{"_id":"59a821224f1c1b18278b4ad8","slug":"15041907619-naini-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करछना में भूमाफियाओं पर चला प्रशासन का डंडा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
करछना में भूमाफियाओं पर चला प्रशासन का डंडा
Updated Thu, 31 Aug 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भूमाफिया के कब्जे से खाली कराई चार हजार बीघे जमीन
0 करछना कछारी इलाके में प्रशासन ने चलाया अभियान
0 मुक्त कराई पौने दो अरब रुपये से अधिक की सरकारी भूमि
अमर उजाला ब्यूरो
करछना/नैनी।
करछना तरहार में सरकारी जमीन पर कब्जा करके की जा रही खेती पर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई की। करछना के रामपुर उपरहार कछार, सेमरहा कछार, खजुरवल कछार व गड़ैला कछार की लगभग चार हजार बीघे से अधिक (963 हेक्टेयर) सरकारी जमीन को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया। खाली कराई गई जमीन की कीमत लगभग एक अरब 75 करोड़ 20 लाख बताई जा रही है।
डीएम संजय कुमार के निर्देश पर एसडीएम करछना विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई से भूमाफिया में खलबली मच गई। ग्रामीण क्षेत्र में दिन भर चली कार्रवाई में खजुरवल गांव में 279 हेक्टेयर, सेमरहा कछार में 88 हेक्टेयर, रामपुर कछार में 108 हेक्टेयर, गड़ैला में 489 हेक्टेयर जमीन दबंगों के कब्जे से मुक्त कराते हुए 22 से 25 लोगों के विरुद्ध लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई। खाली कराई गई जमीन पर भूमाफिया हर साल चार करोड़ से अधिक की कमाई कर रहे थे। इस जमीन पर कब्जा करने वाले वर्ष भर में एक फसल परवल, सरसों या चने की खेती करते हैं। भूमाफिया इस जमीन को 10 हजार रुपये प्रति बीघे की दर से किराए पर देते हैं।
कार्रवाई के दौरान सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान मौजूद रहे। कार्रवाई में हजारों बीघे में लगी परवल की फसल और झुग्गी झोपड़ियों को उजाड़कर प्रशासन ने कब्जा हटा दिया। एसडीएम करछना ने बताया कि अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कड़ी कार्र्रवाई की जाएगी। इन जमीनों पर सरकारी बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें इन जमीनों पर कब्जा करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी लिखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 करछना कछारी इलाके में प्रशासन ने चलाया अभियान
0 मुक्त कराई पौने दो अरब रुपये से अधिक की सरकारी भूमि
अमर उजाला ब्यूरो
करछना/नैनी।
करछना तरहार में सरकारी जमीन पर कब्जा करके की जा रही खेती पर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई की। करछना के रामपुर उपरहार कछार, सेमरहा कछार, खजुरवल कछार व गड़ैला कछार की लगभग चार हजार बीघे से अधिक (963 हेक्टेयर) सरकारी जमीन को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया। खाली कराई गई जमीन की कीमत लगभग एक अरब 75 करोड़ 20 लाख बताई जा रही है।
डीएम संजय कुमार के निर्देश पर एसडीएम करछना विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई से भूमाफिया में खलबली मच गई। ग्रामीण क्षेत्र में दिन भर चली कार्रवाई में खजुरवल गांव में 279 हेक्टेयर, सेमरहा कछार में 88 हेक्टेयर, रामपुर कछार में 108 हेक्टेयर, गड़ैला में 489 हेक्टेयर जमीन दबंगों के कब्जे से मुक्त कराते हुए 22 से 25 लोगों के विरुद्ध लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई। खाली कराई गई जमीन पर भूमाफिया हर साल चार करोड़ से अधिक की कमाई कर रहे थे। इस जमीन पर कब्जा करने वाले वर्ष भर में एक फसल परवल, सरसों या चने की खेती करते हैं। भूमाफिया इस जमीन को 10 हजार रुपये प्रति बीघे की दर से किराए पर देते हैं।
विज्ञापन
कार्रवाई के दौरान सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान मौजूद रहे। कार्रवाई में हजारों बीघे में लगी परवल की फसल और झुग्गी झोपड़ियों को उजाड़कर प्रशासन ने कब्जा हटा दिया। एसडीएम करछना ने बताया कि अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कड़ी कार्र्रवाई की जाएगी। इन जमीनों पर सरकारी बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें इन जमीनों पर कब्जा करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी लिखी जाएगी।
विज्ञापन