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थाने के सामने शव रखकर तीन घंटे तक प्रदर्शन, जमकर हंगामा

Sun, 02 Jun 2019 09:00 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 09:00 PM IST
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थाने के सामने शव रखकर तीन घंटे तक प्रदर्शन, जमकर हंगामा
थाने के सामने शव रखकर तीन घंटे प्रदर्शन, जमकर हंगामा
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दारागंज में मिली थी नीवां निवासी युवक की लाश
परिजनों का आरोप-हत्या कर नदी में फेंका गया शव
नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद शांत हुए लोग

अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज के नीवां से संदिग्ध हाल में गायब युवक का शव दारागंज में मिलने के मामले में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव थाने के सामने रखकर रास्ता जाम कर दिया। नामजद मुकदमा दर्ज करने व जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर करीब तीन घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पुलिस ने बताया कि तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
भानू निषाद(38) पुत्र सुरेश निषाद धूमनगंज के उमरपुर नीवां का रहने वाला था। वह मछली बेचता था। परिजनों का आरोप है कि 29 मई को सुबह आठ बजे वह मछली पकड़ने कछार में गया था। साथ में गांव का ही गुड़वा, करन निषाद व करेलाबाग निवासी लकी उर्फ गदऊ भी था। इसके बाद भानू रहस्यमय हालात में गायब हो गया। बहुत खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला जिसके बाद 30 मई को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 31 मई की रात 10 बजे के करीब दारागंज के दशाश्वमेध घाट पर उसका शव बरामद हुआ। अगले दिन सोशलमीडिया पर शव का फोटो देखकर परिजन मर्चरी पहुंचे और शिनाख्त की। रविवार दोपहर 12 बजे के करीब पोस्टमार्टम हुआ जिसके बाद परिजनों ने धूमनगंज थाने के सामने शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। आरोप लगाया कि गुड़वा, करन व गदऊ ने मिलकर हत्या करने के बाद भानू का शव गंगा में फेंक दिया। बहन प्रिया ने बताया कि आरोपी शराब पीने के बाद मछली मांग रहे थे जिसे देने से भानू ने इंकार किया। इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। थाने के सामने प्रदर्शन पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। काफी मानमनौव्वल पर भी परिजन नहीं माने। जिसके बाद पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया और तब जाकर करीब तीन घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। धूमनगंज इंस्पेक्टर जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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चौकी पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
मामले में परिजन नीवा चौकी पुलिस की लापरवाही पर भी बेहद आक्रोशित दिखे। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। हत्या की आशंका जताते हुए उसी दिन आरोपियों के नाम भी बताए गए, इसके बावजूद चौकी प्रभारी कार्रवाई की बजाय मामला टरकाते रहे। अगले दिन थाने में पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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रिश्तेदारों ने घर पर चढ़कर धमकाया
परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद उन्हें एक आरोपी गदऊ के रिश्तेदारों ने धमकाया भी। 30 मई को गुमशुदगी दर्ज होने की सूचना मिलने पर अगले दिन यानी 31 मई को गदऊ के दो रिश्तेदारों ने आकर मृतक के छोटे भाई को धमकाया। बताया कि गदऊ मूल रूप से करेली का रहने वाला है लेकिन इन दिनों वह नीवा स्थित ननिहाल में रह रहा है।


रोक के बावजूद अवैध रूप से बन रही शराब
सूत्रों का कहना है कि रोक के बावजूद नीवा कछार में अवैध रूप से शराब बनने का धंधा जारी है। पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के चलते अवैध शराब के कारोबारी बेरोकटोक अपना धंधा संचालित कर रहे हैं। यहां शराब बनने के साथ ही घाटों पर रोजाना रात में महफिलें सजती हैैं। जिसके बाद नशे में धुत होकर विवाद करने की भी घटनाएं आम हैं। आरोप है कि भानू को भी शराब के नशे में धुत होने के बाद आरोपियों ने मार डाला।
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