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साधु को अस्पताल से बाहर फेंकने के मामले ने तूल पकड़ा
Updated Fri, 04 May 2018 01:08 AM IST
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साधु को अस्पताल से बाहर फेंकने के मामले ने तूल पकड़ा
0 एसआरएन की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों, कर्मचारी बचाव में जुटे
0 मददगार अधिवक्ता की शिकायत पर प्राचार्य ने की पूछताछ, अभिलेख तलब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की इमरजेंसी में एंबुलेंस से ले जाए गए बीमार साधु अयोध्या निवासी गुरादास नारायण को भर्ती करने के बजाय अस्पताल के बाहर फेंकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को साधु के मददगार अधिवक्ता ब्रजेंद्र कुमार पांडेय ने प्राचार्य से मामले की शिकायत की तो उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की। साथ ही मरीज से संबंधित अभिलेख भी तलब किए हैं। मामले की जांच के लिए प्राचार्य ने कमेटी गठित करने की बात कही है।
सिविल लाइंस में सड़क किनारे दर्द से कराह रहे बीमार साधु नारायण को 29 अप्रैल की शाम अधिवक्ता बृजेंद्र के साथ सीआरपीएफ के जवान अखिलेश यादव और श्याम सुंदर दास ने 108 नंबर की एंबुलेंस से एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचाया था। साधु का आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने के बजाय अस्पताल से बाहर फेंकवा दिया था। डॉक्टरों की इस हरकत से नाराज मददगारों ने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी तो खोजबीन के बाद बुधवार को साधु को अस्पताल में भर्ती किया गया। वह लाल बत्ती के पास हॉल तक घिसटकर पहुंचे थे।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने घटना के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी से साधु से संबंधित अभिलेख तलब किए। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। प्राचार्य के मुताबिक साधु गुरुदास के मामले की जांच को कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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0 एसआरएन की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों, कर्मचारी बचाव में जुटे
0 मददगार अधिवक्ता की शिकायत पर प्राचार्य ने की पूछताछ, अभिलेख तलब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की इमरजेंसी में एंबुलेंस से ले जाए गए बीमार साधु अयोध्या निवासी गुरादास नारायण को भर्ती करने के बजाय अस्पताल के बाहर फेंकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बृहस्पतिवार को साधु के मददगार अधिवक्ता ब्रजेंद्र कुमार पांडेय ने प्राचार्य से मामले की शिकायत की तो उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की। साथ ही मरीज से संबंधित अभिलेख भी तलब किए हैं। मामले की जांच के लिए प्राचार्य ने कमेटी गठित करने की बात कही है।
सिविल लाइंस में सड़क किनारे दर्द से कराह रहे बीमार साधु नारायण को 29 अप्रैल की शाम अधिवक्ता बृजेंद्र के साथ सीआरपीएफ के जवान अखिलेश यादव और श्याम सुंदर दास ने 108 नंबर की एंबुलेंस से एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचाया था। साधु का आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने के बजाय अस्पताल से बाहर फेंकवा दिया था। डॉक्टरों की इस हरकत से नाराज मददगारों ने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी तो खोजबीन के बाद बुधवार को साधु को अस्पताल में भर्ती किया गया। वह लाल बत्ती के पास हॉल तक घिसटकर पहुंचे थे।
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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने घटना के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी से साधु से संबंधित अभिलेख तलब किए। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। प्राचार्य के मुताबिक साधु गुरुदास के मामले की जांच को कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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