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रेलवे बोर्ड और मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट, दोनों अफसरों का निलंबन तय
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रेलवे बोर्ड और मुख्यालय को सौंपी रिपोर्ट, दोनों अफसरों का निलंबन तय
0 एनसीआर जीएम आज रिश्वत लेने के दोनों आरोपी अफसरों को कर सकते हैं निलंबित
0 सीबीआई की दूसरी टीम पहुंची मनौरी, खंगाले आरोपी अफसरों से जुड़े तमाम दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सीबीआई द्वारा डीआरएम ऑफिस के दो अफसरों को रिश्वत लेने के आरोेप में पकड़े जाने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ ने अपनी विभागीय रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और एनसीआर मुख्यालय को भेज दी है। बताया जा रहा है कि दोनों अफसरों का निलंबन तय है। मंगलवार को एनसीआर महाप्रबंधक राजीव चौधरी के प्रयागराज पहुंचने के बाद दोनों अफसरों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच सीबीआई की एक दूसरी टीम सोमवार को कौशांबी जिले के मनौरी रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां सिग्नल एंड टेलीकाम के इन दोनों अफसरों से जुड़े तमाम दस्तावेज खंगाले गए। इसके पूर्व सीबीआई की टीम ने रविवार को भी मनौरी के साथ करछना रेलवे स्टेशन पर लगे सिगनल के उपकरणों की जांच की। दरअसल इन दोनों स्टेशनों के पास बने रेलवे ओवर ब्रिज का ठेका हासिल करने वाली कंपनी शार्प इंटरप्राइजेज के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश मिश्रा ने सीबीआई से लिखित शिकायत की थी। कहा गया था कि उनकी कंपनी द्वारा जो काम नहीं किया गया है, उसे भी मेजरमेंट बुक में भर कर 12 लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया। इसके बदले अफसरों ने 10 लाख रुपये की मांग की। इस शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों इंजीनियरों को दस लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है। नियमानुसार अगर कोई अफसर किसी मामले में 48 घंटे से ज्यादा देर तक जेल में बंद हो तो उसका स्वत: ही डीम्ड सस्पेंशन हो जाता है। इस बारे में डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ का कहना है कि दोनों ही निलंबन तय है। क्योंकि दोनों ही गजटेड अफसर है, इस वजह से निलंबन की कार्रवाई वे नहीं कर सकते। जीएम एनसीआर ही निलंबन की कार्रवाई कर सकते हैं। मंगलवार को वे प्रयागराज पहुंच भी रहे हैं।
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रेलवे बोर्ड और मुख्यालय को सौंपी रिपोर्ट, दोनों अफसरों का निलंबन तय
0 एनसीआर जीएम आज रिश्वत लेने के दोनों आरोपी अफसरों को कर सकते हैं निलंबित
0 सीबीआई की दूसरी टीम पहुंची मनौरी, खंगाले आरोपी अफसरों से जुड़े तमाम दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सीबीआई द्वारा डीआरएम ऑफिस के दो अफसरों को रिश्वत लेने के आरोेप में पकड़े जाने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ ने अपनी विभागीय रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और एनसीआर मुख्यालय को भेज दी है। बताया जा रहा है कि दोनों अफसरों का निलंबन तय है। मंगलवार को एनसीआर महाप्रबंधक राजीव चौधरी के प्रयागराज पहुंचने के बाद दोनों अफसरों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच सीबीआई की एक दूसरी टीम सोमवार को कौशांबी जिले के मनौरी रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां सिग्नल एंड टेलीकाम के इन दोनों अफसरों से जुड़े तमाम दस्तावेज खंगाले गए। इसके पूर्व सीबीआई की टीम ने रविवार को भी मनौरी के साथ करछना रेलवे स्टेशन पर लगे सिगनल के उपकरणों की जांच की। दरअसल इन दोनों स्टेशनों के पास बने रेलवे ओवर ब्रिज का ठेका हासिल करने वाली कंपनी शार्प इंटरप्राइजेज के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश मिश्रा ने सीबीआई से लिखित शिकायत की थी। कहा गया था कि उनकी कंपनी द्वारा जो काम नहीं किया गया है, उसे भी मेजरमेंट बुक में भर कर 12 लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया। इसके बदले अफसरों ने 10 लाख रुपये की मांग की। इस शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों इंजीनियरों को दस लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है। नियमानुसार अगर कोई अफसर किसी मामले में 48 घंटे से ज्यादा देर तक जेल में बंद हो तो उसका स्वत: ही डीम्ड सस्पेंशन हो जाता है। इस बारे में डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ का कहना है कि दोनों ही निलंबन तय है। क्योंकि दोनों ही गजटेड अफसर है, इस वजह से निलंबन की कार्रवाई वे नहीं कर सकते। जीएम एनसीआर ही निलंबन की कार्रवाई कर सकते हैं। मंगलवार को वे प्रयागराज पहुंच भी रहे हैं।
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