब उसके दोस्त कमरे में पहुंचे तो वह बेसुध पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। आशंका जताई गई कि हो सकता है कि उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया हो। फूड प्वाइजनिंग की बात से भी इंकार नहीं किया गया। छात्र उसे पहले एक निजी अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने हाथ खड़ा कर दिया तो सोमवार शाम पांच बजे के आसपास छात्र एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र की संदिग्ध मौत को लेकर रात में आईईआरटी के अयोध्या हॉस्टल में जमकर हंगामा हुआ।
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अयोध्या हॉस्टल सोमवार रात छावनी में तब्दील रहा। हॉस्टल में पीएसी के साथ ही पुलिस भी तैनात रही। बाराबंकी के सीएमओ कार्यालय में तैनात सिद्धांत के पिता राजेंद्र देर रात ही शहर पहुंच गए। हॉस्टल के कुछ छात्र और पुलिस चाहती थी कि शव का पोस्टमार्टम हो ताकि मौत की वजह पता चल सके लेकिन पिता इसके लिए राजी नहीं हुए। हॉस्टल प्रबंधन और छात्रों ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। परिजन दिन में ही शव लेकर अयोध्या चले गए। एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं थे। इस कारण शव उनको सौंप दिया गया।
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सिद्धांत की मौत आईईआरटी के अयोध्या हॉस्टल में सोमवार को हो गई थी। कटरा में किराए का कमरा लेकर रहने वाला सिद्धांत कुछ दिन से परीक्षा की तैयारी को लेकर हॉस्टल में रह रहा था। वह कमरा नंबर 239 में अपने दोस्त वैभव, प्रशांत द्विवेदी और शुभम पांडेय के साथ ठहरा हुआ था। छात्रों के मुताबिक सोमवार दोपहर कॉमन हॉल में टीवी के रिमोट को लेकर कुछ छात्रों का सिद्धांत से झगड़ा हुआ था। इसी के बाद सिद्धांत कैंटीन में चला गया था और दोस्तों से तबीयत ठीक न होने की बात कही थी।
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सिद्धांत चाय पीने के बाद कमरे में चला गया था। जब उसके दोस्त कमरे में पहुंचे तो वह बेसुध पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। आशंका जताई गई कि हो सकता है कि उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया हो। फूड प्वाइजनिंग की बात से भी इंकार नहीं किया गया। छात्र उसे पहले एक निजी अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने हाथ खड़ा कर दिया तो सोमवार शाम पांच बजे के आसपास छात्र एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र की संदिग्ध मौत को लेकर रात में आईईआरटी के अयोध्या हॉस्टल में जमकर हंगामा हुआ।
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अयोध्या हॉस्टल सोमवार रात छावनी में तब्दील रहा। हॉस्टल में पीएसी के साथ ही पुलिस भी तैनात रही। बाराबंकी के सीएमओ कार्यालय में तैनात सिद्धांत के पिता राजेंद्र देर रात ही शहर पहुंच गए। हॉस्टल के कुछ छात्र और पुलिस चाहती थी कि शव का पोस्टमार्टम हो ताकि मौत की वजह पता चल सके लेकिन पिता इसके लिए राजी नहीं हुए। हॉस्टल प्रबंधन और छात्रों ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। परिजन दिन में ही शव लेकर अयोध्या चले गए। एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं थे। इस कारण शव उनको सौंप दिया गया।