फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   After six months had Reiki Sutaut

छह महीने रेकी के बाद किया था शूटआऊट

Sat, 11 Jun 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 11 Jun 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
After six months had Reiki Sutaut
क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नैनी जेल गेट पर शूटआऊट की तैयारी छह महीने से चल रही थी। खूनी रंजिश में शेरडीह की मौजूदा प्रधान सरस्वती देवी के बेटों संतोष यादव और ज्ञानचंद्र के कत्ल की सुपारी मिलने के बाद शूटर लगातार उन दोनों के पीछे लगे हुए थे। जेल में बंद पिता चंद्रभान से उनकी मुलाकातों के दौरान भी रेकी की जाती रही लेकिन बदमाशों को मौका नहीं मिल रहा था। पिछले रविवार को ताक में लगे शूटरों ने ज्ञानचंद्र समेत दो लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया। क्राइम ब्रांच और नैनी पुलिस ने एक शूटर समेत दो अपराधियों को दबोचकर इस शूटआऊट का पर्दाफाश किया है। पता चला है कि शेरडीह में विरोधी परिवार के शैलेंद्र और उसके साथी राजू पहलवान ने 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी। वाराणसी के एक इनामिया अपराधी ने अपने शूटरों को लाकर वारदात अंजाम दी। पकड़े गए शूटर के कब्जे से पिस्टल, कारतूस, नगदी और बाइक मिली है।
विज्ञापन


पांच जून रविवार को नैनी जेल में कत्ल में सजायाफ्ता पूर्व प्रधान चंद्रभान यादव उर्फ बाबा से मिलकर लौट रहे उसके बेटों ज्ञानचंद्र और संतोष यादव समेत बाकी लोगों की दोनों सफारी पर जबरदस्त फायरिंग और बमबाजी में ज्ञानचंद्र और लालता प्रसाद की मौत हो गई थी। कई लोग जख्मी हुए। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में शेरडीह गांव के ही शैलेंद्र यादव उर्फ लादे, उसके भाई, साथी राजू पहलवान समेत नौ लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने नामजद आरोपियों छतनाग गांव के अशोक यादव और बहरिया ब्लाक प्रमुख चंद्रजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन


बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच, बृहस्पतिवार रात मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने नैनी पुलिस के साथ घेराबंदी कर छिवकी रेलवे स्टेशन के निकट पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों को दबोच लिया। उनमें हिस्ट्रीशीटर अख्तर कटरा का रहने वाला है जो दुश्मनी के चलते करेली में रहने लगा जबकि दूसरा सज्जू खान खुल्दाबाद में बख्शी बाजार का निवासी है। सज्जू के कब्जे से नाइन एमएम की पिस्टल, छह कारतूस तथा अख्तर के पास करीब 20 हजार रुपये बरामद हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसपी जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, पूछताछ में अख्तर ने बताया कि शेरडीह गांव के शैलेंद्र उर्फ लाडे ने अपने दोस्त राजू पहलवान के जरिए करीब छह महीने पहले उससे मिलकर अपने दुश्मनों संतोष यादव तथा उसके भाई ज्ञानचंद्र के कत्ल का ठेका दिया था। दरअसल, शैलेंद्र के दो भाइयों का विरोधी परिवार ने कत्ल किया था इसलिए वह बदले की आग में जल रहा था। 15 लाख रुपये में सौदा पटा। दस लाख रुपये अख्तर को एडवांस में दिए। साथ ही राजू पहलवान ने छह पिस्टल खरीदने के लिए भी डेढ़ लाख रुपये दिए। अख्तर ने इस काम के लिए वाराणसी में लक्सा इलाके के नई बस्ती निवासी अपराधी दीपक वर्मा उर्फ छोटू से संपर्क किया।

 करीब आठ साल पहले अख्तर और दीपक साथ नैनी जेल में थे तभी उनमें परिचय हुआ था। जेल से छूटने के बाद दीपक फरारी काटने के दौरान अक्सर यहां अख्तर से मिलने आने लगा था। एसएसपी के अनुसार, अख्तर ने दीपक को शैलेंद्र और राजू पहलवान से मिलवाया। दीपक ने सुपारी में मिले दस लाख में नौ लाख रुपये अख्तर से ले लिए। अख्तर को राजू पहलवान ने काम होने पर झूंसी में एक प्लॉट देने का भरोसा दिया। शूटआऊट के लिए करेली के सज्जू को भी शामिल किया गया। दीपक उर्फ छोटू ने बाकी शूटरों का इंतजाम किया। अख्तर ने केवल प्लानिंग की।

सुपारी लेने के बाद शूटरों ने पिछले छह महीने में कई बार झूंसी और शेरडीह में ज्ञानचंद्र तथा संतोष की रेकी की लेकिन हमला नहीं कर पाए। फिर तय हुआ कि हर रविवार नैनी जेल में पिता चंद्रभान से मुलाकात के बाद लौटते वक्त उन दोनों को निशाना बनाया जाए। शूटरों ने 29 मई रविवार को जेल के पास हमले की सोची थी लेकिन तब  शूटर ये नहीं जान पाए कि दो सफारी में चंद्रभान कहां बैठा था। फिर रविवार पांच जून का दिन तय किया गया।

उस दिन सुबह करीब दस बजे ही सज्जू खान को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन गिरोह से जुडे राजू पहलवान और शैलेंद्र ने फोन किया कि आज हर हाल में काम होना है, तुम फौरन शास्त्री पुल के पास मिलो। सज्जू साढ़े दस बजे वहां पहुंचा तो स्कार्पियो में शैलेंद्र, राजू पहलवान, जीतेंद्र  यादव उर्फ नागेंद्र झम्मन समेत तीन-चार अन्य लोग बैठे थे। राजू ने उसे काले रंग की पल्सर देकर वाराणसी से आए बदमाश दीपक उर्फ छोटू तथा वीरेंद्र यादव उर्फ करिया उर्फ ठोकिया को बैठाकर नैनी जेल गेट पहुंचने को कहा। राजू ने सज्जू को भी पिस्टल दी। सज्जू दोनों शूटरों के साथ जेल गेट पर पहुंचा तो वहां दीपक के साथी शूटर पिस्टल और बम से लैस टहल रहे थे।

लगभग साढ़े तीन बजे जेल में चंद्रभान से मिलने के बाद उसके पुत्र ज्ञानचंद्र समेत बाकी लोग दो सफारी स्टार्म गाड़ी में बैठकर बढ़े। अगली सफारी में बीच वाली सीट पर बाएं बैठे ज्ञानचंद्र ने कांच नीचे किया तो शूटरों ने उसे देख लिया। मोड़ पर सफारी की रफ्तार धीमी होने पर शूटरों ने घेरकर चौतरफा हमला कर दिया। ज्ञानचंद्र पर दीपक, सज्जू और उसके शूटरों ने करीब से गोलियां दागीं। ज्ञानचंद्र के साथ ही लालता प्रसाद को भी गोलियां धंसीं। फायरिंग के बाद बम पटकते हुए तीन बाइक पर सवार होकर शूटर अरैल घाट पर पहुंचे जहां स्कार्पियो में शैलेंद्र और राजू मौजूद थे। सज्जू को एक शूटर ने पुराने नैनी पुल पर बाइक से उतार दिया। वह करेली में अख्तर से मिला और काम होने की जानकारी दी। शाम को सुपारी देने वाले शैलेंद्र और राजू ने करेली आकर सज्जू और अख्तर से मिलकर कहा कि वे अपने मोबाइल ऑफ कर रहे हैँ। कुछ दिन बाद मामला ठंडा होने पर मिलकर बकाया हिसाब किया जाएगा।

 नैनी जेल गेट शूटआऊट में अब सुपारी देने वाले शैंलेंद्र, उसके साथी राजू पहलवान तथा अपने गुर्गों के साथ वारदात अंजाम देने वाले वाराणसी में लक्सा इलाके के बदमाश दीपक वर्मा उर्फ छोटू की तलाश है। वाराणसी में पिछले साल एक पार्षद की हत्या के बाद से दस हजार रुपये का ईनामी छोटू फरारी काट रहा है। उसने यहां झूंसी इलाके में पनाह ली थी। फरारी के दौरान ही उसने नैनी जेल गेट हत्याकांड को अंजाम दे डाला। बाकी तीन शूटरों के बारे में वही बता सकता है। एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय को दीपक की जल्द गिरफ्तारी का जिम्मा दिया गया है। उस पर ईनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की संस्तुति डीजीपी को भेजी जा रही है। वाराणसी पुलिस को भी यह सूचना दे दी गई है। एसएसपी का कहना है कि दुश्मनी में सुपारी देकर कराए गए कत्ल में छोटा राजन गिरोह की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। राजू पहलवान कभी छोटा राज गिरोह के लिए काम करने के आरोप में पकडा गया था लेकिन तब से उसकी गतिविधियां इस गिरोह से जुड़ी नहीं मिली हैं।

पुलिस ने घटना वाले दिन खरकौनी गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक की तो उसमें पल्सर सवार तीन लोग चेहरे को गमछा से ढके जाते दिखे थे। अब यह साफ हो गया कि उस बाइक को सज्जू चला रहा था जबकि पीछे दीपक और करिया बैठे थे। सज्जू ने लाल रंग का जूता पहन रखा था। वह गिरफ्तारी के वक्त भी पहने था। 


नैनी जेल गेट शूटआऊट के दो बदमाशों को दबोचने पर एसएसपी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, उपनिरीक्षक नागेश सिंह, एचसीपी जीतेंद्र पाल सिंह, एचसीपी अवधेंद्र तिवारी, रविसेन सिंह,पवन सिंह, अभय कुमार, विजय श्रीवास्तव, नवीन राय, विनय राय, नैनी थाना प्रभारी रामसूरत सोनकर को दस हजार रुपये पुरस्कार दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed