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पूर्व कर्मचारी की मदद से बदमाशों ने लूटे थे पौने चौबीस लाख

Wed, 03 Oct 2018 10:12 PM IST
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:12 PM IST
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पूर्व कर्मचारी की मदद से बदमाशों ने लूटे थे पौने चौबीस लाख
पूर्व कर्मचारी की मदद से बदमाशों ने लूटे थे 23.80 लाख
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कैंट लूटकांड का खुलासा, पुलिस की गिरफ्त में आए दर्जन लुटेरे
लूट की रकम समेत चोरी की बाइक भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। चौफटका के पास 23.80 लाख लूटने की वारदात में कंपनी का एक पूर्व कर्मचारी भी शरीक था। कैंट पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर लूटकांड में शामिल सभी लुटेरों को धर-दबोचा। उनके पास से लूट की रकम के साथ इस्तेमाल हुई दो बाइक भी बरामद की गई। पकड़े गए सभी छहों आरोपियों की उम्र 20-21 वर्ष के बीच है लेकिन, इन पर कई आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
लूटकांड का बुधवार को खुलासा करते हुए एडीजी एसएन साबत ने बताया कि राइटर सेफ गार्ड में प्रतापगढ़ निवासी हिमांशु मिश्रा कस्टोडियन के तौर पर काम करता था। एक माह पहले उसने नौकरी छोड़ दी। तब तक कंपनी के कामकाज से वह बखूबी वाकिफ हो चुका था। उसे हर मंगलवार को कंपनी के पास काफी कैश होने के साथ इसकी भी जानकारी थी कि यह पैसा प्रशांत राय अकेले जमा करने जाता है। यह बात उसने शशि सिंह निवासी बिहार से बताई। तीनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई। इसके बाद कई दिनों तक प्रशांत की रेकी की गई। वारदात से पहले कर्नलगंज एवं मम्फोर्डगंज से दो बाइक उड़ाई गई। तयशुदा योजना के मुताबिक 25 सितंबर को नेहरू पार्क के पास तीन अन्य बदमाशों के साथ मिलकर प्रशांत से रुपयों भरा बैग छीन लिया गया। लूट के बाद सभी छहों बदमाश 10-10 हजार रुपये लेकर फरार हो गए और बाकी बचा पैसा शशि लेकर बिहार भाग गया। हिमांशु उस दिन मौजूद नहीं था, इसलिए उसे पैसा नहीं मिला था। बड़ी लूट की वारदात होने से दबाव में आई पुलिस ने जाल बिछाना शुरू किया। सबसे पहले हिमांशु की गतिविधियां संदिग्ध मिली। पुलिस ने हिमांशु का रिकार्ड खंगाला तब उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज मिले। जांच-पड़ताल में शशि के बारे में भी क्लू मिल गया। उसके बाद मामला खुलना शुरू हो गया। पुलिस को मालूम चला कि बुधवार को सभी पैसों के बंटवारे के लिए एकत्रित होने वाले हैं। कैंट इंस्पेक्टर आरसी रावत एवं क्राइम ब्रांच के बृजेश सिंह की अगुवाई में घात लगाई पुलिस ने बदमाशों के वहां पहुंचते ही उनको घेरकर दबोच लिया। उनके पास से कुल 23.28 लाख रुपये नकद के अलावा, चोरी की दो मोटरसाइकिल एवं चार तमंचे भी बरामद किए हैं। एडीजी सावत ने लूटकांड का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की। इस दौरान आईजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी नितिन तिवारी, एएसपी सुकीर्ति माधव मौजूद थे।
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हिस्ट्रीशीटर नीरज का शूटर है मुख्य आरोपी
इलाहाबाद। लूटकांड का मुख्य आरोपी शशि सिंह कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर नीरज वाल्मीकि का खास शूटर है। पिछले वर्ष कैरियर कोचिंग के सामने गोली चलाकर रंगदारी वसूलने के मामले में यह जेल भी जा चुका। उसके खिलाफ कैंट समेत सिविल लाइंस एवं कर्नलगंज में मुकदमे दर्ज हैं। इसी तरह लूटकांड में पकड़े गए सभी छहों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। हरेंद्र यादव निवासी गोरखपुर, हिमांशु मिश्रा के खिलाफ कैंट एवं कर्नलगंज में लूट एवं धमकाने के आरोप में तीन मामले दर्ज हैं जबकि राजू यादव निवासी धूमनगंज, सोनू यादव निवासी कौशांबी एवं अजय मौर्या के खिलाफ इन्हीं थानों में लूट, रंगदारी समेत अन्य गंभीर धाराओं में चार-चार मामले दर्ज हैं। पकड़े गए इन सभी आरोपियों की उम्र 20-21 वर्ष के बीच की है। पुलिस के मुताबिक इन सभी ने कम उम्र में ही अपराध जगत में कदम रख दिए थे।
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कैश मैनेज करने वाली कंपनियों पर होगी सख्ती
इलाहाबाद। एडीजी एसएन साबत ने कैश मैनेजमेंट का काम करने वाली कंपनियों पर सख्ती करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा ऐसी सभी कंपनियों को चेतावनी पत्र भेजा गया है जिसमें, उनको सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रत्येक दशा में पालन करने को कहा गया है। एडीजी के मुताबिक प्रोटोकॉल के लिहाज से 20 लाख कैश होने पर सुरक्षा गार्ड के साथ कैश वैन भी होनी चाहिए थी लेकिन, कंपनी ने लापरवाही से काम करते हुए इतना कैश एक कर्मचारी के हवाले किया हुआ था।
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