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आईएस कनेक्शन की कड़ियां जोड़ने में जुटी एटीएस

Tue, 03 Jul 2018 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 03 Jul 2018 01:29 AM IST
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ATS engaged in connecting IS connection links
यूपी एटीएस
धूमनगंज के युवक को आतंकी संगठन के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़े जाने के मामले को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक दिन पहले थाने पहुंचकर जांच करने वाली एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड(एटीएस) की पांच सदस्यीय टीम ने सोमवार से शहर में डेरा डाल दिया। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने केबाद ही अब टीम वापस जाएगी। उधर टीम ने भुक्तभोगी युवक का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है।
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धूमनगंज में रहने वाले युवक ने पिछले दिनों अपना मोबाइल नंबर आईएसआईएस इंडिया नाम केग्रुप में जबरन जोड़े जाने की शिकायत की थी। यह भी बताया था कि आतंकी संगठन से जुड़कर इंडियन एजेंसी की जानकारी देने केएवज में उसे रुपये देने का भी लालच दिया गया।  युवक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। एसएसपी ने  मामले की जांच साइबर सेल से कराने केसाथ ही एटीएस को भी जानकारी दी। इसकेबाद रविवार को एटीएस की दो टीमों ने शहर में चार घंटे रहकर भुक्तभोगी युवक से पूछताछ की। साथ ही युवक के मोबाइल से ग्रुप में एड किए जाने के मैसेज का स्क्रीन शॉट, साथ ही ग्रुप से भेजे गए मैसेज का स्क्रीन शॉट व एफआईआर की कॉपी लेकर लौट गईं।
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सोमवार को एक बार फिर लखनऊ एटीएस की टीम शहर आ धमकी। धूमनगंज थाने पहुंचकर पांच सदस्यीय टीम ने भुक्तभोगी युवक को बुलवाया और दोबारा उससे पूछताछ की। साथ ही उसका मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया। इसकेसाथ ही कई अन्य कागजात व ईमेल आईडी आदि की भी जानकारी जुटाई। सूत्रों की मानें तो सोमवार से ही एटीएस ने शहर में कैंप करना शुरू कर दिया है। हालांकि टीम किस स्थान पर कैंप कर रही हे, इसका पता नहीं चल सका है। माना जा रहा है कि अब मामले की जांच पूरी होने केबाद ही टीम वापस जाएगी। सोमवार को भी करीब पांच घंटे तक एटीएस की टीम जांच में जुटी रही।
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सूत्रों की मानें तो रविवार को जांच केदौरान ही एटीएस ने भुक्तभोगी युवक के मोबाइल से वह मोबाइल नंबर रिकवर कर लिया था, जिसके माध्यम से उसका नंबर आतंकी संगठन के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा गया। वह मोबाइल नंबर अब एटीएस केरडार पर है। दरसअल माना जा रहा है कि इस नंबर की जानकारी मिलने केबाद यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि उस ग्रुप से कौन-कौन जुड़ा है। साथ ही ग्रुप कौन और कहां से चला रहा है। सूत्रों की मानें तो व्हाट्सएप केजरिए की गई कॉल्स केबारे में पता लगाने केलिए जांच एजेंसी कंपनी केमुख्यालय में भी संपर्क कर सकती है।
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