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आयोग में सीबीआई जांच का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:04 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में बृहस्पतिवार को सीबीआई की फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी। हालांकि, जांच से पहले सीबीआई टीम को आयोग के कुछ प्रतिनिधियों के विरोध का सामना करना पड़ा। टीम के सामने आयोग की ओर से पारित एक प्रस्ताव की प्रति रख दी गई, जिसमें निर्णय लिया गया था कि सीबीआई को आयोग के कंप्यूटरों से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, दो घंटे की जद्दोजहद के बाद आयोग के अफसर जांच के लिए तैयार हुए और फोरेंसिक टीम ने काम शुरू किया। आधी रात के बाद भी आयोग में जांच चल रही थी।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के अफसरों ने बुधवार शाम को ही आयोग में यह सूचना दे दी थी कि बृहस्पतिवार को आयोग के कंप्यूटरों से जरूरी सूचनाएं एकत्रित की जाएंगी। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे के आसपास सीबीआई की दस सदस्यीय फोरेंसिक टीम आयोग पहुंची तो उसे जांच से रोक दिया गया। सीबीआई अफसरों के सामने आयोग की ओर से लिए गए निर्णय की प्रति रख दी गई। उस पर लिखा था कि जांच के लिए आई सीबीआई टीम को आयोग के किसी भी कंप्यूटर से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय बुधवार को आधी रात हुई आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की असाधारण बैठक में लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के अफसरों ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए अध्यक्ष या किसी सदस्य से कोई पूछताछ नहीं कर रहे हैं। आयोग भी हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करे और जांच में सीबीआई का सहयोग करे। दो घंटे तक चली बहस के बाद आयोग के अफसरों ने सीबीआई को जांच शुरू करने की अनुमति दी और इसके बाद सीबीआई की फोरेंसिक टीम ने आयोग के कंप्यूटरों से आधुनिक उपकरण फ्रेड के माध्यम से जरूरी सूचनाएं एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। फोरेंसिक टीम आधी रात तक आयोग में डटी रही और वहां कंप्यूटरों में फीड रिकार्ड खंगाले जा रहे थे। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि आयोग की ओर से सीबीआई जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा।
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सीबीआई जांच रोकने के लिए आयोग की ओर से पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी और बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम वहां पहुंची तो उसे जांच से रोकने की कोशिश की गई। प्रतियोगी सवाल उठा रहे हैं कि अगर सबकुछ ठीक है तो आयोग को जांच से परहेज क्यों? सीबीआई टीम का विरोध होने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में आ गई है।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के अफसरों ने बुधवार शाम को ही आयोग में यह सूचना दे दी थी कि बृहस्पतिवार को आयोग के कंप्यूटरों से जरूरी सूचनाएं एकत्रित की जाएंगी। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे के आसपास सीबीआई की दस सदस्यीय फोरेंसिक टीम आयोग पहुंची तो उसे जांच से रोक दिया गया। सीबीआई अफसरों के सामने आयोग की ओर से लिए गए निर्णय की प्रति रख दी गई। उस पर लिखा था कि जांच के लिए आई सीबीआई टीम को आयोग के किसी भी कंप्यूटर से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय बुधवार को आधी रात हुई आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की असाधारण बैठक में लिया गया।
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सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के अफसरों ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए अध्यक्ष या किसी सदस्य से कोई पूछताछ नहीं कर रहे हैं। आयोग भी हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करे और जांच में सीबीआई का सहयोग करे। दो घंटे तक चली बहस के बाद आयोग के अफसरों ने सीबीआई को जांच शुरू करने की अनुमति दी और इसके बाद सीबीआई की फोरेंसिक टीम ने आयोग के कंप्यूटरों से आधुनिक उपकरण फ्रेड के माध्यम से जरूरी सूचनाएं एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। फोरेंसिक टीम आधी रात तक आयोग में डटी रही और वहां कंप्यूटरों में फीड रिकार्ड खंगाले जा रहे थे। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि आयोग की ओर से सीबीआई जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा।
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सीबीआई जांच रोकने के लिए आयोग की ओर से पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी और बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम वहां पहुंची तो उसे जांच से रोकने की कोशिश की गई। प्रतियोगी सवाल उठा रहे हैं कि अगर सबकुछ ठीक है तो आयोग को जांच से परहेज क्यों? सीबीआई टीम का विरोध होने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में आ गई है।