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चीफ प्रॉक्टर को मिली जान से मारने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:18 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छह छात्रों को ब्लैड लिस्टेड किए जाने की कार्रवाई के बाद बवाल बढ़ गए हैं। शुक्रवार को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान छात्रों के समूह में शामिल कुछ लोगों ने उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। चीफ प्रॉक्टर ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है। वहीं, छात्रों ने बैठक कर ब्लैक लिस्ट किए जाने की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है।
गत सात जुलाई को डीन आर्ट्स से मारपीट के आरोप में चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति के निर्देश पर छात्र नेता आनंद कुमार सिंह ‘निक्कू’, अंकुश यादव, नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र और विवेकानंद पाठक का नाम काली सूची में डाल दिया है। इनमें से आनंद कुमार सिंह, विक्रांत सिंह और नीरज प्रताप सिंह शुक्रवार को कार्रवाई का नोटिस लेने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ कई छात्र भी थे। छात्रों की चीफ प्रॉक्टर के साथ जमकर बहस हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का आरोप है कि एसीएम प्रथम, सीओ कर्नलगंज और इंस्पेक्टर कर्नलगंज की उपस्थिति में छात्र नेताओं ने उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर भी दे दी है।
उधर, छात्रों की बैठक में इविवि छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि डीन आर्ट्स से मारपीट के मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और जांच चल रही है। उस पर छात्रों का पक्ष सुने बगैर उन्हें ब्लैक लिस्टेड किए जाने की एकतरफा कार्रवाई पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और न्याय के मौलिक सिद्धांत के विपरीत है। नीरज प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे पास घटना का ऑडियो और वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है, जिससे साबित होता है कि हमारी घटना में कोई संलिप्तता नहीं थी। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर उनकी आवाज दबाने के लिए की गई लेकिन हम डरने और पीछे हटने वाले नहीं बैठक में छात्र नेता आनंद कुमार सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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गत सात जुलाई को डीन आर्ट्स से मारपीट के आरोप में चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति के निर्देश पर छात्र नेता आनंद कुमार सिंह ‘निक्कू’, अंकुश यादव, नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र और विवेकानंद पाठक का नाम काली सूची में डाल दिया है। इनमें से आनंद कुमार सिंह, विक्रांत सिंह और नीरज प्रताप सिंह शुक्रवार को कार्रवाई का नोटिस लेने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ कई छात्र भी थे। छात्रों की चीफ प्रॉक्टर के साथ जमकर बहस हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का आरोप है कि एसीएम प्रथम, सीओ कर्नलगंज और इंस्पेक्टर कर्नलगंज की उपस्थिति में छात्र नेताओं ने उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर भी दे दी है।
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उधर, छात्रों की बैठक में इविवि छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि डीन आर्ट्स से मारपीट के मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और जांच चल रही है। उस पर छात्रों का पक्ष सुने बगैर उन्हें ब्लैक लिस्टेड किए जाने की एकतरफा कार्रवाई पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और न्याय के मौलिक सिद्धांत के विपरीत है। नीरज प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे पास घटना का ऑडियो और वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है, जिससे साबित होता है कि हमारी घटना में कोई संलिप्तता नहीं थी। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर उनकी आवाज दबाने के लिए की गई लेकिन हम डरने और पीछे हटने वाले नहीं बैठक में छात्र नेता आनंद कुमार सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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