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एडीए में छात्रों ने किया बवाल, तोड़फोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 12 Dec 2014 11:35 PM IST
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अवैध कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंच छात्रों ने शुक्रवार को इंदिरा भवन स्थित एडीए कार्यालय में जमकर हंगामा किया। छात्रों ने कार्यालय का चैनल बंद कर दिया। वीसी कार्यालय के बाहर रखे गमले तोड़ दिए, बिजली के बोर्ड उखाड़ दिए। अफसर और कर्मचारी समझाने पहुंचे तो छात्र उनसे भी उलझ गए। एक अफसर से हाथापाई का भी प्रयास किया। कर्मचारियों ने छात्रों को घेर लिया। इस बीच कुछ छात्र भाग निकले लेकिन आधा दर्जन छात्र हत्थे चढ़ गए। कर्मियों ने उनकी धुनाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी छात्रों को जमकर पीटा। छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। एडीए की ओर से छह छात्रों शेष नारायण ओझा, अजीत विधायक, अखिलेश गुप्त, शैलेंद्र मौर्य, सूर्य कांत मिश्रा एवं मानस शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। अखिलेश की गिरफ्तारी नहीं हो सकी जबकि शाम को पांच छात्रों को जेल भेज दिया गया।
शहर में अवैध कोचिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग कुछ छात्र लंबे समय से कर रहे हैं। इस मामले में छात्रों की ओर से एडीए से आरटीआई में सूचना भी मांगी गई थी। शुक्रवार दिन में करीब सवा12 बजे दो दर्जन से अधिक छात्र इंदिरा भवन स्थित एडीए के आठवें तल स्थित कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने कार्यालय में घुसते ही नारेबाजी, गाली-गलौज करते हुए मुख्य चैनल बंद कर दिया। हंगामा कर रहे छात्रों ने उपाध्यक्ष के चैंबर के बाहर रखे गमले पटककर तोड़ दिए। बिजली के बोर्ड तक उखाड़ डाले। शोरशराबा सुनकर संयुक्त सचिव गुडाकेश शर्मा, ओएसडी पुष्कर श्रीवास्तव एवं आलोक पांडेय अपने चैंबरों से निकल बाहर आए तो छात्र उनसे भी उलझ गए। कुछ छात्रों ने पीछे की सीढ़ी का दरवाजा भी बंद कर दिया। तब तक कर्मचारी भी जुट गए।
अफसर और कर्मचारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया तो छात्रों ने ओएसडी श्री पांडेय से हाथापाई का प्रयास किया। इस बीच कर्मचारियों ने चैनल में ताला लगा दिया और छात्रों को घेर लिया। इस बीच कुछ छात्र इधर-उधर भागे लेकिन छह छात्र कर्मचारियों के हत्थे चढ़ गए। कर्मचारियों ने उनकी धुनाई कर दी। इस बीच वीसी कार्यालय से सिविल लाइंस थाने के साथ वीसी अजय कुमार सिंह को भी सूचना दी गई। इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव फोर्स के साथ एडीए पहुंचे और छात्रों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। उनका धारा 151 में चालान कर दिया। कुछ देर में वीसी भी कार्यालय पहुंच गए। बाद में ओएसडी पांडेय की ओर से उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पांच छात्रों को नैनी जेल भेज दिया। एडीए कार्यालय में हंगामा कर रहे छात्रों पर वहां के कर्मचारी भारी पड़े तो छात्र मान-मनौव्वल करने लगे। उनका कहना था कि वे यहां हंगामा करने नहीं बल्कि शहर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने आए थे।
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हालांकि तोड़फोड़ कर चुके छात्रों के खिलाफ कर्मचारियों ने कोई मुरव्वत नहीं की और चैनल बंद करके छात्रों की जमकर धुनाई की। छात्रों के हंगामे के करीब आधे घंटे बाद इंदिरा भवन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मामला छात्रों से जुड़ा होने के कारण सिविल लाइंस सहित कई थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। ऐसा इसलिए भी किया गया कि इंदिरा भवन परिसर में एडीए सहित विभिन्न विभागों के कार्यालयों के अफसर और कर्मचारियों की गाड़ियां खड़ी होती है। नारेबाजी करते हुए दो दर्जन से अधिक छात्र इंदिरा भवन परिसर में घुसे लेकिन वहां तैनात निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों ने इसकी सूचना एडीए को नहीं दी। इस इमारत की देखरेख एडीए करता है सो, गार्डों की तैनाती भी उसी ने की है। गार्डोँ की इस लापरवाही पर वीसी अजय कुमार सिंह बेहद नाराज हैं। माना जा रहा है एक-दो दिन में इन गार्डों को हटा दिया जाएगा।
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शहर में अवैध कोचिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग कुछ छात्र लंबे समय से कर रहे हैं। इस मामले में छात्रों की ओर से एडीए से आरटीआई में सूचना भी मांगी गई थी। शुक्रवार दिन में करीब सवा12 बजे दो दर्जन से अधिक छात्र इंदिरा भवन स्थित एडीए के आठवें तल स्थित कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने कार्यालय में घुसते ही नारेबाजी, गाली-गलौज करते हुए मुख्य चैनल बंद कर दिया। हंगामा कर रहे छात्रों ने उपाध्यक्ष के चैंबर के बाहर रखे गमले पटककर तोड़ दिए। बिजली के बोर्ड तक उखाड़ डाले। शोरशराबा सुनकर संयुक्त सचिव गुडाकेश शर्मा, ओएसडी पुष्कर श्रीवास्तव एवं आलोक पांडेय अपने चैंबरों से निकल बाहर आए तो छात्र उनसे भी उलझ गए। कुछ छात्रों ने पीछे की सीढ़ी का दरवाजा भी बंद कर दिया। तब तक कर्मचारी भी जुट गए।
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अफसर और कर्मचारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया तो छात्रों ने ओएसडी श्री पांडेय से हाथापाई का प्रयास किया। इस बीच कर्मचारियों ने चैनल में ताला लगा दिया और छात्रों को घेर लिया। इस बीच कुछ छात्र इधर-उधर भागे लेकिन छह छात्र कर्मचारियों के हत्थे चढ़ गए। कर्मचारियों ने उनकी धुनाई कर दी। इस बीच वीसी कार्यालय से सिविल लाइंस थाने के साथ वीसी अजय कुमार सिंह को भी सूचना दी गई। इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव फोर्स के साथ एडीए पहुंचे और छात्रों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। उनका धारा 151 में चालान कर दिया। कुछ देर में वीसी भी कार्यालय पहुंच गए। बाद में ओएसडी पांडेय की ओर से उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पांच छात्रों को नैनी जेल भेज दिया। एडीए कार्यालय में हंगामा कर रहे छात्रों पर वहां के कर्मचारी भारी पड़े तो छात्र मान-मनौव्वल करने लगे। उनका कहना था कि वे यहां हंगामा करने नहीं बल्कि शहर में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने आए थे।
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हालांकि तोड़फोड़ कर चुके छात्रों के खिलाफ कर्मचारियों ने कोई मुरव्वत नहीं की और चैनल बंद करके छात्रों की जमकर धुनाई की। छात्रों के हंगामे के करीब आधे घंटे बाद इंदिरा भवन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मामला छात्रों से जुड़ा होने के कारण सिविल लाइंस सहित कई थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। ऐसा इसलिए भी किया गया कि इंदिरा भवन परिसर में एडीए सहित विभिन्न विभागों के कार्यालयों के अफसर और कर्मचारियों की गाड़ियां खड़ी होती है। नारेबाजी करते हुए दो दर्जन से अधिक छात्र इंदिरा भवन परिसर में घुसे लेकिन वहां तैनात निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों ने इसकी सूचना एडीए को नहीं दी। इस इमारत की देखरेख एडीए करता है सो, गार्डों की तैनाती भी उसी ने की है। गार्डोँ की इस लापरवाही पर वीसी अजय कुमार सिंह बेहद नाराज हैं। माना जा रहा है एक-दो दिन में इन गार्डों को हटा दिया जाएगा।