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बंसल हत्याकांड : महेंद्र की थ्योरी में पेच ही पेच
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:59 AM IST
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इलाहाबाद
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प्रतापगढ़ में मारे गए महेंद्र पासी और बंसल हत्याकांड के सस्पेक्ट का चेहरा मिलने की थ्योरी में पेच ही पेच नजर आ रहे हैैं। दरअसल, पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि घटना वाले दिन महेंद्र के मोबाइल की लोकेशन शहर में नहीं थी। इसके अलावा उसके पूरे गिरोह की कुंडली खंगाली गई, लेकिन न तो बंसल और न ही उनके किसी दुश्मन का लिंक मिल रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इसे खारिज नहीं किया जा सकता।
शमी हत्याकांड के खुलासे के दौरान पता चला कि बदमाश महेंद्र पासी का चेहरा बंसल हत्याकांड के सस्पेक्ट से काफी मेल खा रहा है। हालांकि, महेंद्र का 25 मार्च को ही प्रतापगढ़ के रानीगंज में मर्डर हो गया था। एसएसपी को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इस संबंध में जांच शुरू करा दी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि महेंद्र के पास तीन मोबाइल थे। तीनों की ही लोकेशन घटना वाले दिन इलाहाबाद में नहीं थी। पुलिस ने उसकी कॉल डीटेल्स भी खंगाली, लेकिन कोई ऐसा सूत्र नहीं मिला जिससे बंसल हत्याकांड में महेंद्र की संलिप्तता साबित हो। मामले में जांच कर रहे एक अधिकारी के मुताबिक बंसल का मर्डर लाखों रुपये की सुपारी देकर कराया गया है। महेंद्र के घर परिवार और गिरोह के बारे में जानकारी करने के बाद ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली कि उसके पास जनवरी में लाखों रुपये आ गए हों। उसके गिरोह में जो भी साथ में थे, जिनके साथ वह प्रतिदिन शराब पीता था, उनकी भी कुंडली खंगाली गई। फिलहाल, अभी तक कोई भी लिंक नहीं मिल रहा है। एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों को महेंद्र की फोटो दिखाई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस शंका के आधार पर जांच कर रही है।
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शमी हत्याकांड के खुलासे के दौरान पता चला कि बदमाश महेंद्र पासी का चेहरा बंसल हत्याकांड के सस्पेक्ट से काफी मेल खा रहा है। हालांकि, महेंद्र का 25 मार्च को ही प्रतापगढ़ के रानीगंज में मर्डर हो गया था। एसएसपी को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इस संबंध में जांच शुरू करा दी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि महेंद्र के पास तीन मोबाइल थे। तीनों की ही लोकेशन घटना वाले दिन इलाहाबाद में नहीं थी। पुलिस ने उसकी कॉल डीटेल्स भी खंगाली, लेकिन कोई ऐसा सूत्र नहीं मिला जिससे बंसल हत्याकांड में महेंद्र की संलिप्तता साबित हो। मामले में जांच कर रहे एक अधिकारी के मुताबिक बंसल का मर्डर लाखों रुपये की सुपारी देकर कराया गया है। महेंद्र के घर परिवार और गिरोह के बारे में जानकारी करने के बाद ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली कि उसके पास जनवरी में लाखों रुपये आ गए हों। उसके गिरोह में जो भी साथ में थे, जिनके साथ वह प्रतिदिन शराब पीता था, उनकी भी कुंडली खंगाली गई। फिलहाल, अभी तक कोई भी लिंक नहीं मिल रहा है। एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों को महेंद्र की फोटो दिखाई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस शंका के आधार पर जांच कर रही है।
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