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तीर्थयात्रियों से भरी नाव यमुना में पलटी, तीन मरे
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:16 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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महाराष्ट्र के नांदेड़ से आए एक परिवार के चौदह लोगों को लेकर जा रही नाव सोमवार शाम मनकामेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी में गहरे पानी में पलट गई। नाव पलटने से उसमें सवार 16 यात्रियों में तीन की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह को बचा लिया गया। नाविक और तीर्थ पुरोहित हादसे के बाद फरार हो गए। वहीं, पांच यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा हो जाने की वजह से तलाश अभियान नहीं चलाया जा सका। नदी से बाहर निकाले गए सभी घायलों को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दो लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
महाराष्ट्र के नांदेड जिले के कोलबी गांव के रहने वाले एक परिवार के चौदह सदस्य प्रयागराज में अपने रिश्तेदार के अस्थि विसर्जन को यहां आए थे। यह लोग नागपुर से होते हुए पहले वाराणसी पहुंचे। वहां से सभी सोमवार को प्रयागराज आए। दुर्घटना में बचे युवक मनोहर ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह सभी गऊघाट से एक नाव में सवार होकर संगम को निकले। नाव में दिगंबर आर विश्वास (71), भोजराज (68), राधाबाई केशव (62), लक्ष्मीबाई (71), भागाबाई (65), सुनीता डी केशव (66), देवीदास केशव (70), रमाकांत वैश (40), मनोहर एम वैश (33), केशव (70), बी केशव (70), मीनाक्षी (40) के अलावा नाविक एवं एक तीर्थपुरोहित भी सवार हुए। संगम पहुंचने पर उन लोगों ने विसर्जन संबंधी सारे धार्मिक कर्मकांड पूरे किए। इसके बाद सभी करीब छह बजे वहां से लौटने लगे। मनोहर के मुताबिक वापस लौटते समय नाव में पानी भर रहा था। उसने नाविक को भी बताया लेकिन उसने निश्चिंत रहने को कहा। करीब साढ़े छह बजे उनकी नाव जैसे ही मनकामेश्वर मंदिर के ठीक पीछे पहुंची, अचानक नाव डगमगा उठी और दो मिनट में उलट गई। नाव में सवार सभी लोग यमुना के करीब साठ फीट गहरे पानी में गिर पड़े।
नाव पलटते ही तीर्थयात्रियों मदद के लिए चीख-पुकार मचाने लगे। अंधेरा घिर जाने से आसपास कोई भी नहीं था लेकिन सड़क की ओर आलोक दुबे, सुजीत, अनिमेष समेत कुछ युवक खड़े थे। चीख पुकार सुनकर सभी नदी की ओर लपके। वहां सभी गहरे पानी में डूब रहे थे। नाविक अपने साथ दो महिलाओं को लेकर बाहर की तरफ आया, लेकिन उसके बाद वह और तीर्थपुरोहित दोनों भाग गए। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन संसाधन न होने से बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जा सके। पुलिस के पहुंचने तक नौ लोग किसी तरह बाहर आ गए थे। इनमें से राधाबाई, भागाबाई एवं लक्ष्मीबाई की घाट पर पहुंचने पर मौत हो गई, जबकि चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। मनोहर एवं मीनाक्षी को अधिक चोट नहीं आई। नाव में सवार रहे परिवार के पांच लोगों का देर रात तक पता नहीं चल सका था।
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महाराष्ट्र के नांदेड जिले के कोलबी गांव के रहने वाले एक परिवार के चौदह सदस्य प्रयागराज में अपने रिश्तेदार के अस्थि विसर्जन को यहां आए थे। यह लोग नागपुर से होते हुए पहले वाराणसी पहुंचे। वहां से सभी सोमवार को प्रयागराज आए। दुर्घटना में बचे युवक मनोहर ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह सभी गऊघाट से एक नाव में सवार होकर संगम को निकले। नाव में दिगंबर आर विश्वास (71), भोजराज (68), राधाबाई केशव (62), लक्ष्मीबाई (71), भागाबाई (65), सुनीता डी केशव (66), देवीदास केशव (70), रमाकांत वैश (40), मनोहर एम वैश (33), केशव (70), बी केशव (70), मीनाक्षी (40) के अलावा नाविक एवं एक तीर्थपुरोहित भी सवार हुए। संगम पहुंचने पर उन लोगों ने विसर्जन संबंधी सारे धार्मिक कर्मकांड पूरे किए। इसके बाद सभी करीब छह बजे वहां से लौटने लगे। मनोहर के मुताबिक वापस लौटते समय नाव में पानी भर रहा था। उसने नाविक को भी बताया लेकिन उसने निश्चिंत रहने को कहा। करीब साढ़े छह बजे उनकी नाव जैसे ही मनकामेश्वर मंदिर के ठीक पीछे पहुंची, अचानक नाव डगमगा उठी और दो मिनट में उलट गई। नाव में सवार सभी लोग यमुना के करीब साठ फीट गहरे पानी में गिर पड़े।
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नाव पलटते ही तीर्थयात्रियों मदद के लिए चीख-पुकार मचाने लगे। अंधेरा घिर जाने से आसपास कोई भी नहीं था लेकिन सड़क की ओर आलोक दुबे, सुजीत, अनिमेष समेत कुछ युवक खड़े थे। चीख पुकार सुनकर सभी नदी की ओर लपके। वहां सभी गहरे पानी में डूब रहे थे। नाविक अपने साथ दो महिलाओं को लेकर बाहर की तरफ आया, लेकिन उसके बाद वह और तीर्थपुरोहित दोनों भाग गए। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन संसाधन न होने से बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जा सके। पुलिस के पहुंचने तक नौ लोग किसी तरह बाहर आ गए थे। इनमें से राधाबाई, भागाबाई एवं लक्ष्मीबाई की घाट पर पहुंचने पर मौत हो गई, जबकि चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। मनोहर एवं मीनाक्षी को अधिक चोट नहीं आई। नाव में सवार रहे परिवार के पांच लोगों का देर रात तक पता नहीं चल सका था।
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