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सीसीटीवी फुटेज में कैद क्रूरता की दास्तां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:39 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शिवकुटी में रिटायर दरोगा की हत्या की वारदात जिस तरह से अंजाम दी गई, उससे साफ है कि हत्यारे पूरी तरह बेखौफ थे। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, इसे जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। फुटेज में दिख रहा है कि जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावरों को बुजुर्ग पर तरस नहीं आई। वह इसके बाद भी उन पर ताबड़तोड़ वार करते रहे।
घटना जिस जगह पर हुई, वहीं पास में ही एक मकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इस कैमरे में घटना की पूरी तस्वीर कैद हुई है। जांच पड़ताल के बाद इस फुटेज को देखा गया तो पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। डेढ़ मिनट का यह वीडियो ही बुजुर्ग के साथ हुई क्रूरता की दास्तां बयां कर देता है। इसमें दिख रहा है कि रिटायर्ड दरोगा साइकिल से पैदल ही घर से निकलकर गली में आते हैं। अभी वह कुछ आगे ही बढ़े थे कि पीछे से लाल रंग की टीशर्ट व नीली जींस पहने हुए एक युवक आता है। वह हाथों में ली हुई लोहे की रॉड से रिटायर दरोगा पर ताबड़तोड़ हमला बोल देता है। अचानक हुए हमले में रिटायर दरोगा संभल नहीं पाते और साइकिल समेत जमीन पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी हमलावर उनके सिर, हाथ, पैर में अंधाधुंध तरीके से वार करता रहता है। इसी दौरान लोवर व टीशर्ट पहने दो और लोग लाठी व डंडा लेकर पहुंचते हैं और वह भी रिटायर दरोगा पर हमला बोल देते हैं। इनमें से एक ने भी लाल रंग की जबकि दूसरे ने नीले व सफेद रंग की चेकदार टीशर्ट पहन रखी थी। इसके बाद तीनों आरोपी उन पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार करते हैं। हमले में रिटायर दरोगा का सिर भी फट जाता है और वह खून से लथपथ होकर मरणासन्न हो जाते हैं। तब जाकर तीनों बदमाश आराम से चलते बनते हैं।
इस घटना में लोगों की संवेदनहीनता पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस वक्त हमलावर रिटायर्ड दरोगा को बेरहमी से पीट रहे थे, उस वक्त गली से लोग आ-जा भी रहे थे। लहूलुहान होने के बावजूद रिटायर्ड दरोगा को हमलावर पीटते रहे और लोग सबकुछ चुपचाप देखते हुए वहां से निकल जा रहे थे। फुटेज देखने से साफ है कि डेढ़ मिनट के दौरान घटनास्थल से दर्जनों लोग होकर गुजरे लेकिन, कोई भी रिटायर्ड दरोगा को बचाने के लिए आगे नहीं आया। सबसे पहले दो बाइक सवार आते दिखते हैं, जिसमें से एक बाइक मोड़कर वापस चला जाता है जबकि दूसरा घटना की अनदेखी कर आगे चला जाता है। सामने से भी दो बाइकसवार आते हैं लेकिन, हमलावरों के तेवर देख वह वहीं बाइक रोककर खड़े जाते हैं और बुजुर्ग को पिटते देखते रहते हैं। कई लोग चुपचाप सरेराह होती इस क्रूरता को देखते रहे। न ही किसी ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की और न ही पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने बताया कि हत्यारोपी जुनैद शिवकुटी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर गंभीर धाराओं समेत कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं। इनमेें दो मुकदमे हत्या के प्रयास से संबंधित हैं। मोहल्ले के लोग भी उससे खौफ खाते थे। नाम न छापने की शर्त पर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि जुनैद के नाम पर ही उसके तीनों बेटे व भाई भी जमकर गुंडई करते हैं। दहशत के चलते कोई उनसे बोलने या उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
रिटायर दरोगा की हत्या के मामले में उनकी बेटी समीदा खान ने शिवकुटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि हमलावरों ने उनके पिता पर फायरिंग भी की थी। समीदा ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि सुबह 9.30 बजे उसका और हिस्ट्रीशीटर जुनैद की पत्नी साना और बेटियों हिना व मेहंदी से पुराने विवाद को लेकर कहासुनी-गालीगलौच हुई। 15 मिनट बाद पिता अब्दुल समद दुकान जाने के लिए निकले तभी जुनैद कमाल अपने बेटों शेबू, राजिक, सेफू, भाई जावेद कमाल अैर इबभनै व नईम के साथ पहुंचा और लाठी-डंडा व तमंचा से हमला बोल दिया जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि जुनैद की दो बेटियों व बीवी के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
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घटना जिस जगह पर हुई, वहीं पास में ही एक मकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इस कैमरे में घटना की पूरी तस्वीर कैद हुई है। जांच पड़ताल के बाद इस फुटेज को देखा गया तो पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। डेढ़ मिनट का यह वीडियो ही बुजुर्ग के साथ हुई क्रूरता की दास्तां बयां कर देता है। इसमें दिख रहा है कि रिटायर्ड दरोगा साइकिल से पैदल ही घर से निकलकर गली में आते हैं। अभी वह कुछ आगे ही बढ़े थे कि पीछे से लाल रंग की टीशर्ट व नीली जींस पहने हुए एक युवक आता है। वह हाथों में ली हुई लोहे की रॉड से रिटायर दरोगा पर ताबड़तोड़ हमला बोल देता है। अचानक हुए हमले में रिटायर दरोगा संभल नहीं पाते और साइकिल समेत जमीन पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी हमलावर उनके सिर, हाथ, पैर में अंधाधुंध तरीके से वार करता रहता है। इसी दौरान लोवर व टीशर्ट पहने दो और लोग लाठी व डंडा लेकर पहुंचते हैं और वह भी रिटायर दरोगा पर हमला बोल देते हैं। इनमें से एक ने भी लाल रंग की जबकि दूसरे ने नीले व सफेद रंग की चेकदार टीशर्ट पहन रखी थी। इसके बाद तीनों आरोपी उन पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार करते हैं। हमले में रिटायर दरोगा का सिर भी फट जाता है और वह खून से लथपथ होकर मरणासन्न हो जाते हैं। तब जाकर तीनों बदमाश आराम से चलते बनते हैं।
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इस घटना में लोगों की संवेदनहीनता पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस वक्त हमलावर रिटायर्ड दरोगा को बेरहमी से पीट रहे थे, उस वक्त गली से लोग आ-जा भी रहे थे। लहूलुहान होने के बावजूद रिटायर्ड दरोगा को हमलावर पीटते रहे और लोग सबकुछ चुपचाप देखते हुए वहां से निकल जा रहे थे। फुटेज देखने से साफ है कि डेढ़ मिनट के दौरान घटनास्थल से दर्जनों लोग होकर गुजरे लेकिन, कोई भी रिटायर्ड दरोगा को बचाने के लिए आगे नहीं आया। सबसे पहले दो बाइक सवार आते दिखते हैं, जिसमें से एक बाइक मोड़कर वापस चला जाता है जबकि दूसरा घटना की अनदेखी कर आगे चला जाता है। सामने से भी दो बाइकसवार आते हैं लेकिन, हमलावरों के तेवर देख वह वहीं बाइक रोककर खड़े जाते हैं और बुजुर्ग को पिटते देखते रहते हैं। कई लोग चुपचाप सरेराह होती इस क्रूरता को देखते रहे। न ही किसी ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की और न ही पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने बताया कि हत्यारोपी जुनैद शिवकुटी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर गंभीर धाराओं समेत कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं। इनमेें दो मुकदमे हत्या के प्रयास से संबंधित हैं। मोहल्ले के लोग भी उससे खौफ खाते थे। नाम न छापने की शर्त पर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि जुनैद के नाम पर ही उसके तीनों बेटे व भाई भी जमकर गुंडई करते हैं। दहशत के चलते कोई उनसे बोलने या उनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
रिटायर दरोगा की हत्या के मामले में उनकी बेटी समीदा खान ने शिवकुटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि हमलावरों ने उनके पिता पर फायरिंग भी की थी। समीदा ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि सुबह 9.30 बजे उसका और हिस्ट्रीशीटर जुनैद की पत्नी साना और बेटियों हिना व मेहंदी से पुराने विवाद को लेकर कहासुनी-गालीगलौच हुई। 15 मिनट बाद पिता अब्दुल समद दुकान जाने के लिए निकले तभी जुनैद कमाल अपने बेटों शेबू, राजिक, सेफू, भाई जावेद कमाल अैर इबभनै व नईम के साथ पहुंचा और लाठी-डंडा व तमंचा से हमला बोल दिया जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि जुनैद की दो बेटियों व बीवी के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।