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कैंडल जलाकर मांगा हर्षित के लिए इंसाफ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 30 Jul 2016 02:20 AM IST
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शहर में मालवीय नगर मोहल्ले के बीटेक छात्र हर्षित श्रीवास्तव की एबीईएस कॉलेज गाजियाबाद कैंपस में करंट लगने से हुई मौत पर दुख व्यक्त करने और उनकी मौत की जांच की मांग के लिए शुक्रवार को उसके परिजन और दोस्त सुभाष चौराहे पर जुटे। कैंडल जलाकर और हाथ में तख्तियां लेकर उन्होंने इंसाफ की मांग की। हर्षित की मौत से स्तब्ध माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के चलते हर्षित की दर्दनाक मौत हुई। इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हर्षित की मौत के गम में डूबे पिता अधिवक्ता वीके श्रीवास्तव ने कहा, मेरा बेटा रातभर बिजली के पोल से चिपका रहा। कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। आठ घंटे बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। हैरत तो यह कि कॉलेज प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं कराई। यह कॉलेज प्रशासन की लापरवाही नहीं तो और क्या है।
रोते-बिलखते हुए हर्षित की मां बोलीं, बेटे को इंजीनियर बनाने के सपने संग उसे अपने से दूर गाजियाबाद पढ़ने भेजा था लेकिन कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से उन्हें यह दिन देखना पड़ा। बेटे का कफन में लिपटा शव घर आया। हर्षित एक होनहार छात्र था। वह राज्य स्तरीय बास्केटबॉल खिलाड़ी था। कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से एक होनहार प्रतिभाशाली असमय काल के गाल में समा गया। घरवालों की मांग है कि हर्षित की मौत की जांच हो ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके। सुभाष चौराहे पर हुई श्रद्धांजलि सभा में हर्षित के तमाम दोस्त और मोहल्ले के लोग शामिल रहे।
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हर्षित की मौत के गम में डूबे पिता अधिवक्ता वीके श्रीवास्तव ने कहा, मेरा बेटा रातभर बिजली के पोल से चिपका रहा। कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। आठ घंटे बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। हैरत तो यह कि कॉलेज प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं कराई। यह कॉलेज प्रशासन की लापरवाही नहीं तो और क्या है।
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रोते-बिलखते हुए हर्षित की मां बोलीं, बेटे को इंजीनियर बनाने के सपने संग उसे अपने से दूर गाजियाबाद पढ़ने भेजा था लेकिन कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से उन्हें यह दिन देखना पड़ा। बेटे का कफन में लिपटा शव घर आया। हर्षित एक होनहार छात्र था। वह राज्य स्तरीय बास्केटबॉल खिलाड़ी था। कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से एक होनहार प्रतिभाशाली असमय काल के गाल में समा गया। घरवालों की मांग है कि हर्षित की मौत की जांच हो ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके। सुभाष चौराहे पर हुई श्रद्धांजलि सभा में हर्षित के तमाम दोस्त और मोहल्ले के लोग शामिल रहे।
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