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झलवा से लूटी गई नौ लाख की मशीन संग दो गिरफ्तार
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:00 PM IST
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झलवा से लूटी गई नौ लाख की मशीन संग दो गिरफ्तार
धूमनगंज में 29 जून को हुई थी घटना, सुपरवाइजर ने लिखाई थी रिपोर्ट
ऑप्टिकल फाइबर केबिल बिछाने वाली कंपनी की थी मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के झलवा में ऑप्टिकल फाइबर केबिल बिछाने वाली कंपनी की लूटी गई नौ लाख की मशीन शुक्रवार को बरामद कर ली गई। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों को जेल भेजा जा रहा है।
गोरखपुर की जीएमल कंपनी इन दिनों झलवा में अंडरग्राउंड ऑप्टिकल केबिल बिछाने का काम कर रही है। यह काम इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने वाली देश की एक अग्रणी कंपनी के लिए किया जा रहा है। 29 जून की रात कुछ लोग कंपनी के साइट ऑफिस पहुंचे और सुपरवाइजर अरुण कुमार सिंह पर हमला बोल दिया। अन्य कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन्हें भी डरा-धमकाकर भगा दिया गया। सुपरवाइजर को अधमरा करने बाद बदमाश भागे और जाते वक्त अपने साथ डिजिटल लोकेशन ट्रेसर मशीन भी उठा ले गए। जिसकी कीमत करीब नौ लाख रुपये बताई जा रही है। दो जुलाई को पुलिस को तहरीर देकर सुपरवाइजर ने विजय सिंह व राजू सिंह निवासी कौशाम्बी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। राजरूपपुर चौकी प्रभारी नित्यानंद सिंह ने बताया कि पुलिस सुरागरशी में लगी थी कि शुक्रवार रात में आरोपियों के धूमनगंज में गुरुमाधव चौराहे के पास होने की सूचना मिली। इस पर दोनों को दबोच लिया गया और मशीन भी बरामद कर ली गई। बताया कि दोनों मशीन को बेचने के लिए लेकर आए थे। अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में दरोगा अनिल भगत, सिपाही अनिल शामिल रहे।
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धूमनगंज में 29 जून को हुई थी घटना, सुपरवाइजर ने लिखाई थी रिपोर्ट
ऑप्टिकल फाइबर केबिल बिछाने वाली कंपनी की थी मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के झलवा में ऑप्टिकल फाइबर केबिल बिछाने वाली कंपनी की लूटी गई नौ लाख की मशीन शुक्रवार को बरामद कर ली गई। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों को जेल भेजा जा रहा है।
गोरखपुर की जीएमल कंपनी इन दिनों झलवा में अंडरग्राउंड ऑप्टिकल केबिल बिछाने का काम कर रही है। यह काम इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने वाली देश की एक अग्रणी कंपनी के लिए किया जा रहा है। 29 जून की रात कुछ लोग कंपनी के साइट ऑफिस पहुंचे और सुपरवाइजर अरुण कुमार सिंह पर हमला बोल दिया। अन्य कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन्हें भी डरा-धमकाकर भगा दिया गया। सुपरवाइजर को अधमरा करने बाद बदमाश भागे और जाते वक्त अपने साथ डिजिटल लोकेशन ट्रेसर मशीन भी उठा ले गए। जिसकी कीमत करीब नौ लाख रुपये बताई जा रही है। दो जुलाई को पुलिस को तहरीर देकर सुपरवाइजर ने विजय सिंह व राजू सिंह निवासी कौशाम्बी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। राजरूपपुर चौकी प्रभारी नित्यानंद सिंह ने बताया कि पुलिस सुरागरशी में लगी थी कि शुक्रवार रात में आरोपियों के धूमनगंज में गुरुमाधव चौराहे के पास होने की सूचना मिली। इस पर दोनों को दबोच लिया गया और मशीन भी बरामद कर ली गई। बताया कि दोनों मशीन को बेचने के लिए लेकर आए थे। अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में दरोगा अनिल भगत, सिपाही अनिल शामिल रहे।
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