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पैसा दुगुना करने के बहाने करोड़ा की ठगी
Updated Thu, 06 Dec 2018 09:59 PM IST
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डेढ़ साल में रुपये दोगुना करने
का लालच देकर करोड़ों की ठगी
0 आगरा के कंपनी निदेशक समेत पांच पर सिविल लाइंस में केस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। डेढ़ साल में रुपये दोगुना करने का लालच देकर हजारों लोगों से एक कंपनी के कर्मचारियों ने मोटी रकम वसूल ली। उसके बाद अचानक कार्यालय में ताला बंद करके शातिर लापता हो गए। लोगों ने जब एजेंटों को घेरना शुरू किया तब मामला पुलिस तक पहुंचा। सिविल लाइंस पुलिस ने आगरा निवासी कंपनी निदेशक समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
कौंधियारा निवासी नीरज कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि भावना स्टेट सिकंदरा, आगरा निवासी विनोद श्रीवास्तव ने कुछ समय पहले धोबीघाट पेट्रोल पंप के पास साईं समृद्धि हाडट्स नाम से कंपनी खोली थी। इसके जरिए उसने लोगों को डेढ़ साल में रुपये दोगुना करने का लालच दिया। रुपये जमा कराने के लिए गांव-गांव में सैकड़ों एजेंट बनाए गए। नीरज के मुताबिक विनोद के अलावा हरियाणा, रेवाड़ी निवासी हरिओम शर्मा, रायबरेली निवासी मो.मेराज, सरायअकिल (कौशाम्बी) निवासी नितिन ताम्रकार एवं मालवीय नगर (प्रयागराज) निवासी आशुतोष मालवीय भी इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। नीरज भी लालच में आकर कंपनी का एजेंट बन गया। उसने खुद के कई लाख रुपये लगाने के साथ गांव के भी कई लोगों से रुपये जमा कराए। इसी तरह कई एजेंटों के जरिए रुपये जमा कराए गए। नीरज के मुताबिक एक करोड़ रुपये से अधिक रकम कंपनी में जमा हुई। कुछ माह पहले अचानक कंपनी के सिविल लाइंस कार्यालय पर ताला बंद हो गया। जब उन लोगों ने पता लगाया तब कंपनी के डॉयरेक्टर के रायबरेली मेें पकड़े जाने की सूचना मिली। इन लोगों ने वहां भी इसी तरह फर्जीवाड़ा किया था। ठगी का पता चलने पर रुपये जमा करने वालों के होश उड़ गए। इसकी शिकायत पुलिस में की गई। उसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कंपनी डॉयरेक्टर समेत उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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का लालच देकर करोड़ों की ठगी
0 आगरा के कंपनी निदेशक समेत पांच पर सिविल लाइंस में केस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। डेढ़ साल में रुपये दोगुना करने का लालच देकर हजारों लोगों से एक कंपनी के कर्मचारियों ने मोटी रकम वसूल ली। उसके बाद अचानक कार्यालय में ताला बंद करके शातिर लापता हो गए। लोगों ने जब एजेंटों को घेरना शुरू किया तब मामला पुलिस तक पहुंचा। सिविल लाइंस पुलिस ने आगरा निवासी कंपनी निदेशक समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
कौंधियारा निवासी नीरज कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि भावना स्टेट सिकंदरा, आगरा निवासी विनोद श्रीवास्तव ने कुछ समय पहले धोबीघाट पेट्रोल पंप के पास साईं समृद्धि हाडट्स नाम से कंपनी खोली थी। इसके जरिए उसने लोगों को डेढ़ साल में रुपये दोगुना करने का लालच दिया। रुपये जमा कराने के लिए गांव-गांव में सैकड़ों एजेंट बनाए गए। नीरज के मुताबिक विनोद के अलावा हरियाणा, रेवाड़ी निवासी हरिओम शर्मा, रायबरेली निवासी मो.मेराज, सरायअकिल (कौशाम्बी) निवासी नितिन ताम्रकार एवं मालवीय नगर (प्रयागराज) निवासी आशुतोष मालवीय भी इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। नीरज भी लालच में आकर कंपनी का एजेंट बन गया। उसने खुद के कई लाख रुपये लगाने के साथ गांव के भी कई लोगों से रुपये जमा कराए। इसी तरह कई एजेंटों के जरिए रुपये जमा कराए गए। नीरज के मुताबिक एक करोड़ रुपये से अधिक रकम कंपनी में जमा हुई। कुछ माह पहले अचानक कंपनी के सिविल लाइंस कार्यालय पर ताला बंद हो गया। जब उन लोगों ने पता लगाया तब कंपनी के डॉयरेक्टर के रायबरेली मेें पकड़े जाने की सूचना मिली। इन लोगों ने वहां भी इसी तरह फर्जीवाड़ा किया था। ठगी का पता चलने पर रुपये जमा करने वालों के होश उड़ गए। इसकी शिकायत पुलिस में की गई। उसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कंपनी डॉयरेक्टर समेत उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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